‘SIR में गड़बड़ी हुई तो प्रियंका गांधी कैसे जीतीं?’ चिराग पासवान ने कांग्रेस से पूछा सीधा सवाल

चिराग पासवान बोले—जहां कांग्रेस और विपक्ष जीतता है, वहां चुनाव प्रक्रिया सही; NDA की जीत होने पर चुनाव आयोग पर क्यों उठाए जाते हैं सवाल?

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने SIR को लेकर कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रियंका गांधी की वायनाड जीत का जिक्र करते हुए पूछा कि यदि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी है तो कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव कैसे जीत रहे हैं।

प्रियंका गांधी की वायनाड जीत को चिराग पासवान ने बनाया हथियार, कांग्रेस से पूछा—अपने पक्ष में नतीजा आए तो चुनाव सही कैसे?

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SIR विवाद पर चिराग पासवान ने प्रियंका गांधी की वायनाड जीत का उदाहरण देकर कांग्रेस से सवाल पूछा

खबर में खास

  • SIR विवाद पर चिराग पासवान ने कांग्रेस को घेरा
  • प्रियंका गांधी की वायनाड जीत का किया जिक्र
  • चुनाव आयोग की सफाई से संतुष्ट होने का दावा
  • विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप
  • INDIA गठबंधन की बैठक पर बोले—शुभकामनाएं
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कांग्रेस से सीधा सवाल पूछा है।
चिराग पासवान ने प्रियंका गांधी वाड्रा की वायनाड लोकसभा उपचुनाव में हुई जीत का जिक्र करते हुए कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया और SIR में इतनी बड़ी गड़बड़ी है तो कांग्रेस के नेता चुनाव कैसे जीत रहे हैं?
उन्होंने विपक्ष पर चुनाव परिणाम के हिसाब से निर्वाचन आयोग पर भरोसा करने का आरोप लगाया। चिराग का कहना है कि जहां भाजपा या NDA की सरकार बनती है, वहां विपक्ष चुनाव आयोग पर सवाल उठाता है, लेकिन अपनी जीत होने पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं किए जाते।

प्रियंका गांधी की जीत का दिया उदाहरण

चिराग पासवान ने कहा कि कांग्रेस लगातार निर्वाचन आयोग और SIR प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगा रही है। यदि कांग्रेस को पूरी चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है तो उसे प्रियंका गांधी की वायनाड लोकसभा उपचुनाव में हुई जीत को लेकर भी अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि जब कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव जीतते हैं और विपक्षी दलों की सरकार बनती है तो उस समय चुनाव आयोग पर आरोप क्यों नहीं लगाए जाते?
चिराग पासवान ने हिमाचल प्रदेश सहित उन राज्यों के चुनाव परिणामों का भी जिक्र किया, जहां कांग्रेस को सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि एक ही चुनाव व्यवस्था को अपनी जीत पर सही और हार मिलने पर गलत नहीं बताया जा सकता।

चुनाव आयोग से चिराग को भी थीं चिंताएं

चिराग पासवान ने स्वीकार किया कि कुछ दिन पहले तक चुनाव आयोग की भूमिका और SIR प्रक्रिया को लेकर उनकी भी कुछ चिंताएं थीं। उनका कहना था कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और यदि उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं तो उसे जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
चिराग के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने अब SIR और आयुक्तों के बीच कथित मतभेद सहित अलग-अलग सवालों पर बिंदुवार जवाब जारी किया है। उन्होंने कहा कि आयोग की सफाई सामने आने के बाद वह उसके जवाब से संतुष्ट हैं।
उन्होंने विपक्ष से भी अपील की कि यदि उसके पास मतदाता सूची में गड़बड़ी का कोई ठोस प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करने के साथ निर्वाचन आयोग को सौंपा जाए।

विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप

चिराग पासवान ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव में हार मिलने पर EVM, मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हैं। वहीं उन्हीं प्रक्रियाओं से जीत मिलने पर चुनाव व्यवस्था को स्वीकार कर लिया जाता है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को किसी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन आरोप प्रमाण और तथ्यों के आधार पर लगाए जाने चाहिए।
हालांकि, विपक्ष का कहना है कि किसी एक राज्य या निर्वाचन क्षेत्र में जीत मिलने से दूसरे क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का सवाल समाप्त नहीं हो जाता। कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियां लगातार SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के नाम हटाए जाने की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रही हैं।

क्या प्रियंका गांधी की जीत SIR के आरोपों का जवाब है?

प्रियंका गांधी ने नवंबर 2024 में केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल की थी। कांग्रेस ने उन्हें राहुल गांधी द्वारा खाली की गई इस सीट से उम्मीदवार बनाया था।
चिराग पासवान ने इस जीत को कांग्रेस के आरोपों का जवाब बताया है। हालांकि, प्रियंका गांधी की जीत को मौजूदा SIR प्रक्रिया से जोड़ना चिराग पासवान का राजनीतिक तर्क है। किसी चुनाव में कांग्रेस की जीत होना दूसरी जगह मतदाता सूची को लेकर लगाए गए आरोपों को अपने आप सही या गलत साबित नहीं करता।
SIR से जुड़ी शिकायतों की वास्तविकता का फैसला मतदाता सूची के आंकड़ों, दर्ज आपत्तियों और निर्वाचन आयोग के जवाबों के आधार पर ही किया जा सकता है।

INDIA गठबंधन की बैठक पर क्या बोले?

चिराग पासवान से विपक्षी INDIA गठबंधन की प्रस्तावित बैठक को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने ज्यादा टिप्पणी करने के बजाय केवल “शुभकामनाएं, शुभकामनाएं” कहकर जवाब दिया।
उनका यह छोटा जवाब राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि विपक्षी गठबंधन में सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर मतभेद की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम पर चिराग का जोर

चिराग पासवान ने अपनी पार्टी के ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को अपनी सहमति, असहमति, चिंता, आक्रोश और सुझाव खुलकर रखने का मंच दिया जा रहा है।
इस कार्यक्रम की शुरुआत पटना से हुई थी और इसके बाद प्रयागराज में इसका आयोजन किया गया। चिराग ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं से मिले समर्थन ने उनकी पार्टी की प्रदेश में चुनाव लड़ने की सोच को और मजबूत किया है।
उन्होंने राहुल गांधी के युवा कार्यक्रम और अपनी पार्टी के ‘यूथ बोले तो’ अभियान के बीच मुकाबले के सवाल पर कहा कि सभी राजनीतिक दलों को युवाओं के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।

चिराग पासवान ने प्रियंका गांधी की वायनाड जीत को सामने रखकर कांग्रेस के SIR आरोपों पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। लेकिन किसी एक चुनाव की जीत से मतदाता सूची से जुड़ी सभी शिकायतें खत्म नहीं हो जातीं। अब असली परीक्षा निर्वाचन आयोग और विपक्ष—दोनों की है कि वे अपने दावों के समर्थन में कितने स्पष्ट और ठोस प्रमाण जनता के सामने रखते हैं।

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