'दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे?' अखिलेश पर राजभर का तंज, 2027 में सपा की हार का दावा

दिल्ली में विपक्षी मार्च की तस्वीर को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के हाथ में गठबंधन की कमान होने का दावा किया और 2027 में समाजवादी पार्टी की हार की बात कही।

UP Politics: ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को दिल्ली में विपक्ष का पिछलग्गू बताया। राहुल गांधी और यूपी चुनाव 2027 को लेकर क्या कहा? जानिए पूरा मामला।

अखिलेश यादव पर ओम प्रकाश राजभर का तीखा हमला, दिल्ली के मार्च की तस्वीर से उठाए गठबंधन पर सवाल

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दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन की तस्वीर को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर राजनीतिक टिप्पणी की।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 14 अक्टूबर 2026

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने दिल्ली में INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन की एक तस्वीर को लेकर अखिलेश की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
बुधवार, 14 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट में राजभर ने दावा किया कि दिल्ली के विपक्षी गठबंधन में अखिलेश यादव को अपेक्षित महत्व नहीं मिल रहा है। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लेकर तंज कसा और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की हार का दावा किया।

खबर में खास

  • दिल्ली के विपक्षी मार्च की तस्वीर को लेकर राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा।
  • राहुल गांधी के नेतृत्व और सपा की गठबंधन में भूमिका पर उठाए सवाल।

  • अखिलेश को दूसरे की बारात में सहबाला बनने वाला बताया।

  • राजभर ने 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की हार का दावा किया।

दिल्ली के मार्च की तस्वीर पर राजभर ने क्या कहा?

ओम प्रकाश राजभर ने दिल्ली में हुए विपक्षी प्रदर्शन की एक तस्वीर साझा करते हुए अखिलेश यादव पर टिप्पणी की। तस्वीर में अखिलेश दूसरे विपक्षी नेताओं से कुछ पीछे खड़े दिखाई दे रहे हैं।
राजभर ने इसी तस्वीर के आधार पर आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन में सपा अध्यक्ष को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने अपने पोस्ट में अखिलेश की तुलना बारात में शामिल ऐसे व्यक्ति से की, जिसे मुख्य भूमिका नहीं मिल रही हो। राजभर ने सवाल किया कि अखिलेश आखिर कब तक दूसरे की बारात में सहबाला बनकर रहेंगे।
हालांकि, किसी प्रदर्शन की एक तस्वीर में नेताओं के आगे या पीछे खड़े होने से गठबंधन के भीतर वास्तविक राजनीतिक जिम्मेदारी या सम्मान की स्थिति तय नहीं होती।

राहुल गांधी का नाम लेकर अखिलेश पर क्यों कसा तंज?

राजभर ने अपने पोस्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी जिक्र किया। उनका दावा था कि विपक्षी गठबंधन की कमान अब राहुल गांधी के हाथों में है और अखिलेश यादव उसमें पीछे रह गए हैं।
उन्होंने अखिलेश पर उत्तर प्रदेश की राजनीति छोड़कर दिल्ली के विपक्षी नेताओं के साथ अधिक समय बिताने का आरोप लगाया।
राजभर के मुताबिक, अखिलेश सत्ता में लौटना चाहते हैं, लेकिन गठबंधन में उन्हें नेतृत्व की जगह सहयोगी की भूमिका निभानी पड़ रही है।
यह राजभर की राजनीतिक टिप्पणी है। इससे सपा और कांग्रेस के बीच नेतृत्व को लेकर किसी नए आधिकारिक विवाद की पुष्टि नहीं होती।

2027 में सपा की हार को लेकर राजभर ने क्या दावा किया?

ओम प्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट के अंत में अगले विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया।
उन्होंने दावा किया कि जिस तरह अखिलेश यादव दिल्ली में विपक्षी नेताओं के बीच पीछे दिखाई दे रहे हैं, उसी तरह उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी उनकी स्थिति कमजोर हो सकती है।
राजभर ने अपने बयान में 'सत्ताइस में सपा साफ' होने की बात कही।
हालांकि, यह उनका चुनावी दावा है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव अभी होने हैं और उनके परिणाम मतदाताओं के फैसले से तय होंगे।

INDIA गठबंधन में सपा और कांग्रेस के रिश्ते कैसे हैं?

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं। दोनों दल उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ राजनीतिक सहयोग करते रहे हैं।
हाल के दिनों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित प्रदर्शनों में राहुल गांधी और अखिलेश यादव शामिल हुए हैं।
दूसरी ओर, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के संभावित सीट बंटवारे को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी है। अभी सीटों का कोई अंतिम आधिकारिक समझौता घोषित नहीं हुआ है।
राजभर के नए बयान को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।

राजभर के बयान पर अखिलेश यादव ने क्या जवाब दिया?

14 अक्टूबर को राजभर के इस विशेष सोशल मीडिया पोस्ट पर अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया उपलब्ध रिपोर्टों में सामने नहीं आई है।
इससे पहले भी राजभर कई मुद्दों पर अखिलेश और सपा की आलोचना कर चुके हैं। वहीं समाजवादी पार्टी भाजपा और उसके सहयोगियों की नीतियों तथा सरकार के कामकाज पर लगातार सवाल उठाती रही है।
फिलहाल राजभर की नई टिप्पणी ने दिल्ली में विपक्षी नेताओं की तस्वीर और 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चा बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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