रविदास मेहरोत्रा कौन हैं? 174-लखनऊ मध्य से 3 बार विधायक, अखिलेश सरकार में रहे मंत्री; जानिए पूरा राजनीतिक सफर
छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले रविदास मेहरोत्रा 1989 में पहली बार विधायक बने, 2016 में अखिलेश सरकार में मंत्री रहे और 2022 में लखनऊ मध्य सीट पर तीसरी बार जीत दर्ज की
रविदास मेहरोत्रा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और 174-लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। जानिए उनका जन्म, शिक्षा, छात्र राजनीति, विधानसभा चुनावों का इतिहास, मंत्री पद, 2024 लोकसभा चुनाव, संपत्ति और चुनावी शपथपत्र में घोषित मुकदमों की पूरी जानकारी।
रविदास मेहरोत्रा कौन हैं?
रविदास मेहरोत्रा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और 174–लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह अब तक तीन बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं। अखिलेश यादव की सरकार में वह परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार भी रह चुके हैं।
छात्र राजनीति और जन आंदोलनों से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले रविदास मेहरोत्रा करीब पांच दशक से लखनऊ की राजनीति में सक्रिय हैं। उनकी पहचान सड़क से लेकर विधानसभा तक नागरिक समस्याओं को उठाने वाले नेताओं में होती है।
महंगाई, बेरोजगारी, व्यापारियों की समस्याएं, सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली-पानी, सड़क और दूसरी स्थानीय नागरिक सुविधाएं उनके राजनीतिक आंदोलनों के प्रमुख विषय रहे हैं।
जन्म और पारिवारिक परिचय
रविदास मेहरोत्रा का जन्म 21 अप्रैल 1955 को लखनऊ में हुआ था। उनके पिता का नाम स्वर्गीय वाई.एस. मेहरोत्रा था।
उनका विवाह वर्ष 1981 में रश्मि मेहरोत्रा से हुआ था। उपलब्ध पारिवारिक विवरण के अनुसार उनकी एक पुत्री और एक पुत्र हैं।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल उनके चुनावी शपथपत्र में उनकी पत्नी को दिवंगत बताया गया था।
रविदास मेहरोत्रा की शिक्षा
रविदास मेहरोत्रा ने अपनी उच्च शिक्षा लखनऊ से ही पूरी की।
चुनावी शपथपत्र के मुताबिक उन्होंने:
- वर्ष 1975 में जयनारायण डिग्री कॉलेज से BSc की।
- वर्ष 1979 में लखनऊ विश्वविद्यालय से LLB की उपाधि प्राप्त की।
इस तरह वह शिक्षा से विज्ञान स्नातक और विधि स्नातक हैं। हालांकि उनका अधिकांश सार्वजनिक जीवन राजनीति, सामाजिक सेवा और आंदोलनों में बीता है।
छात्र राजनीति से हुई राजनीतिक जीवन की शुरुआत
रविदास मेहरोत्रा का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से शुरू हुआ।
वह जयनारायण महाविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष रहे। इसके बाद वह लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के महामंत्री भी चुने गए।
छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों की समस्याओं और नागरिक मुद्दों को लेकर कई आंदोलनों में भाग लिया।
यही दौर था जिसने उन्हें लखनऊ की स्थानीय राजनीति में पहचान दिलाई।
समाजवादी आंदोलन से जुड़ाव
पढ़ाई पूरी करने के बाद रविदास मेहरोत्रा समाजवादी विचारधारा से जुड़े।
उन्होंने अलग-अलग समाजवादी संगठनों के साथ काम किया और बाद में समाजवादी पार्टी से अपनी राजनीतिक यात्रा आगे बढ़ाई।
पार्टी संगठन में भी उन्होंने प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारियां संभालीं। अलग-अलग समय में वह समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव सहित कई संगठनात्मक पदों पर रहे।
रविदास मेहरोत्रा की राजनीतिक शैली का बड़ा हिस्सा धरना, प्रदर्शन और जन आंदोलन रहा है।
1989 में पहली बार बने विधायक
रविदास मेहरोत्रा पहली बार नवंबर 1989 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए।
उस समय उन्होंने लखनऊ पूर्व विधानसभा क्षेत्र से जनता दल के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था।
| उम्मीदवार | पार्टी | प्राप्त वोट |
