SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे ओवैसी, 15 अक्टूबर को सुनवाई की मांग; CJI ने क्या कहा?
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनके वकील ने 15 अक्टूबर को अन्य संबंधित मामलों के साथ सुनवाई का अनुरोध किया।
Asaduddin Owaisi SIR Petition: ओवैसी ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। जानिए गुरुवार की सुनवाई को लेकर CJI ने क्या कहा।
SIR पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे असदुद्दीन ओवैसी, गुरुवार को सुनवाई की मांग; राहुल गांधी भी दे चुके हैं याचिका
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने SIR प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए जल्द सुनवाई की मांग की।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली | 14 अक्टूबर 2026
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद अब सुप्रीम कोर्ट में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। बुधवार, 14 अक्टूबर को AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने SIR की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
ओवैसी की ओर से अधिवक्ता निजामुद्दीन पाशा ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने याचिका का उल्लेख किया। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि इस मामले को गुरुवार, 15 अक्टूबर को SIR से जुड़ी अन्य लंबित याचिकाओं के साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
खबर में खास
असदुद्दीन ओवैसी ने SIR की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
वकील निजामुद्दीन पाशा ने 15 अक्टूबर को सुनवाई का अनुरोध किया।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने याचिका सूचीबद्ध करने के अनुरोध पर विचार करने की बात कही।
राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेता भी SIR विवाद को अदालत में उठा चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट में ओवैसी के वकील ने क्या कहा?
बुधवार को ओवैसी की ओर से अधिवक्ता निजामुद्दीन पाशा मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ के सामने पेश हुए।
उन्होंने बताया कि उनकी याचिका मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लागू करने के तरीके से संबंधित है।
पाशा ने अदालत से अनुरोध किया कि ओवैसी की याचिका को गुरुवार को सुनवाई के लिए निर्धारित समान मामलों के साथ जोड़ा जाए।
मुख्य न्यायाधीश ने संबंधित याचिकाओं और सुनवाई के अनुरोध पर विचार करने की बात कही। हालांकि, ओवैसी की याचिका पर कोई अंतिम न्यायिक फैसला नहीं दिया गया है।
ओवैसी ने SIR की किस प्रक्रिया को चुनौती दी?
ओवैसी की याचिका का मुख्य विषय चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किए जाने का तरीका है।
वह इससे पहले भी SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की थी।
ओवैसी का कहना रहा है कि गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को दस्तावेज उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, मौजूदा याचिका में अदालत से मांगी गई सभी विशिष्ट राहतों का पूरा प्रमाणित विवरण अभी उपलब्ध नहीं है।
राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं ने क्या मांग की?
इससे पहले 12 अक्टूबर को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं ने भी SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया, चुनाव आयोग के फैसलों और संबंधित दस्तावेजों की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी के नेतृत्व में दाखिल याचिका में SIR से जुड़े निर्णयों की न्यायिक समीक्षा और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जाँच की मांग की गई है।
हालांकि, उनकी याचिका में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने प्रक्रियागत आपत्तियां दर्ज की थीं। ओवैसी की याचिका इससे अलग है।
INDIA गठबंधन से दूर रहकर भी SIR पर सवाल क्यों उठा रहे ओवैसी?
असदुद्दीन ओवैसी ने इससे पहले स्पष्ट किया था कि AIMIM, INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है। इसी वजह से वह दिल्ली में गठबंधन के विरोध मार्च में शामिल नहीं हुए थे।
इसके बावजूद ओवैसी मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
अब उन्होंने इसी मुद्दे को कानूनी तरीके से सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया है। हालांकि, इसका अर्थ AIMIM के INDIA गठबंधन में शामिल होने से नहीं है।
SIR क्या है और अब सुप्रीम कोर्ट में आगे क्या होगा?
SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है। यह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसके जरिए मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन और आवश्यक सुधार किए जाते हैं।
चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को मतदाता सूची की शुद्धता के लिए आवश्यक बताता रहा है। दूसरी ओर, विपक्षी दल पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने और प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
ओवैसी ने अपनी याचिका की सुनवाई 15 अक्टूबर को संबंधित मामलों के साथ करने का आग्रह किया है।
फिलहाल ओवैसी की याचिका पर कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस याचिका को कब सूचीबद्ध करता है और SIR की प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों पर आगे क्या सुनवाई होती है।