‘एक फार्म हाउस में मेरी हत्या की साजिश रची गई’, बाराबंकी पथराव के बाद चंद्रशेखर आजाद का बड़ा आरोप
बाराबंकी में काफिले पर कथित पथराव के बाद चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि एक फार्म हाउस में योजना बनी और पेट्रोल-डीजल की बोतलों से उनकी कार जलाने की तैयारी थी।
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बाराबंकी में काफिले को रोके जाने और कथित पथराव के बाद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की साजिश रची गई थी और कुछ लोग पेट्रोल-डीजल से भरी बोतलों के जरिए उनकी गाड़ी में आग लगाने की तैयारी में थे। आजाद ने सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | बाराबंकी | 16 सितंबर 2026
बाराबंकी की घटना के बाद चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
खबर में खास
चंद्रशेखर आजाद ने लगाया हत्या की साजिश का आरोप
एक फार्म हाउस में योजना बनाए जाने का किया दावा
बोले- पेट्रोल-डीजल की बोतलों से गाड़ी जलाने की तैयारी थी
सरकार से उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग
उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि एक फार्म हाउस में उन्हें जान से मारने की साजिश तैयार की गई थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग पेट्रोल और डीजल से भरी बोतलें लेकर घूम रहे थे और उनकी गाड़ी में आग लगाने की तैयारी थी।
‘एक फार्म हाउस में मेरी हत्या का षड्यंत्र रचा गया’
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह हत्या की कथित साजिश की बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं।
उनका दावा है कि उनके पास जो सूचनाएं और स्रोत हैं, वे विश्वसनीय हैं।
इसी आधार पर उन्होंने सरकार से मांग की है कि हत्या की कथित साजिश से लेकर बाराबंकी में हुई हिंसा तक पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
हालांकि चंद्रशेखर के हत्या की साजिश वाले आरोप की अभी स्वतंत्र जांच से पुष्टि सामने नहीं आई है।
‘मेरी गाड़ी को आग लगाने की तैयारी थी’
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान कुछ लोग पेट्रोल-डीजल से भरी बोतलें लेकर घूम रहे थे।
उनके मुताबिक ऐसे लोग उनकी गाड़ी तलाश रहे थे और उसे आग लगाने की तैयारी थी।
आजाद ने सवाल उठाया कि जब सुरक्षा प्राप्त एक निर्वाचित सांसद के साथ दिनदहाड़े इस तरह की घटना हो सकती है तो आम लोगों की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी।
आखिर बाराबंकी में हुआ क्या था?
इस विवाद की शुरुआत 13 सितंबर को हुई।
चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ गोंडा जा रहे थे। वह वहां विनोद साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने वाले थे।
बाराबंकी में शाहपुर टोल के पास उनके काफिले को रोक दिया गया।
इसके बाद पुलिस और चंद्रशेखर के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। इसी दौरान काफिले पर कथित तौर पर पथराव हुआ और कई वाहनों के शीशे टूट गए।
पथराव में कार्यकर्ताओं के घायल होने का दावा
घटना के बाद आजाद समाज पार्टी की तरफ से कहा गया कि पथराव में कई कार्यकर्ता घायल हुए।
इस मामले में दो तहरीरें भी दिए जाने की खबर सामने आई।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक एक तहरीर अधिवक्ता शनी वर्मा और दूसरी आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष देशराज की तरफ से दी गई। इसमें कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की बात कही गई।
आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बाद में घटना की निष्पक्ष जांच और सांसद की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग भी उठाई।
चंद्रशेखर ने पुलिस पर भी लगाए आरोप
चंद्रशेखर आजाद ने बाराबंकी की घटना में पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
उनका आरोप है कि उनके काफिले पर हमला करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं हुई।
इससे पहले उन्होंने दावा किया था कि पथराव पुलिस के इशारे पर हुआ।
यह चंद्रशेखर आजाद का आरोप है और उपलब्ध रिपोर्टों में इसे किसी आधिकारिक जांच का निष्कर्ष नहीं बताया गया है।
‘राजनीतिक रूप से नहीं रोक पाए तो हत्या की साजिश’
चंद्रशेखर ने अपने बयान में इस घटना को अपनी राजनीतिक गतिविधियों से भी जोड़ा।
उन्होंने कहा कि आरक्षण, UGC और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग समुदायों से जुड़े मामलों में वह लगातार आवाज उठा रहे हैं।
उनका आरोप है कि राजनीतिक रूप से उन्हें रोक नहीं पाने के कारण अब उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है।
विरोधियों को भी दी चेतावनी
चंद्रशेखर आजाद ने बिना किसी व्यक्ति का नाम लिए अपने विरोधियों को भी चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि मौत से डरकर नहीं जिया जा सकता और उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि अगर उनके समर्थकों ने उन्हें ताकत दी और कथित साजिश करने वाले अपने मंसूबों में सफल नहीं हुए तो ऐसे लोगों को उत्तर प्रदेश से पलायन करना पड़ेगा।
अब जांच पर टिकी नजर
बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर कथित पथराव की घटना पहले ही राजनीतिक मुद्दा बन चुकी थी।
अब सांसद ने सीधे अपनी हत्या की साजिश और गाड़ी जलाने की तैयारी का आरोप लगाकर मामले को और गंभीर बना दिया है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या जांच में चंद्रशेखर आजाद के आरोपों की पुष्टि होती है और बाराबंकी की घटना के पीछे कौन लोग थे।