निशु आजाद के पिता से मारपीट: वायरल वीडियो से उठे सवाल, राहुल गांधी के भरोसे के बाद कानूनी मदद की पहल
जंतर-मंतर की घटना में कार्रवाई की मांग तेज हुई। परिवार ने पुलिस पर सवाल उठाए हैं, जबकि FIR संबंधी रिपोर्ट में मामला दर्ज होने और मौके पर दो युवकों को पकड़े जाने का उल्लेख है।
निशु आजाद के पिता से मारपीट का मामला एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप के बाद फिर चर्चा में है। राहुल गांधी ने मदद का भरोसा दिया है। जानिए परिवार की मांग और FIR से सामने आई जानकारी।
निशु आजाद के पिता से मारपीट पर बढ़ा विवाद, CJP पहुंची संसद मार्ग थाना; राहुल गांधी ने दिया साथ का भरोसा
नई दिल्ली। निशु आजाद के पिता से मारपीट का मामला अब पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को लेकर चर्चा में है। आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की एक पॉडकास्ट क्लिप सामने आने के बाद परिवार ने कार्रवाई की मांग दोहराई है। निशु की अपील पर राहुल गांधी ने सहयोग का भरोसा दिया है। TV9 की रिपोर्ट
इस बीच, CJP से जुड़े लोग संसद मार्ग थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने किसी प्रभाव में काम करने के आरोप का खंडन किया है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट
23 जून को जंतर-मंतर पर क्या हुआ था?
आजतक की FIR संबंधी रिपोर्ट के मुताबिक, घटना 23 जून 2026 की है। संजय कुमार अपनी बेटी निशु और एक परिचित के साथ CJP के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। शाम लगभग साढ़े पांच बजे वीडियो बनाने को लेकर उनका एक युवक से विवाद हुआ। शिकायत में साथियों के साथ घेरकर मारपीट और सिर पर ठोस वस्तु से वार करने का आरोप है। आजतक की रिपोर्ट
FIR में दो नाम, मेडिकल रिकॉर्ड में सिर पर चोट
रिपोर्ट के अनुसार, FIR में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम दर्ज हैं। मौके पर दो युवकों को पकड़ा गया था। RML अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड में संजय के सिर पर दो घाव दर्ज होने का उल्लेख है। संसद मार्ग थाने में FIR संख्या 62/2026 दर्ज हुई। आजतक
पॉडकास्ट क्लिप से दोबारा क्यों उठा मामला?
TV9 के मुताबिक, वायरल क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने मारपीट और नेताओं से नजदीकी के दावे किए। परिवार ने इस क्लिप को लेकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग उठाई। संजय का कहना है कि उनके सिर में सात टांके लगे, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं। TV9
यहां दो बातें अलग हैं—क्लिप में किसी व्यक्ति का दावा और जांच में उसका प्रमाणित होना। राजनीतिक संपर्क बताने से किसी नेता की मिलीभगत सिद्ध नहीं होती। पूरी रिकॉर्डिंग का स्वतंत्र सत्यापन भी इस खबर के लिए नहीं हुआ है।
निशु ने राहुल गांधी से मांगी मदद
निशु ने पिता के लिए न्याय मांगते हुए राहुल गांधी से सहायता की अपील की। राहुल ने साथ देने का आश्वासन दिया और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। रिपोर्ट में अखिलेश यादव तथा चंद्रशेखर आजाद की ओर से भी सहयोग का भरोसा दिए जाने का उल्लेख है। TV9
संसद मार्ग थाने पहुंची CJP, पुलिस ने क्या कहा?
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, CJP ने थाने पहुंचकर मामले में कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी सवाल उठाए। दूसरी तरफ पुलिस ने प्रभाव में कार्रवाई करने की बात को गलत बताया। नवभारत टाइम्स
पुलिस का यह पक्ष खबर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। परिवार की नाराजगी को दर्ज करना जरूरी है, लेकिन उसे पुलिस की मिलीभगत की पुष्टि मान लेना सही नहीं होगा।
कांग्रेस की कानूनी टीम की पहल
आजतक ने सूत्रों के हवाले से कांग्रेस की कानूनी टीम के संसद मार्ग थाने पहुंचने की जानकारी दी। टीम की ओर से अतिरिक्त धाराएं जोड़ने और गिरफ्तारी के लिए कानूनी मदद की पहल का उल्लेख है। स्वतंत्र भारद्वाज ने आजतक से बातचीत में विवाद वीडियो बनाने से शुरू होने की बात कही। आजतक
क्या नई गिरफ्तारी हुई या धाराएं जुड़ीं?
उपलब्ध रिपोर्टों से नई गिरफ्तारी या अतिरिक्त धाराएं जोड़े जाने की पुष्टि नहीं होती। कानूनी टीम का कोई मांग रखना और पुलिस द्वारा उसे स्वीकार करना अलग घटनाक्रम हैं। इसी तरह घटना के दिन पकड़े जाने का उल्लेख वर्तमान में हिरासत में होने की पुष्टि नहीं करता।
फिलहाल परिवार कार्रवाई चाहता है, पुलिस प्रभाव में काम करने के आरोप को नकार रही है और कानूनी मदद की पहल सामने आई है। आगे की खबर में जांच की स्थिति, आरोपी का विस्तृत पक्ष और पुलिस के दस्तावेज आधारित स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण होंगे। FIR में नाम दर्ज होना दोषसिद्धि नहीं है; आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत का होगा।
