मोदी के वाराणसी में BJP को झटका! शिक्षक MLC चुनाव में सपा के लाल बिहारी यादव जीते, 5,015 वोटों से हराया

वाराणसी शिक्षक MLC सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव लगातार दूसरी बार जीते। भाजपा के डॉ. प्रमोद मिश्रा को 5,015 मतों से हराया। जानिए किसे कितने वोट मिले।

UP MLC Result 2026: वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने BJP के प्रमोद मिश्रा को 5,015 वोटों से हराया। जानिए पूरा परिणाम और राजनीतिक मायने।

मोदी के वाराणसी में BJP को झटका! शिक्षक MLC चुनाव में सपा के लाल बिहारी यादव जीते, 5,015 वोटों से हराया

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वाराणसी शिक्षक MLC सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने भाजपा के प्रमोद मिश्रा को 5,015 वोटों से हराया।

 

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | वाराणसी/लखनऊ | 28 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जारी राजनीतिक मुकाबले में वाराणसी से एक महत्वपूर्ण चुनावी परिणाम सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से जुड़े वाराणसी खंड शिक्षक विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 5,015 मतों से पराजित कर दिया है।
इस जीत के साथ लाल बिहारी यादव लगातार दूसरी बार विधान परिषद पहुंचने में सफल हुए हैं। खास बात यह है कि भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण वाराणसी में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव समाजवादी पार्टी ने जीता है।
हालांकि, यह सामान्य विधानसभा या लोकसभा चुनाव नहीं था। इसमें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के पंजीकृत मतदाताओं ने मतदान किया था। इसलिए इस परिणाम को पूरे वाराणसी के मतदाताओं का जनादेश बताना सही नहीं होगा।

खबर में खास

  • वाराणसी खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर सपा की जीत।
  • लाल बिहारी यादव को अंतिम गणना में 11,612 मत मिले।

  • भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,597 मत मिले।

  • दोनों प्रत्याशियों के बीच 5,015 मतों का अंतर रहा।

  • लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार यह सीट जीती।

  • उत्तर प्रदेश की अन्य शिक्षक और स्नातक सीटों के परिणामों में भाजपा ने भी कई महत्वपूर्ण जीत दर्ज की हैं।

वाराणसी में किसे मिले कितने वोट?

वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव शुरुआत से भाजपा प्रत्याशी पर बढ़त बनाए हुए थे।
पहली वरीयता के मतों की गणना में उन्हें 10,958 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,060 मत मिले।
पहली वरीयता में जीत के लिए आवश्यक मतसंख्या पूरी नहीं होने के कारण दूसरी वरीयता के मतों की गणना कराई गई।
अंतिम गणना में लाल बिहारी यादव के मत बढ़कर 11,612 हो गए, जबकि भाजपा प्रत्याशी के मत 6,597 तक पहुंचे। इस तरह सपा उम्मीदवार 5,015 मतों के अंतर से विजयी घोषित हुए।

अंतिम मतगणना का पूरा हिसाब

उम्मीदवार

पार्टी

अंतिम मत

लाल बिहारी यादव

समाजवादी पार्टी

11,612

डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा

भाजपा

6,597

चेतनारायण सिंह

निर्दलीय

3,471

निर्वाचन परिणाम की प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार अंतिम गणना में प्रमुख उम्मीदवारों की स्थिति।

लाल बिहारी यादव कौन हैं?

लाल बिहारी यादव उत्तर प्रदेश की शिक्षक राजनीति से जुड़े वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता हैं।
वह पहले भी वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुने जा चुके हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली है।
शिक्षक हितों, पुरानी पेंशन व्यवस्था, वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय और सेवा शर्तों जैसे मुद्दों पर वह लंबे समय से राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे हैं।
समाजवादी पार्टी ने इस चुनाव में एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और वह अपनी सीट बचाने में सफल रहे।

जीत के बाद अखिलेश यादव को दिया श्रेय

चुनाव जीतने के बाद लाल बिहारी यादव ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आभार जताया।
उन्होंने अपनी जीत को शिक्षकों से जुड़े मुद्दों और पार्टी की नीतियों से जोड़ते हुए कहा कि पुरानी पेंशन बहाली, मानदेय और शिक्षक हितों को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार आवाज उठाती रही है।
उन्होंने भाजपा सरकार की शिक्षा नीतियों पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि शिक्षक वर्ग में सरकार के प्रति नाराजगी है।
हालांकि, शिक्षकों की नाराजगी को लेकर यह विजेता उम्मीदवार का राजनीतिक आकलन है। इसे सभी शिक्षक मतदाताओं की राय नहीं माना जा सकता।

क्या भाजपा के बागी प्रत्याशी से भी बदला मुकाबला?

वाराणसी शिक्षक चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी चेतनारायण सिंह भी मैदान में थे।
चेतनारायण सिंह को अंतिम गणना में 3,471 मत मिले।
इससे मुकाबले में एक तीसरा महत्वपूर्ण उम्मीदवार मौजूद रहा, लेकिन यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि यदि वह चुनाव नहीं लड़ते तो उनके सभी वोट भाजपा के खाते में चले जाते।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. प्रमोद मिश्रा को 2020 के शिक्षक निर्वाचन में 6,830 वोट मिले थे। इस बार भाजपा प्रत्याशी के रूप में उन्हें अंतिम गणना में 6,597 मत मिले।

वाराणसी में सपा जीती, लेकिन दूसरी सीटों पर भाजपा का भी प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश में 23 अक्टूबर को विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन सीटों के लिए मतदान हुआ था। कुल 11 सीटों की मतगणना 27 अक्टूबर से शुरू हुई।
वाराणसी शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी को सफलता मिली, वहीं भाजपा ने मेरठ स्नातक, मेरठ शिक्षक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक और लखनऊ शिक्षक सीटों पर जीत दर्ज की।
28 अक्टूबर सुबह प्रकाशित टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में आगरा शिक्षक सीट पर भी समाजवादी पार्टी की जीत की जानकारी दी गई है। हालांकि, अन्य सीटों की मतगणना और परिणामों के अपडेट अलग-अलग समय पर बदल रहे हैं।
इसलिए एक सीट पर सपा की जीत को पूरे विधान परिषद चुनाव में भाजपा की हार बताना सही नहीं होगा

2027 विधानसभा चुनाव से पहले क्या संदेश?

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। इस वजह से यहां होने वाले किसी भी चुनावी मुकाबले का राजनीतिक महत्व बढ़ जाता है।
लेकिन विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होता है। इसमें पात्र और पंजीकृत शिक्षक मतदाता मतदान करते हैं।
इस परिणाम से यह जरूर स्पष्ट होता है कि वाराणसी खंड के शिक्षक मतदाताओं के बीच समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव अपना समर्थन बनाए रखने में सफल रहे हैं।
सपा इस जीत को अपने राजनीतिक अभियान की सफलता के रूप में पेश कर रही है, जबकि भाजपा को शिक्षक वर्ग से जुड़े मुद्दों और स्थानीय संगठन के प्रदर्शन पर विचार करना पड़ सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है—क्या वाराणसी शिक्षक सीट पर मिली यह जीत केवल लाल बिहारी यादव की व्यक्तिगत और संगठनात्मक पकड़ का परिणाम है, या 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले व्यापक राजनीतिक बदलाव का कोई शुरुआती संकेत?
इसका फैसला भविष्य के चुनावी परिणाम ही करेंगे।

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