BJP की 'लोकतंत्र बचाओ' यात्रा में सवाल लेकर पहुंचा युवक, पुलिस ने लिया हिरासत में! कैलाश विजयवर्गीय के निर्देश पर कार्रवाई, CM मोहन यादव भी थे मौजूद
इंदौर में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता प्रह्लाद पांडे खर्चों से जुड़ा पोस्टर लेकर पहुंचे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निर्देश के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।
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MP Politics: इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी वाली भाजपा की पदयात्रा के दौरान पोस्टर लेकर पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता प्रह्लाद पांडे को पुलिस ने हिरासत में लिया। कैलाश विजयवर्गीय के निर्देश और विवादित पोस्टर को लेकर नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | इंदौर, मध्य प्रदेश | 30 अक्टूबर 2026
खबर में खास
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भाजपा ने इंदौर में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा आयोजित की।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और कैलाश विजयवर्गीय कार्यक्रम में शामिल हुए।
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सामाजिक कार्यकर्ता प्रह्लाद पांडे सरकारी खर्चों से संबंधित सवाल वाला पोस्टर लेकर पहुँचे।
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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, विजयवर्गीय ने मंच से उन्हें हटाने का निर्देश दिया।
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पुलिस ने पांडे को हिरासत में लिया; एक रिपोर्ट के अनुसार उनकी पत्नी को भी पकड़ा गया।
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मनसुख मांडविया ने कार्यक्रम में कांग्रेस के नेतृत्व पर राजनीतिक कटाक्ष किया।
इंदौर। मध्य प्रदेश की राजनीति में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा के दौरान विवाद सामने आया। इंदौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता प्रह्लाद पांडे एक पोस्टर लेकर पहुंचे, जिसमें सार्वजनिक खर्च से जुड़े सवाल उठाए गए थे। कार्यक्रम में मौजूद कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निर्देश के बाद पुलिस ने पांडे को हिरासत में ले लिया।
इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। घटना की जानकारी शुक्रवार दोपहर प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में सामने आई।
पोस्टर में क्या लिखा था?
प्रह्लाद पांडे कार्यक्रम स्थल पर ऐसा पोस्टर लेकर पहुँचे थे, जिसमें 30 हजार रुपये के बल्ब और फिनाइल से संबंधित खर्चों पर सवाल उठाए गए थे।
रिपोर्टों में पोस्टर पर दर्ज फिनाइल की मात्रा और कीमत का विवरण एकसमान नहीं है। इसलिए इन आंकड़ों को सत्यापित सरकारी खरीद का तथ्य मानना उचित नहीं होगा।
पांडे का उद्देश्य कथित खर्चों पर जवाब माँगना बताया गया है। हालांकि संबंधित खरीद, भुगतान और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती।
कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से क्या निर्देश दिया?
रिपोर्टों के अनुसार, जब प्रह्लाद पांडे मंच के सामने पोस्टर लेकर खड़े हुए तो कैलाश विजयवर्गीय ने उन्हें वहाँ से हटाने के लिए कहा।
इसके बाद पुलिसकर्मी पांडे को कार्यक्रम स्थल से ले गए।
पब्लिक वाणी की रिपोर्ट में बताया गया कि पांडे अपनी पत्नी के साथ पहुँचे थे और दोनों को पुलिस ने पकड़ा। वहीं फ्री प्रेस जर्नल ने पांडे को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है।
घटना के बाद पांडे के खिलाफ किसी औपचारिक आपराधिक मामले, गिरफ्तारी या आगे की कानूनी कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए इसे फिलहाल हिरासत में लेने की कार्रवाई के रूप में ही प्रस्तुत करना चाहिए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में निकली पदयात्रा
भाजपा की पदयात्रा इंदौर के सुभाष नगर चौराहे से शुरू होकर पाटनीपुरा चौराहे तक निकाली गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब सहित कई नेता शामिल हुए।
यात्रा में व्यापारी, वकील, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
भाजपा ने इस आयोजन को लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से जोड़ा।
मनसुख मांडविया ने कांग्रेस पर कसा तंज
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा।
उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व को बार-बार राजनीतिक रूप से स्थापित करने की कोशिशों की तुलना रॉकेट लॉन्च करने से की। मांडविया ने दावा किया कि कांग्रेस लंबे समय से अपने नेतृत्व को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
उनका यह बयान भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रहे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा था।
आखिर भाजपा क्यों निकाल रही है यह यात्रा?
भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान ऐसे समय शुरू किया है, जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका है। दूसरी ओर भाजपा इन आरोपों का विरोध करते हुए मतदाता सूची के सत्यापन की आवश्यकता पर जोर दे रही है।
इसी राजनीतिक बहस के बीच भाजपा ने अलग-अलग राज्यों में पदयात्राओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों की योजना बनाई है।
प्रह्लाद पांडे को हिरासत में लेने पर क्या सवाल उठे?
इंदौर के घटनाक्रम ने शांतिपूर्ण विरोध, सार्वजनिक सवालों और राजनीतिक कार्यक्रमों में पुलिस की भूमिका से जुड़ा प्रश्न सामने रखा है।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस का विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण या प्रह्लाद पांडे का घटना के बाद का बयान नहीं मिला है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि हिरासत में लेने के बाद उन्हें कब छोड़ा गया या आगे कोई कार्रवाई की गई।
अब सवाल यह है कि राजनीतिक कार्यक्रम में सरकारी खर्चों पर सवाल उठाने वाले व्यक्ति को हटाने के पीछे पुलिस ने क्या कारण दर्ज किया और क्या इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी?
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