लखनऊ में सई नदी पर बनेगा 2-लेन पुल, ₹19.94 करोड़ से बदलेगी हरौनी-भटगवां की राह; जानिए कब शुरू होगा काम
शासन स्तर से परियोजना को मिली सहमति, 1,571 मीटर लंबे प्रोजेक्ट में नदी के ऊपर बनेगा 90 मीटर का मुख्य पुल
लखनऊ के हरौनी और भटगवां पाण्डेय के बीच सई नदी पर दो लेन का नया पुल बनाने की तैयारी है। करीब ₹19.94 करोड़ की इस परियोजना को शासन स्तर से सहमति मिल चुकी है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था बेहतर करने और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी परियोजना आगे बढ़ी है। हरौनी और भटगवां पाण्डेय के बीच हुलासखेड़ा के सामने सई नदी पर दो लेन का नया पुल बनाया जाएगा। परियोजना के पूरा होने से आसपास के गांवों और कस्बों में रहने वाले लोगों का आवागमन अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
करीब ₹19.94 करोड़ की आएगी लागत
रिपोर्ट के मुताबिक, सई नदी पर प्रस्तावित पुल परियोजना पर लगभग ₹19.94 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। पुल और उससे जुड़े संपर्क मार्गों को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लंबाई 1,571.23 मीटर होगी। इसमें सई नदी के ठीक ऊपर बनने वाले मुख्य पुल की लंबाई करीब 90 मीटर रखी गई है।
परियोजना में केवल नदी पर पुल का निर्माण ही नहीं होगा, बल्कि दोनों तरफ संपर्क मार्ग और आवश्यक सुरक्षा कार्य भी किए जाने की संभावना है। इससे पुल तक वाहनों की आवाजाही आसान हो सकेगी।
इन इलाकों को मिल सकती है बड़ी राहत
नया पुल हरौनी और भटगवां पाण्डेय के बीच संपर्क को बेहतर करेगा। हुलासखेड़ा तथा आसपास के गांवों के लोगों को आने-जाने के लिए अधिक सुविधाजनक रास्ता मिलने की उम्मीद है। स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों, किसानों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।
पुल बनने के बाद लोगों को वैकल्पिक और लंबा रास्ता तय करने की समस्या से राहत मिलने तथा क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। हालांकि वास्तविक लाभ परियोजना पूरी होने और यातायात के लिए खोले जाने के बाद ही स्पष्ट होगा।
विधायक राजेश्वर सिंह ने भेजा था प्रस्ताव
रिपोर्ट में बताया गया है कि क्षेत्रीय विधायक राजेश्वर सिंह ने सई नदी पर पुल बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसके बाद शासन के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने परियोजना का खाका तैयार किया और इसे अनुमोदन के लिए भेजा।
शासन ने कथित तौर पर 26 अगस्त को प्रस्ताव पर सहमति जताई। यह परियोजना के आगे बढ़ने की अहम प्रक्रिया है, लेकिन निर्माण शुरू होने से पहले वित्तीय स्वीकृति सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी होनी बाकी हैं।
कब शुरू हो सकता है निर्माण?
विभागीय अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि परियोजना को अगले एक-दो महीने में वित्तीय स्वीकृति मिलने की संभावना है। वित्तीय मंजूरी के बाद टेंडर और दूसरी विभागीय प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसलिए अभी पुल के निर्माण की निश्चित शुरुआत और उसके पूरा होने की तारीख घोषित नहीं हुई है।
पुल से क्षेत्र के विकास को भी मिलेगी रफ्तार
बेहतर सड़क संपर्क से केवल यात्रा आसान नहीं होती, बल्कि स्थानीय कारोबार, कृषि उत्पादों की ढुलाई और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच भी बेहतर हो सकती है। सई नदी पर पुल बनने से आसपास के इलाकों में नए विकास कार्यों और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर परियोजना की वित्तीय स्वीकृति और निर्माण शुरू होने की आधिकारिक घोषणा पर रहेगी।
