5 नवंबर से दिल्ली-NCR के दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम! सरकारी-प्राइवेट कर्मचारियों के लिए आदेश, निर्माण कार्यों पर भी रोक; जानिए किसे मिलेगी छूट

केंद्र की CAQM के निर्देश पर 5 से 20 नवंबर तक छह क्षेत्रों में दफ्तरों की उपस्थिति सीमित; नोएडा-गाजियाबाद से गुरुग्राम तक असर, जरूरी सेवाओं और औद्योगिक इकाइयों को शर्तों के साथ छूट

Delhi NCR Work From Home: 5 से 20 नवंबर तक दिल्ली और पांच NCR जिलों में सरकारी-निजी दफ्तरों में अधिकतम 50% उपस्थिति रहेगी। बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे। जानें किन जिलों में नियम लागू होगा और किसे छूट है।

5 नवंबर से दिल्ली-NCR के दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम! सरकारी-प्राइवेट कर्मचारियों के लिए आदेश, निर्माण कार्यों पर भी रोक; जानिए किसे मिलेगी छूट

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वायु प्रदूषण के मद्देनजर दिल्ली और पांच NCR जिलों में 5 से 20 नवंबर तक दफ्तरों की उपस्थिति सीमित करने का निर्देश।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली/गुरुग्राम | 3 नवंबर 2026

खबर में खास

  • 5 से 20 नवंबर तक दिल्ली और पांच NCR जिलों में अधिकतम 50% कर्मचारियों की कार्यालय उपस्थिति।
  • बाकी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था।
  • नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत भी नियम के दायरे में।
  • पूरे NCR में धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर प्रतिबंध।
  • आवश्यक सेवाओं और कुछ औद्योगिक प्रतिष्ठानों को छूट।
नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण के बीच केंद्र सरकार के अधीन वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देश अब सरकारी और निजी कार्यालयों की कार्यप्रणाली बदलने जा रहे हैं। 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक दिल्ली और आसपास के पांच जिलों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालयों में उपस्थित रह सकेंगे। शेष कर्मचारियों के लिए घर से काम करने की व्यवस्था करनी होगी।
इस फैसले के अनुपालन में गुरुग्राम नगर निगम ने भी निर्देश जारी किए हैं। मंगलवार, 3 नवंबर को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, कार्यालयों को नए नियम लागू करने से पहले कर्मचारियों का रोस्टर तैयार करना होगा।

किन शहरों में लागू होगा 50% वर्क फ्रॉम होम?

CAQM के 30 अक्टूबर के आदेश के अनुसार, यह व्यवस्था राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलावा हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत तथा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिलों में लागू होगी।
गौतमबुद्ध नगर में नोएडा और ग्रेटर नोएडा भी शामिल हैं।
इसका मतलब है कि प्रभावित क्षेत्रों की सरकारी और निजी कंपनियों को कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति सीमित रखनी होगी।
हालांकि, सभी कर्मचारियों को एक साथ छुट्टी नहीं मिलेगी। यह घर से काम करने की व्यवस्था है, जिसमें कर्मचारियों की ड्यूटी और उपस्थिति का निर्धारण संबंधित कार्यालय करेगा।

क्या सभी प्राइवेट कंपनियों पर आदेश लागू होगा?

आदेश सामान्य सरकारी और निजी कार्यालयों पर लागू है।
लेकिन जिन औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आवश्यक सेवाओं में घर से काम करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, उन्हें छूट दी गई है।
ऐसी संस्थाओं को अपने काम की प्रकृति और लागू नियमों के अनुसार व्यवस्था बनानी होगी।
इसलिए कर्मचारी अपने कार्यालय या HR विभाग से आधिकारिक रोस्टर की पुष्टि करें।

निर्माण कार्यों पर कितने दिन की रोक?

5 से 20 नवंबर तक पूरे NCR में धूल पैदा करने वाले बाहरी निर्माण और तोड़फोड़ के कार्य प्रतिबंधित रहेंगे।
प्रतिबंध के दायरे में सड़कों, हाईवे, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पाइपलाइन और बिजली ट्रांसमिशन जैसे कई निर्माण कार्य भी आ सकते हैं।
हालांकि, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अस्पताल, पेयजल, स्वच्छता, रक्षा और राष्ट्रीय महत्व की आवश्यक परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के साथ छूट दी गई है।

केंद्र सरकार ने अभी यह फैसला क्यों लिया?

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अक्टूबर के अंत में CAQM की तैयारियों की समीक्षा की थी।
आयोग के अनुसार, बीते वर्षों में नवंबर के शुरुआती सप्ताहों के दौरान दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी तक पहुंचता रहा है।
कम हवा, मौसम में बदलाव, वाहनों के उत्सर्जन और निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल के कारण प्रदूषक वातावरण में जमा हो जाते हैं।
इसी जोखिम को देखते हुए इस बार पहले से एहतियाती प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।

आदेश लागू कौन कराएगा?

CAQM ने दिल्ली और संबंधित NCR राज्यों के प्रशासन को निर्देशों के पालन की जिम्मेदारी दी है।
गुरुग्राम में संबंधित विभागों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने, निर्माण कार्यों की निगरानी और कार्यालयों का रोस्टर तैयार कराने को कहा गया है।
अधिकारियों को कार्रवाई की रिपोर्ट भी देनी होगी।

कर्मचारियों को अभी क्या करना चाहिए?

यदि आप दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद या सोनीपत में काम करते हैं, तो अपने कार्यालय से 5 नवंबर से लागू उपस्थिति व्यवस्था की जानकारी लें।
कर्मचारियों को यह भी स्पष्ट कर लेना चाहिए कि उनकी शिफ्ट, घर से काम करने की पात्रता और आवश्यक सेवाओं की छूट किस तरह लागू होगी।
सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या इस व्यवस्था से प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी और क्या सभी संबंधित कार्यालय निर्धारित समय पर नए नियम लागू कर पाएंगे?

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