BRICS डिनर पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल, शिवराज बोले- ‘खाने में कमी हो या न हो, नाराज फूफा कमी जरूर ढूंढ लेते हैं’

BRICS 2026 के शाकाहारी गाला डिनर पर राहुल गांधी ने कहा कि 80% भारतीय मांसाहारी हैं। इस पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते हुए लिखा कि ‘नाराज फूफाओं’ की पहचान है कि खाने में कमी हो या न हो, वे कमी ढूंढ जरूर लेते हैं।

BRICS Summit 2026 के गाला डिनर में केवल शाकाहारी खाना परोसे जाने को लेकर कांग्रेस और BJP आमने-सामने हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 80 प्रतिशत भारतीय मांसाहारी हैं और भारतीय नॉन-वेज खाना स्वादिष्ट होता है। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘नाराज फूफा’ वाला तंज कसते हुए कहा कि खाने में कमी हो या न हो, नाराज फूफा कमी जरूर ढूंढ लेते हैं।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली | 14 सितंबर 2026

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BRICS के शाकाहारी डिनर को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर शिवराज सिंह चौहान ने ‘नाराज फूफा’ वाला तंज कसा।

खबर में खास

  • BRICS गाला डिनर में परोसा गया था पूरी तरह शाकाहारी भोजन
  • राहुल गांधी बोले- 80% भारतीय मांसाहारी हैं
  • शिवराज सिंह चौहान ने किया ‘नाराज फूफा’ वाला पलटवार
  • खाने के मेन्यू को लेकर BJP-कांग्रेस में तेज हुई सियासी बयानबाजी
BRICS Summit 2026 खत्म हो गया, लेकिन उसके गाला डिनर का मेन्यू अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS नेताओं के लिए आयोजित गाला डिनर में पूरी तरह शाकाहारी भोजन परोसा गया था। मेन्यू में अलग-अलग भारतीय क्षेत्रों के व्यंजनों के साथ मिलेट यानी श्री अन्न से बने पकवान भी शामिल थे।
इसी मेन्यू को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की एक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई, जिसके बाद BJP की ओर से पलटवार शुरू हो गया।
अब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी पर तंज कसते हुए ‘नाराज फूफा’ शब्द का इस्तेमाल किया है।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रिकॉर्ड के लिए बता दें कि 80 प्रतिशत भारतीय मांसाहारी हैं और भारतीय नॉन-वेज खाना स्वादिष्ट होता है।
उन्होंने इसके साथ अपनी बहन प्रियंका गांधी द्वारा बनाए गए छोले-भटूरे का भी जिक्र किया।
हालांकि राहुल गांधी की पोस्ट में BRICS डिनर का सीधा नाम नहीं लिया गया था, लेकिन यह पोस्ट उस समय सामने आई जब कांग्रेस नेता BRICS गाला डिनर के केवल शाकाहारी मेन्यू को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे थे।

शिवराज सिंह चौहान का ‘नाराज फूफा’ तंज

राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पलटवार किया।
उन्होंने लिखा—
“नाराज फूफाओं की एक पहचान और होती है, खाने में कमी हो या न हो, वो कमी जरूर ढूंढ लेते हैं।”
शिवराज सिंह चौहान का यह बयान सीधे तौर पर राहुल गांधी और कांग्रेस की आलोचना पर राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है।
इस टिप्पणी में उन्होंने PM मोदी द्वारा हाल के दिनों में विपक्ष के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ‘नाराज फूफा’ राजनीतिक मुहावरे को आगे बढ़ाया।

BRICS के डिनर में क्या-क्या था?

BRICS 2026 के गाला डिनर में विदेशी नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए पूरी तरह शाकाहारी भारतीय व्यंजन तैयार किए गए थे।
मेन्यू में पनीर लबाबदार, मशरूम गलौटी, मिलेट पुलाव, चुकंदर रायता, खांडवी, गुच्छी और जलेबी जैसे व्यंजन शामिल थे।
डिनर के जरिए भारत की अलग-अलग क्षेत्रीय खाद्य परंपराओं और शाकाहारी भोजन की विविधता को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने पेश करने की कोशिश की गई थी।

कांग्रेस ने क्यों उठाए सवाल?

कांग्रेस का तर्क था कि भारत में बड़ी आबादी मांसाहारी भोजन करती है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय आयोजन में केवल शाकाहारी भोजन परोसना भारत की पूरी खाद्य विविधता का प्रतिनिधित्व नहीं करता।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी BRICS डिनर के मेन्यू को लेकर BJP पर अपनी खान-पान की पसंद दूसरों पर थोपने का आरोप लगाया।
यहीं से यह विवाद सिर्फ खाने के मेन्यू तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व की बहस में बदल गया।

राहुल गांधी का ‘80%’ वाला आंकड़ा कितना सही?

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि 80 प्रतिशत भारतीय मांसाहारी हैं, लेकिन उन्होंने इस आंकड़े का स्रोत नहीं बताया।
NFHS-5 के आंकड़ों में 15 से 49 आयु वर्ग के 83.4 प्रतिशत पुरुष और 70.6 प्रतिशत महिलाएं कम से कम कभी-कभी मछली, चिकन या मांस खाने की बात कहती हैं। हालांकि इसे सीधे पूरे देश की आबादी का “80%” आंकड़ा मानना पूरी तरह सटीक तुलना नहीं है।
इसलिए राहुल गांधी के 80 प्रतिशत वाले आंकड़े को उनके राजनीतिक दावे के रूप में ही देखना उचित होगा।

किरेन रिजिजू ने भी किया था पलटवार

शिवराज सिंह चौहान से पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दे चुके हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर खाने के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच को इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
BJP नेताओं का कहना है कि मेहमानों के सामने भारतीय शाकाहारी भोजन की विविधता पेश करना अपने आप में भारत की संस्कृति का एक हिस्सा है।

आखिर ‘नाराज फूफा’ क्या है?

पिछले कुछ दिनों से BJP नेताओं की राजनीतिक भाषा में ‘नाराज फूफा’ शब्द लगातार सुनाई दे रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तंज करते हुए इस शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया था जो सरकार की उपलब्धियों में भी कमी निकालते हैं।
इसके बाद BJP के कई नेता इस राजनीतिक मुहावरे को अलग-अलग मुद्दों पर कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
अब शिवराज सिंह चौहान ने खाने के विवाद को भी इसी ‘नाराज फूफा’ वाले तंज से जोड़ दिया है।

खाने से शुरू हुई बहस, राजनीति तक पहुंची

BRICS Summit का गाला डिनर मूल रूप से विदेशी मेहमानों के सामने भारत की खान-पान परंपराओं को पेश करने का अवसर था।
लेकिन शाकाहारी मेन्यू को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी और फिर BJP नेताओं के जवाब के बाद यह मामला राजनीतिक बहस में बदल गया।
एक तरफ कांग्रेस इसे भारत की खाद्य विविधता से जोड़ रही है, तो दूसरी तरफ BJP का कहना है कि विपक्ष अंतरराष्ट्रीय आयोजन के खाने तक में राजनीति ढूंढ रहा है।
अब शिवराज सिंह चौहान के ‘नाराज फूफा’ वाले बयान ने इस बहस को सोशल मीडिया पर और दिलचस्प बना दिया है।
सवाल यह है कि BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत की पहचान दिखाने के लिए केवल शाकाहारी मेन्यू ठीक था, या देश की नॉन-वेज खाद्य परंपराओं को भी जगह मिलनी चाहिए थी?

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