‘मेरी चुप्पी को गलत समझा गया’—BSP से बाहर आकाश आनंद ने मायावती से मांगी माफी, वापसी का मांगा मौका
कहा—किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जाऊंगा; ससुर अशोक सिद्धार्थ पर मायावती के फैसले का किया समर्थन, फिर से पार्टी और मिशन की सेवा की जताई इच्छा
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BSP से बाहर किए जाने के बाद आकाश आनंद ने मायावती से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने दूसरी पार्टी में जाने की खबरों को खारिज करते हुए BSP में वापसी का अवसर मांगा।
तीन हफ्ते की चुप्पी के बाद आकाश आनंद का भावुक संदेश—रिश्तों से ऊपर बताया BSP मिशन, अब मायावती के फैसले पर टिकी वापसी
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 2 अक्टूबर 2026
बहुजन समाज पार्टी से बाहर किए जाने के करीब तीन हफ्ते बाद आकाश आनंद ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लंबा संदेश जारी करते हुए BSP प्रमुख मायावती से माफी मांगी और पार्टी में दोबारा काम करने का अवसर देने की अपील की है।
आकाश आनंद ने मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और ‘बुआ मां’ बताते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति में जो कुछ सीखा और किया, वह मायावती के मार्गदर्शन में ही किया। उन्होंने दूसरी पार्टी में जाने की चर्चाओं को भी पूरी तरह खारिज कर दिया।
खबर में खास
- आकाश आनंद ने मायावती से सार्वजनिक रूप से मांगी माफी
- कहा—किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जाएंगे
- BSP को केवल पार्टी नहीं, अपना परिवार बताया
- ससुर अशोक सिद्धार्थ पर मायावती के फैसले का किया समर्थन
- पार्टी और मिशन की सेवा के लिए दोबारा अवसर मांगा
‘मेरी चुप्पी को गलत समझा गया’
आकाश आनंद ने अपनी सफाई में कहा कि BSP से बाहर किए जाने से पहले उन्होंने खुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था। इसी कारण वह मायावती की उस पोस्ट को साझा नहीं कर पाए, जिसमें उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास का विषय उठाया गया था।
उन्होंने कहा कि उनकी चुप्पी को गलत समझा गया और इससे कई तरह की अफवाहों को जगह मिली। आकाश ने लिखा कि यदि उनके व्यवहार से मायावती को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए क्षमा चाहते हैं।
दूसरी पार्टी में जाने की अटकलों पर दिया जवाब
आकाश आनंद ने दूसरी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने की चर्चाओं को भी खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि वह किसी अन्य दल में नहीं जा रहे हैं और भविष्य में भी ऐसा करने का उनका कोई इरादा नहीं है।
उन्होंने BSP को केवल एक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि अपना परिवार बताया। आकाश का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उनके पार्टी से बाहर होने के बाद कई राजनीतिक दलों की तरफ से उन्हें अपने साथ आने के प्रस्ताव और संकेत मिले थे।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी उन्हें अपनी पार्टी RPI में शामिल होने का खुला प्रस्ताव दिया था। हालांकि आकाश ने अब स्पष्ट कर दिया है कि उनकी राजनीति मायावती और BSP के नेतृत्व से ही जुड़ी है।
ससुर अशोक सिद्धार्थ पर मायावती के फैसले का समर्थन
आकाश आनंद ने अपने ससुर और BSP के पूर्व नेता अशोक सिद्धार्थ को लेकर मायावती के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालने और उनके राजनीतिक संन्यास से जुड़ा मायावती का फैसला सही था।
उन्होंने संदेश दिया कि पारिवारिक रिश्ते अपनी जगह हैं, लेकिन पार्टी और बहुजन आंदोलन का मिशन उनसे बड़ा है। आकाश ने स्वीकार किया कि व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी के हित को रखना उनकी जिम्मेदारी है।
यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मायावती ने आकाश के खिलाफ कार्रवाई करते समय आरोप लगाया था कि वह पार्टी और आंदोलन से ज्यादा अपने पारिवारिक रिश्तों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आकाश आनंद को BSP से क्यों किया गया था बाहर?
मायावती ने 3 सितंबर को आकाश आनंद को BSP के राष्ट्रीय संयोजक पद और बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से हटा दिया था। इसके बाद 10 सितंबर को उन्होंने आकाश को पार्टी से पूरी तरह मुक्त करने का ऐलान कर दिया।
विवाद की मुख्य वजह मायावती की वह सोशल मीडिया पोस्ट बनी, जिसमें उन्होंने अशोक सिद्धार्थ से राजनीति से संन्यास लेने को कहा था। आकाश ने उस पोस्ट को साझा नहीं किया था। मायावती ने इसे पार्टी नेतृत्व और बहुजन आंदोलन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से जोड़कर देखा था।
इससे पहले भी आकाश आनंद को कई बार बड़ी जिम्मेदारियां देकर हटाया गया और फिर वापस लाया गया है। वर्ष 2025 में भी माफी मांगने के बाद उनकी BSP में वापसी हुई थी। इसी पुराने घटनाक्रम के कारण अब एक बार फिर उनकी वापसी की संभावना पर चर्चा शुरू हो गई है।
फिर से पार्टी में काम करने का मांगा अवसर
आकाश आनंद ने मायावती से कहा कि वह उनके नेतृत्व में फिर से BSP और बहुजन मिशन की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस बार वह केवल शब्दों से नहीं, बल्कि अपने काम, आचरण और मेहनत से अपनी निष्ठा साबित करेंगे।
उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के मिशन, कांशीराम के रास्ते और मायावती के नेतृत्व को अपनी राजनीति का आधार बताया। इस संदेश के जरिए आकाश ने BSP कार्यकर्ताओं को भी यह बताने की कोशिश की है कि वह पार्टी छोड़कर कोई अलग राजनीतिक रास्ता नहीं अपनाने जा रहे।
क्या मायावती माफ करेंगी?
आकाश आनंद की सार्वजनिक माफी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मायावती उन्हें एक बार फिर पार्टी में वापस लेंगी। खबर लिखे जाने तक मायावती या BSP की तरफ से उनकी अपील पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पिछले दिनों मायावती ने आकाश के छोटे भाई ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देने की बात कही थी। ऐसे में आकाश की वापसी होती है तो BSP के भीतर युवा नेतृत्व और भविष्य के उत्तराधिकारी को लेकर राजनीतिक समीकरण एक बार फिर बदल सकते हैं।
UP Election 2027 से पहले क्यों महत्वपूर्ण है घटनाक्रम?
BSP उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी कर रही है। पार्टी युवा कार्यकर्ताओं और दलित मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। आकाश आनंद को पहले BSP के युवा और आक्रामक चेहरे के रूप में आगे बढ़ाया गया था।
उनकी वापसी BSP को युवा मतदाताओं तक पहुंचने में मदद कर सकती है, लेकिन अंतिम फैसला पूरी तरह मायावती को लेना है। यह भी देखना होगा कि यदि वापसी होती है तो आकाश को केवल कार्यकर्ता के रूप में जगह मिलेगी या कोई बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी।
आकाश आनंद की माफी ने BSP के भीतर बंद दिखाई दे रहा वापसी का दरवाजा एक बार फिर खटखटा दिया है। उन्होंने रिश्तों से ऊपर पार्टी और मिशन को रखने का भरोसा तो दिया है, लेकिन अंतिम परीक्षा मायावती के फैसले से होगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या BSP प्रमुख उन्हें एक और मौका देंगी या ईशान आनंद को आगे बढ़ाने की रणनीति पर कायम रहेंगी?
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