बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए BJP से चुनाव लड़ीं, अब अपनी ही सरकार से सवाल! RG Kar पीड़िता की मां बोलीं—‘सत्ता बदली, भ्रष्टाचार नहीं’

पश्चिम बंगाल की BJP विधायक रत्ना देबनाथ ने मेडिकल कॉलेजों में कथित भ्रष्टाचार जारी रहने का आरोप लगाया; CBI की जांच पर नाराजगी, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से कार्रवाई की मांग करेंगी

RG Kar Case: पीड़िता की मां और BJP विधायक रत्ना देबनाथ ने पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के बावजूद मेडिकल कॉलेजों में भ्रष्टाचार जारी रहने का आरोप लगाया। CBI की जांच से भी असंतुष्ट, अब मुख्यमंत्री के सामने मामला उठाएंगी।

टी को इंसाफ दिलाने के लिए BJP से चुनाव लड़ीं, अब अपनी ही सरकार से सवाल! RG Kar पीड़िता की मां बोलीं—'सत्ता बदली, भ्रष्टाचार नहीं'

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RG Kar पीड़िता की मां और BJP विधायक रत्ना देबनाथ ने CBI जांच तथा मेडिकल कॉलेजों में कथित भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | कोलकाता | 3 नवंबर 2026

खबर में खास

  • RG Kar दुष्कर्म-हत्या मामले की पीड़िता की मां अब BJP विधायक हैं।
  • रत्ना देबनाथ ने आरोप लगाया कि बंगाल में सरकार बदलने के बाद भी मेडिकल कॉलेजों में भ्रष्टाचार कम नहीं हुआ।
  • CBI की जांच की प्रगति पर भी गंभीर असंतोष जताया।
  • मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलकर न्याय और कथित भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई मांगेंगी।
  • अगस्त 2026 में राज्य सरकार ने मामले की नई जांच की घोषणा भी की थी।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भी कोलकाता के चर्चित RG Kar दुष्कर्म-हत्या मामले को लेकर सवाल समाप्त नहीं हुए हैं। इस बार सवाल उठाने वाली कोई विपक्षी नेता नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की अपनी विधायक और पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ हैं।
पानीहाटी से BJP विधायक रत्ना देबनाथ ने आरोप लगाया है कि राज्य में सरकार बदल गई, लेकिन मेडिकल कॉलेजों में कथित भ्रष्टाचार की स्थिति नहीं बदली। उन्होंने अपनी बेटी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच पर भी नाराजगी जताई है।

न्याय की उम्मीद में राजनीति में आई थीं रत्ना देबनाथ

9 अगस्त 2024 को कोलकाता के RG Kar मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई थी।
इस घटना के बाद देशभर में डॉक्टरों, विद्यार्थियों और नागरिक संगठनों ने प्रदर्शन किए थे। पीड़िता के माता-पिता ने न्याय की मांग करते हुए लंबी लड़ाई लड़ी।
रत्ना देबनाथ ने बाद में BJP की सदस्यता ली। उनका मानना था कि राज्य की सत्ता में परिवर्तन के बिना उनकी बेटी को न्याय मिलना कठिन होगा।
2026 के विधानसभा चुनाव में वह पानीहाटी से BJP के टिकट पर जीतकर विधायक बनीं।

अपनी ही सरकार से अब क्या शिकायत है?

रत्ना देबनाथ का कहना है कि राज्य में राजनीतिक सत्ता बदलने के बावजूद मेडिकल कॉलेजों के भीतर पहले जैसी समस्याएं मौजूद हैं।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें कई मेडिकल कॉलेजों में कथित अनियमितताओं से संबंधित दस्तावेज मिले हैं।
उनका कहना है कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
हालांकि, जिन दस्तावेजों का उन्होंने उल्लेख किया है, उनसे जुड़े नए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

CBI पर क्यों भड़कीं पीड़िता की मां?

रत्ना देबनाथ ने अपनी बेटी के मामले में CBI की जांच की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने स्वयं जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग नहीं की थी। मामले को CBI के पास कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर भेजा गया था।
उन्होंने जांच एजेंसी के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वह अपना काम नहीं कर पा रही है तो उसे जिम्मेदारी छोड़ देनी चाहिए।
जनवरी 2025 में एक आरोपी को दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। लेकिन परिवार का कहना है कि व्यापक साजिश और अन्य संभावित जिम्मेदार व्यक्तियों से जुड़े प्रश्न अब भी अनुत्तरित हैं।

BJP सरकार ने अब तक क्या किया?

पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में BJP सरकार बनी।
अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री ने RG Kar मामले की नई जांच कराने की घोषणा की थी। यह फैसला रत्ना देबनाथ के अनुरोध के बाद लिया गया बताया गया था।
सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और कथित प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात भी कही है।
इसलिए विधायक की ताजा नाराजगी के साथ राज्य सरकार द्वारा पहले घोषित जांच को भी समझना जरूरी है।

अब मुख्यमंत्री के सामने क्या सवाल रखेंगी?

रत्ना देबनाथ ने कहा है कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलकर अपनी बेटी के लिए न्याय और मेडिकल कॉलेजों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की मांग करेंगी।
उनकी टिप्पणी ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रश्न सामने रखा है।
जब न्याय की उम्मीद में सत्ता परिवर्तन का समर्थन करने वाली पीड़िता की मां खुद सत्तारूढ़ दल की विधायक बन जाएं और फिर भी जांच तथा प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाएं, तो सरकार और जांच एजेंसियों को उन सवालों का उत्तर कैसे देना चाहिए?

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