UP Special TET 2026: टीईटी में फेल 62 हजार शिक्षकों को मिलेगा एक और मौका, सरकार ने विशेष परीक्षा को दी मंजूरी
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को जल्द विज्ञापन जारी करने के निर्देश, 31 अगस्त 2028 तक कार्यरत शिक्षकों को पूरी करनी है टीईटी की अनिवार्यता
उत्तर प्रदेश सरकार ने टीईटी की अनिवार्य योग्यता पूरी नहीं कर पाए कार्यरत शिक्षकों के लिए स्पेशल टीईटी कराने की योजना को मंजूरी दे दी है। परीक्षा का आयोजन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग करेगा। आवेदन की तारीख, परीक्षा कार्यक्रम और विस्तृत पात्रता जल्द जारी होने वाले आधिकारिक विज्ञापन में बताई जाएगी।
टीईटी में असफल शिक्षकों के लिए बड़ी राहत
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत उन शिक्षकों के लिए राहत की खबर सामने आई है, जो शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET पास नहीं कर पाए हैं। प्रदेश सरकार ने ऐसे शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा—स्पेशल टीईटी—कराने की योजना को मंजूरी दे दी है।
बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को प्राथमिकता के आधार पर विशेष टीईटी का विज्ञापन जारी करने और परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले के बाद हजारों कार्यरत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्य योग्यता हासिल करने का एक और अवसर मिलेगा। हालांकि स्पेशल टीईटी की आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा की तारीख, शुल्क और पाठ्यक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक विज्ञापन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
62 हजार से ज्यादा कार्यरत शिक्षक हुए थे असफल
यूपी टीईटी 2026 में कुल 2,68,799 कार्यरत शिक्षक शामिल हुए थे। इनमें प्राथमिक स्तर पर 1,22,405 और उच्च प्राथमिक स्तर पर 1,46,394 कार्यरत शिक्षकों ने परीक्षा दी थी।
जारी परिणाम के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर 93,387 और उच्च प्राथमिक स्तर पर 1,13,384 कार्यरत शिक्षक सफल हुए। दोनों स्तरों को मिलाकर 2,06,771 कार्यरत शिक्षकों ने टीईटी की परीक्षा पास की।
इस हिसाब से कुल 62,028 कार्यरत शिक्षक परीक्षा में सफल नहीं हो पाए। स्पेशल टीईटी का फैसला इन्हीं जैसे सेवारत शिक्षकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कौन दे सकेगा स्पेशल टीईटी?
स्पेशल टीईटी का आयोजन मुख्य रूप से उन शिक्षकों के लिए किया जाएगा, जो उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पहले से पढ़ा रहे हैं, लेकिन अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्य योग्यता पूरी नहीं कर पाए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इसके दायरे में बेसिक शिक्षा परिषद, स्थानीय निकाय तथा उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक आ सकते हैं।
यह सामान्य टीईटी से अलग परीक्षा होगी। सामान्य टीईटी में शिक्षक बनने की पात्रता हासिल करने वाले अभ्यर्थी शामिल होते हैं, जबकि स्पेशल टीईटी का उद्देश्य पहले से सेवा दे रहे शिक्षकों को अनिवार्य पात्रता पूरी करने का अतिरिक्त अवसर देना है।
अंतिम पात्रता शर्तें आयोग के आधिकारिक विज्ञापन से ही तय होंगी। इसलिए शिक्षक विज्ञापन जारी होने से पहले किसी अनधिकृत वेबसाइट के दावे पर भरोसा न करें।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अनिवार्य हुआ टीईटी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 के आदेश में संबंधित कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया था। शिक्षकों को यह योग्यता पूरी करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया गया है।
इस आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के उन शिक्षकों में चिंता बढ़ गई थी, जिनकी नियुक्ति पहले हो चुकी थी लेकिन उन्होंने टीईटी पास नहीं किया था। शिक्षक संगठनों की तरफ से ऐसे शिक्षकों को अतिरिक्त अवसर देने और विशेष परीक्षा कराने की मांग भी उठाई जा रही थी।
प्रदेश सरकार द्वारा स्पेशल टीईटी को मंजूरी देने के बाद अब इन शिक्षकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पात्रता हासिल करने का एक और मौका मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री योगी ने दिए थे अलग परीक्षा के निर्देश
जुलाई 2026 में यूपी टीईटी की तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि पहले से सेवा दे रहे शिक्षकों को सीमित अवसरों के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्हें अपनी पात्रता साबित करने के लिए पर्याप्त मौके उपलब्ध कराए जाने चाहिए। अब सरकार की मंजूरी और आयोग को दिए गए निर्देशों के बाद विशेष परीक्षा आयोजित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
क्या स्पेशल टीईटी पास होते ही नौकरी सुरक्षित हो जाएगी?
स्पेशल टीईटी में सफल होने वाले शिक्षक टीईटी की अनिवार्य पात्रता पूरी कर सकेंगे। हालांकि किसी शिक्षक की सेवा, पदोन्नति या अन्य विभागीय लाभ का अंतिम फैसला संबंधित सेवा नियमों, न्यायालय के आदेश और सरकार की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार होगा।
अभी यह कहना सही नहीं होगा कि परीक्षा की मंजूरी मिलते ही सभी असफल शिक्षकों की नौकरी स्वतः सुरक्षित हो गई है। फिलहाल उन्हें योग्यता हासिल करने के लिए एक अतिरिक्त अवसर देने का रास्ता साफ हुआ है।
आवेदन कब से शुरू होंगे?
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को जल्द विज्ञापन जारी करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक आवेदन शुरू होने की तारीख घोषित नहीं हुई है। परीक्षा की निश्चित तारीख भी अभी सामने नहीं आई है।
आयोग के विज्ञापन में निम्न जानकारियां दी जाएंगी:
- आवेदन शुरू होने और समाप्त होने की तारीख
- परीक्षा शुल्क
- प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की पात्रता
- परीक्षा का पाठ्यक्रम और पैटर्न
- प्रवेश पत्र जारी होने की तारीख
- परीक्षा केंद्र और परीक्षा का समय
- उत्तीर्ण होने के लिए आवश्यक न्यूनतम अंक
अभ्यर्थियों और कार्यरत शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि वे उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली सूचना का इंतजार करें।
अभी इन बातों की आधिकारिक घोषणा बाकी
सरकार ने स्पेशल टीईटी कराने की योजना को मंजूरी दे दी है, लेकिन परीक्षा से संबंधित पूरी अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। आवेदन की तारीख, परीक्षा कार्यक्रम, फीस और पात्रता की विस्तृत शर्तों को लेकर सोशल मीडिया पर चलने वाली अपुष्ट सूचनाओं से बचना जरूरी है।
परीक्षा में कौन-कौन से कार्यरत शिक्षक शामिल हो सकेंगे और असफल अभ्यर्थियों को कितने अतिरिक्त अवसर मिलेंगे, इसकी अंतिम जानकारी आधिकारिक विज्ञापन से ही सामने आएगी।
हजारों शिक्षकों को अब विज्ञापन का इंतजार
प्रदेश सरकार के फैसले से टीईटी में असफल हुए 62 हजार से ज्यादा कार्यरत शिक्षकों के बीच नई उम्मीद जगी है। अब उनकी नजर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा जारी किए जाने वाले स्पेशल टीईटी के विज्ञापन पर टिकी है।
अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि परीक्षा कब होगी, आवेदन कैसे करना होगा और किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। संबंधित शिक्षकों को अभी से अपनी शैक्षणिक तथा सेवा संबंधी जानकारी और दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।