|---|---|---|
| रविदास मेहरोत्रा | जनता दल | 23,966 |
| स्वरूप कुमारी बख्शी | कांग्रेस | 17,053 |
| भगवती प्रसाद शुक्ल | भाजपा | 10,764 |
रविदास मेहरोत्रा ने कांग्रेस प्रत्याशी स्वरूप कुमारी बख्शी को 6,913 मतों के अंतर से हराया।
यह उनका पहला विधानसभा कार्यकाल था।
पहली जीत के बाद लंबा चुनावी संघर्ष
1989 की जीत के बाद रविदास मेहरोत्रा ने लखनऊ की अलग-अलग सीटों से कई चुनाव लड़े।
इस दौरान उन्हें कई बार हार का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने स्थानीय राजनीति और समाजवादी आंदोलन में अपनी सक्रियता जारी रखी।
वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में वह लखनऊ पूर्व सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार थे।
उस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी विद्यासागर गुप्ता ने उन्हें केवल 339 वोटों के मामूली अंतर से हराया था।
इतनी करीबी हार के बावजूद रविदास मेहरोत्रा लखनऊ में लगातार सक्रिय रहे।
2012 में दूसरी बार विधानसभा पहुंचे
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2012 में समाजवादी पार्टी ने रविदास मेहरोत्रा को 174–लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया।
इस बार उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की।
| उम्मीदवार | पार्टी | प्राप्त वोट |
|---|---|---|
| रविदास मेहरोत्रा | समाजवादी पार्टी | 62,622 |
| विद्यासागर गुप्ता | भाजपा | 39,890 |
रविदास मेहरोत्रा ने भाजपा प्रत्याशी विद्यासागर गुप्ता को 22,732 वोटों के अंतर से हराया।
इस जीत के साथ वह दूसरी बार उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे।
2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में सरकार बनाई और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने।
अखिलेश यादव सरकार में बने मंत्री
अखिलेश यादव सरकार के अंतिम दौर में वर्ष 2016 में रविदास मेहरोत्रा को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया।
उन्हें मुख्य रूप से:
- परिवार कल्याण
- मातृ कल्याण
- शिशु कल्याण
से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी दी गई।
वह इन विभागों के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रहे।
उनके मंत्री कार्यकाल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, टीकाकरण और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित प्रशासनिक जिम्मेदारियां उनके विभाग के दायरे में थीं।
उनका मंत्री कार्यकाल 2016 से 2017 तक रहा।
2017 में ब्रजेश पाठक से हुआ मुकाबला
2017 के विधानसभा चुनाव में रविदास मेहरोत्रा एक बार फिर लखनऊ मध्य सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार बने।
इस बार भाजपा ने उनके सामने ब्रजेश पाठक को उतारा।
| उम्मीदवार | पार्टी | प्राप्त वोट |
|---|---|---|
| ब्रजेश पाठक | भाजपा | 78,400 |
| रविदास मेहरोत्रा | समाजवादी पार्टी | 73,306 |
ब्रजेश पाठक ने उन्हें 5,094 वोटों के अंतर से पराजित किया।
इस हार के बाद रविदास मेहरोत्रा वर्ष 2017 से 2022 तक विधानसभा से बाहर रहे।
2022 में तीसरी बार विधायक बने
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर रविदास मेहरोत्रा पर भरोसा जताया।
भाजपा ने इस बार लखनऊ मध्य से रजनीश कुमार गुप्ता को प्रत्याशी बनाया।
| उम्मीदवार | पार्टी | प्राप्त वोट | मत प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| रविदास मेहरोत्रा | समाजवादी पार्टी | 1,04,488 | 49.62% |
| रजनीश कुमार गुप्ता | भाजपा | 93,553 | 44.43% |
रविदास मेहरोत्रा ने भाजपा उम्मीदवार को 10,935 वोटों के अंतर से हराया।
इस जीत के साथ उन्होंने पांच साल बाद लखनऊ मध्य सीट पर वापसी की और तीसरी बार विधायक बने।
2024 में लखनऊ से लोकसभा चुनाव
समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में रविदास मेहरोत्रा को लखनऊ संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया।
