मेरठ प्रशासन ने भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन से जुड़े छात्र नेता शान मोहम्मद को तीन महीने के लिए जिलाबदर कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। शान को नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद का करीबी बताया जाता है।
चंद्रशेखर के करीबी पर प्रशासन का शिकंजा, मेरठ में मुनादी के बाद नोटिस चस्पा
चंद्रशेखर आजाद के करीबी शान मोहम्मद तीन महीने के लिए मेरठ से जिलाबदर
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 28 सितंबर 2026
खबर में खास
छात्र नेता शान मोहम्मद पर पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई
एडीएम कोर्ट ने ‘गुंडा’ घोषित कर किया जिलाबदर
तीन महीने तक मेरठ में प्रवेश करने पर रोक
घर पर नोटिस लगाकर इलाके में कराई गई मुनादी
पुलिस के अनुसार आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज
भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन से जुड़े बताए जाते हैं शान
मेरठ में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के करीबी बताए जाने वाले छात्र नेता शान मोहम्मद के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एडीएम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें तीन महीने के लिए मेरठ की सीमा से जिलाबदर कर दिया गया है।
रविवार को किठौर पुलिस शान मोहम्मद के घर पहुंची और जिलाबदर का नोटिस चस्पा किया। इसके बाद इलाके में मुनादी कराकर लोगों को प्रशासन के आदेश की जानकारी दी गई।
तीन महीने तक मेरठ में प्रवेश पर रोक
प्रशासन के आदेश के अनुसार, शान मोहम्मद अगले तीन महीने तक मेरठ की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इस अवधि में वह जिले के अंदर पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ आदेश के उल्लंघन में कार्रवाई की जा सकती है और गिरफ्तारी भी हो सकती है।
पुलिस के मुताबिक, एडीएम कोर्ट में चली कार्रवाई के बाद शान मोहम्मद को गुंडा अधिनियम के तहत जिलाबदर किया गया है। हालांकि इस कार्रवाई पर शान मोहम्मद या आजाद समाज पार्टी की विस्तृत प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं शान
किठौर के रहने वाले शान मोहम्मद लंबे समय से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन के पदाधिकारी के रूप में भी जाना जाता है।
वह विश्वविद्यालय में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कई धरना-प्रदर्शनों में शामिल रहे हैं। चंद्रशेखर आजाद और आजाद समाज पार्टी से जुड़े कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रियता बताई जाती है।
पुलिस ने बताया क्यों हुई कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि शान मोहम्मद के खिलाफ अलग-अलग मामलों में आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। छात्र आंदोलनों और प्रदर्शनों के दौरान भी उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें जिलाबदर करने के लिए प्रशासन को रिपोर्ट भेजी थी।
हाल ही में मेरठ के गंगानगर क्षेत्र में एक छात्रा की मौत के मामले को लेकर हुए प्रदर्शन में भी शान मोहम्मद शामिल हुए थे। पुलिस के अनुसार, रातभर चले प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
कार्रवाई के राजनीतिक मायने
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब चंद्रशेखर आजाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार अपनी पार्टी का विस्तार कर रहे हैं। इससे पहले कई मौकों पर चंद्रशेखर आजाद और मेरठ पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी सामने आ चुकी है।
अब उनके करीबी छात्र नेता को जिलाबदर किए जाने से पुलिस कार्रवाई पर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। आजाद समाज पार्टी इसे अपने कार्यकर्ताओं के खिलाफ दबाव की कार्रवाई बताती है या कानूनी प्रक्रिया मानती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
पुलिस शान मोहम्मद के खिलाफ दर्ज मुकदमों को जिलाबदर की कार्रवाई का आधार बता रही है, लेकिन चंद्रशेखर आजाद से जुड़ाव के कारण मामला राजनीतिक रंग भी ले सकता है। अब बड़ा सवाल यह है कि आजाद समाज पार्टी इस कार्रवाई को कानून का हिस्सा मानेगी या अपने बढ़ते संगठन को रोकने की कोशिश बताएगी?