UP के 57 हजार पंचायत सहायकों को बड़ी राहत, मानदेय ₹6000 से बढ़कर ₹9000; प्रधान-सचिव नहीं हटा सकेंगे नौकरी से
यूपी के 57 हजार से ज्यादा पंचायत सहायकों का मानदेय ₹6000 से बढ़ाकर ₹9000 किया जाएगा। प्रधान-सचिव अब उन्हें सीधे नहीं हटा सकेंगे। आंदोलन के मुकदमे वापस होंगे, हटाए गए सहायकों की बहाली और कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलेगी।
यूपी के 57 हजार से ज्यादा पंचायत सहायकों का मानदेय ₹6000 से बढ़ाकर ₹9000 किया जाएगा। प्रधान-सचिव अब उन्हें सीधे नहीं हटा सकेंगे। आंदोलन के मुकदमे वापस होंगे, हटाए गए सहायकों की बहाली और कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलेगी।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 16 सितंबर 2026
यूपी के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों का मासिक मानदेय ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 करने का फैसला किया गया है।
खबर में खास
₹6,000 से बढ़कर ₹9,000 होगा मासिक मानदेय
57 हजार से ज्यादा पंचायत सहायकों को मिलेगा लाभ
प्रधान-सचिव अब सीधे नौकरी से नहीं हटा सकेंगे
मुकदमे वापस होंगे, हटाए गए सहायकों की होगी बहाली
उत्तर प्रदेश में लंबे समय से मानदेय और सेवा सुरक्षा की मांग कर रहे पंचायत सहायकों को सरकार ने बड़ी राहत दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत के बाद पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत सहायकों के लिए कई फैसलों की जानकारी दी।
सबसे बड़ा फैसला मानदेय को लेकर हुआ है। अभी पंचायत सहायकों को ₹6,000 प्रतिमाह मिलते हैं। इसे बढ़ाकर ₹9,000 प्रतिमाह किया जाएगा। यानी हर महीने ₹3,000 और सालभर में ₹36,000 अतिरिक्त मिलेंगे। प्रतिशत के हिसाब से यह 50% की बढ़ोतरी है।
57 हजार से ज्यादा सहायकों को फायदा
सरकार के इस फैसले का लाभ प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को मिलने की बात कही गई है।
अभी पंचायत सहायकों का मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। नई व्यवस्था के लिए कैबिनेट से स्वीकृति लेकर DBT यानी Direct Benefit Transfer लागू करने की तैयारी है।
इसके बाद ₹9,000 का मानदेय सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
प्रधान-सचिव अब सीधे नहीं हटा सकेंगे
पंचायत सहायकों के लिए दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव service security से जुड़ा है।
अब ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अपने स्तर पर किसी पंचायत सहायक को पद से नहीं हटा सकेंगे।
किसी पंचायत सहायक को हटाने के मामले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी जांच करेगी और उसी प्रक्रिया के आधार पर फैसला होगा।
यानी पंचायत सहायकों की सेवा समाप्त करने का अधिकार अब अकेले प्रधान या सचिव के स्तर पर नहीं रहेगा।
आंदोलन में दर्ज मुकदमे होंगे वापस
पंचायत सहायकों के आंदोलन को लेकर सरकार ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के मुताबिक आंदोलन के दौरान जिन पंचायत सहायकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा।
इसके साथ ही आंदोलन के दौरान कार्रवाई कर जिन पंचायत सहायकों को पद से हटा दिया गया था, उन्हें दोबारा बहाल करने की बात भी कही गई है।
कैशलेस इलाज की भी सुविधा
पंचायत सहायकों को अब केवल बढ़ा हुआ मानदेय ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधा भी मिलेगी।
सरकार ने पंचायत सहायकों को कैशलेस उपचार की सुविधा देने का फैसला किया है।
ओम प्रकाश राजभर के मुताबिक पंचायत सहायक के परिवार को भी कैशलेस सुविधा का लाभ दिए जाने की बात है।
महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश
महिला पंचायत सहायकों के लिए भी बड़ा बदलाव किया गया है।
उन्हें अब मातृत्व अवकाश की सुविधा मिलेगी। यह मांग पंचायत सहायक संगठन पहले से उठाते रहे हैं।
क्यों आंदोलन कर रहे थे पंचायत सहायक?
प्रदेश के पंचायत सहायक पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर लखनऊ के ईको गार्डन में प्रदर्शन कर रहे थे।
उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय बढ़ाना, सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण और महिला सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाएं शामिल थीं।
7 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक संगठनों ने मानदेय को ₹18,000 से ₹25,000 तक करने सहित पांच प्रमुख मांगें उठाई थीं।
यानी सरकार ने मानदेय बढ़ाकर ₹9,000 करने सहित कई मांगों पर राहत दी है, लेकिन आंदोलनकारियों की सभी मूल मांगें उसी रूप में स्वीकार हुई हैं, ऐसा कहना सही नहीं होगा।
राजभर की CM योगी से बातचीत के बाद ऐलान
पंचायत सहायकों के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मुद्दे पर चर्चा की।
राजभर के मुताबिक बातचीत के बाद ₹9,000 मासिक मानदेय समेत दूसरे फैसले किए गए।
इसके बाद पंचायत सहायकों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इन फैसलों की जानकारी दी गई।
पंचायत सहायकों के लिए क्या-क्या बदला?
सरकार की घोषणा के मुताबिक पंचायत सहायकों को अब ₹6,000 की जगह ₹9,000 प्रतिमाह मिलेंगे। भुगतान DBT से सीधे खाते में भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
प्रधान-सचिव सीधे उन्हें पद से नहीं हटा सकेंगे। डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी प्रक्रिया पूरी करेगी।
इसके अलावा आंदोलन के मुकदमे वापस लेने, हटाए गए पंचायत सहायकों को बहाल करने, कैशलेस इलाज और महिला सहायकों को मातृत्व अवकाश देने का फैसला भी किया गया