उनका मुकाबला भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से हुआ।
| उम्मीदवार | पार्टी | प्राप्त वोट |
|---|---|---|
| राजनाथ सिंह | भाजपा | 6,12,709 |
| रविदास मेहरोत्रा | समाजवादी पार्टी | 4,77,550 |
रविदास मेहरोत्रा को 4,77,550 वोट मिले।
राजनाथ सिंह ने उन्हें 1,35,159 मतों के अंतर से पराजित किया।
लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद रविदास मेहरोत्रा लखनऊ मध्य के विधायक बने रहे।
रविदास मेहरोत्रा का राजनीतिक सफर: Timeline
| वर्ष | प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम |
|---|---|
| छात्र जीवन | जयनारायण महाविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष |
| छात्र जीवन | लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के महामंत्री |
| 1989 | जनता दल से लखनऊ पूर्व के विधायक निर्वाचित |
| 2002 | लखनऊ पूर्व से केवल 339 वोटों से चुनाव हारे |
| 2012 | समाजवादी पार्टी से लखनऊ मध्य के विधायक बने |
| 2016–2017 | परिवार कल्याण तथा मातृ-शिशु कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार |
| 2017 | लखनऊ मध्य में ब्रजेश पाठक से चुनाव हारे |
| 2022 | लखनऊ मध्य से तीसरी बार विधायक बने |
| 2024 | लखनऊ लोकसभा सीट से SP उम्मीदवार, राजनाथ सिंह से पराजित |
| वर्तमान | 174–लखनऊ मध्य से समाजवादी पार्टी के विधायक |
सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियां
रविदास मेहरोत्रा का राजनीतिक जीवन केवल चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं रहा है।
वह अलग-अलग सामाजिक, राजनीतिक और जन संगठनों से भी जुड़े रहे हैं।
उपलब्ध सार्वजनिक विवरणों में उनका नाम लोक सेनानी कल्याण से जुड़े संगठनों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के साथ भी जुड़ा मिलता है।
उनकी प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं:
- महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन
- बेरोजगारी के मुद्दे
- व्यापारियों की समस्याएं
- बिजली-पानी और सड़क के मुद्दे
- सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था
- स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े सवाल
- गरीब एवं जरूरतमंदों की सहायता
- दुर्घटना पीड़ितों की मदद
- विधानसभा में लखनऊ की स्थानीय समस्याओं को उठाना
संगठनों में उनके वर्तमान पद समय के साथ बदल सकते हैं, इसलिए किसी मौजूदा संगठनात्मक पद को प्रकाशित करते समय आधिकारिक पुष्टि करना उचित होगा।
विधानसभा में रविदास मेहरोत्रा की सक्रियता
विधायकों की गतिविधियों को track करने वाली संस्था PRS के उपलब्ध आंकड़ों में रविदास मेहरोत्रा की विधानसभा उपस्थिति लगभग 98.4 प्रतिशत दर्ज की गई है।
इसी data period में प्रदेश के विधायकों की औसत उपस्थिति लगभग 86.8 प्रतिशत बताई गई थी।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह संबंधित tracking period तक का आंकड़ा है, पूरे मौजूदा विधानसभा कार्यकाल का अंतिम attendance figure नहीं।
2024 के शपथपत्र में कितनी संपत्ति घोषित की?
रविदास मेहरोत्रा ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में नया चुनावी शपथपत्र दाखिल किया था।
यह वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल affidavit से अधिक नया public declaration है।
| विवरण | 2024 में घोषित जानकारी |
|---|---|
| कुल संपत्ति | ₹1,18,50,112 |
| कुल देनदारियां | ₹88,480 |
| पेशा | विधानसभा सदस्य |
| शैक्षणिक योग्यता | LLB |
| आयु | 69 वर्ष |
| घोषित लंबित आपराधिक मामले | 18 |
ये आंकड़े उम्मीदवार की ओर से चुनाव आयोग को दिए गए स्वघोषित चुनावी शपथपत्र पर आधारित हैं।
इसका अर्थ यह नहीं है कि वर्ष 2026 में भी उनकी वर्तमान संपत्ति बिल्कुल इतनी ही है।
इसलिए वेबसाइट पर इसे:
“2024 के चुनावी शपथपत्र में घोषित संपत्ति”
के रूप में ही लिखें।
रविदास मेहरोत्रा पर कितने मुकदमे घोषित हैं?
