UP Politics: 2024 में एक-दूसरे के खिलाफ लड़े, अब तीनों सपा में! BJP के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बेटी संग थामी साइकिल
लखनऊ में अखिलेश यादव के सामने धर्मेंद्र कश्यप और कीर्ति कश्यप सपा में शामिल हुए। आंवला से भाजपा, सपा और बसपा के तीन प्रमुख पुराने प्रतिद्वंद्वी अब एक खेमे में हैं।
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UP Politics: पूर्व BJP सांसद धर्मेंद्र कश्यप बेटी संग सपा में शामिल। 2024 में आंवला से लड़े तीन बड़े प्रतिद्वंद्वी अब एक साथ। जानिए चुनावी गणित।
2024 में एक-दूसरे के खिलाफ लड़े, अब तीनों सपा में! BJP के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बेटी संग थामी साइकिल
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ/बरेली | 27 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी ने रुहेलखंड की राजनीति में नया दांव चला है। भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कुमार कश्यप मंगलवार को अपनी बेटी कीर्ति कश्यप और समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव की मौजूदगी में उनका स्वागत किया गया।
लेकिन इस राजनीतिक घटनाक्रम की सबसे दिलचस्प बात केवल भाजपा के पूर्व सांसद का सपा में आना नहीं है।
जिस आंवला लोकसभा सीट पर 2024 में भाजपा, सपा और बसपा के तीन प्रमुख उम्मीदवार एक-दूसरे को हराने के लिए चुनाव लड़ रहे थे, वे अब एक ही राजनीतिक खेमे में आ गए हैं। इसी वजह से इस बदलाव पर रुहेलखंड की राजनीति में विशेष नजर है
खबर में खास
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भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बेटी कीर्ति कश्यप के साथ सपा की सदस्यता ली।
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बसपा से चुनाव लड़ चुके आबिद अली भी समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।
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आंवला के मौजूदा सांसद नीरज मौर्य पहले से सपा में हैं।
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2024 में नीरज मौर्य ने धर्मेंद्र कश्यप को 15,969 वोटों से हराया था।
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धर्मेंद्र कश्यप ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए।
BJP छोड़ने के बाद अखिलेश के मंच पर पहुंचे धर्मेंद्र कश्यप
धर्मेंद्र कुमार कश्यप वर्ष 2014 और 2019 में भाजपा के टिकट पर आंवला लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे।
अक्टूबर की शुरुआत में राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में अपना नाम नहीं आने के बाद उन्होंने भाजपा नेतृत्व के प्रति नाराजगी जताई थी। सोशल मीडिया पर उनकी 'टाटा बाय-बाय' पोस्ट भी चर्चा में रही।
बाद में उन्होंने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और अखिलेश यादव से मुलाकात की। मंगलवार, 27 अक्टूबर को लखनऊ में सपा के कार्यक्रम में उनकी सदस्यता और राजनीतिक वापसी औपचारिक रूप से सामने आई।
धर्मेंद्र कश्यप पहले भी समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं। वह वर्ष 2013 में सपा छोड़कर भाजपा में गए थे। अब लगभग 13 साल बाद उनकी सपा में वापसी हुई है।
2024 में तीनों प्रतिद्वंद्वियों को कितने वोट मिले थे?
आंवला लोकसभा चुनाव 2024 के आंकड़े इस नए राजनीतिक समीकरण को समझने में महत्वपूर्ण हैं।
आंवला लोकसभा चुनाव 2024 — प्रमुख उम्मीदवार
| उम्मीदवार | तत्कालीन पार्टी | वोट |
| नीरज मौर्य | सपा | 4,92,515 |
| धर्मेंद्र कश्यप | भाजपा | 4,76,546 |
| आबिद अली | बसपा | 95,630 |
जीत का अंतर
15,969 वोट
विजेता
नीरज मौर्य (सपा)