2024 के लोकसभा चुनाव के शपथपत्र में रविदास मेहरोत्रा ने 18 लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी।
इन मामलों में अलग-अलग समय के धरना-प्रदर्शन, निषेधाज्ञा उल्लंघन, रास्ता रोकने, सरकारी काम में बाधा, बलवा और दूसरी धाराओं से जुड़े मामलों का उल्लेख है।
कुछ मामलों में गंभीर धाराओं का भी विवरण दिया गया है।
लेकिन यहां कानूनी रूप से एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है:
मुकदमा दर्ज होना, आरोप लगना और अदालत द्वारा दोषी ठहराया जाना तीन अलग-अलग बातें हैं।
इसलिए रविदास मेहरोत्रा को केवल इन pending cases के आधार पर “अपराधी” या “दोषी” नहीं कहा जा सकता।
सही wording होगी:
“2024 के चुनावी शपथपत्र में उन्होंने 18 लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी घोषित की थी।”
2022 के विधानसभा चुनावी affidavit में उनके खिलाफ 22 मामले घोषित थे, जबकि 2024 के नवीनतम affidavit में संख्या 18 दर्ज है।
इसीलिए मौजूदा profile में newer 2024 declaration का इस्तेमाल करना ज्यादा उचित है।
लखनऊ की राजनीति में रविदास मेहरोत्रा की पहचान
रविदास मेहरोत्रा की राजनीतिक पहचान लखनऊ की जमीनी समाजवादी राजनीति से जुड़े पुराने नेता के रूप में रही है।
उनके करीब पांच दशक लंबे सार्वजनिक जीवन के कुछ प्रमुख पड़ाव हैं:
- छात्र राजनीति से शुरुआत
- लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका
- 1989 में पहली बार विधायक
- जनता दल से समाजवादी पार्टी तक का सफर
- 2012 में दूसरी विधानसभा जीत
- अखिलेश यादव सरकार में मंत्री
- 2017 में हार
- 2022 में लखनऊ मध्य से वापसी
- तीन बार विधानसभा सदस्य
- 2024 में लखनऊ से लोकसभा चुनाव
- स्थानीय नागरिक मुद्दों पर लगातार आंदोलन
लंबे राजनीतिक जीवन में उन्हें चुनावी जीत और हार दोनों का सामना करना पड़ा, लेकिन लखनऊ मध्य और आसपास के क्षेत्रों में उनकी राजनीतिक सक्रियता लगातार बनी रही।
एक नजर में रविदास मेहरोत्रा
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | रविदास मेहरोत्रा |
| जन्म | 21 अप्रैल 1955 |
| जन्मस्थान | लखनऊ, उत्तर प्रदेश |
| पिता | स्वर्गीय वाई.एस. मेहरोत्रा |
| शिक्षा | BSc, LLB |
| पार्टी | समाजवादी पार्टी |
| विधानसभा क्षेत्र | 174–लखनऊ मध्य |
| पहली विधानसभा जीत | 1989, लखनऊ पूर्व |
| दूसरी जीत | 2012, लखनऊ मध्य |
| तीसरी जीत | 2022, लखनऊ मध्य |
| मंत्री पद | राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार, परिवार कल्याण एवं मातृ-शिशु कल्याण |
| 2024 लोकसभा चुनाव | लखनऊ से SP प्रत्याशी |
| 2024 लोकसभा वोट | 4,77,550 |
| 2024 घोषित संपत्ति | ₹1.18 करोड़ से अधिक |
| 2024 घोषित लंबित मामले | 18 |
Website के लिए Short Biography
रविदास मेहरोत्रा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और 174–लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधायक हैं। उनका जन्म 21 अप्रैल 1955 को लखनऊ में हुआ। उन्होंने वर्ष 1975 में जयनारायण डिग्री कॉलेज से BSc और वर्ष 1979 में लखनऊ विश्वविद्यालय से LLB की शिक्षा प्राप्त की। छात्र राजनीति में वह जयनारायण महाविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष और लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के महामंत्री रहे। वर्ष 1989 में वह जनता दल के टिकट पर लखनऊ पूर्व से पहली बार विधायक बने। 2012 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ मध्य से दूसरी जीत दर्ज की और वर्ष 2016 में अखिलेश यादव सरकार में परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाए गए। 2017 में भाजपा के ब्रजेश पाठक से 5,094 वोटों से हारने के बाद उन्होंने 2022 में वापसी की और भाजपा प्रत्याशी रजनीश कुमार गुप्ता को 10,935 वोटों से हराकर तीसरी बार विधानसभा पहुंचे। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने लखनऊ सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में 4,77,550 वोट हासिल किए, लेकिन भाजपा के राजनाथ सिंह से हार गए।
