PM मोदी का राहुल गांधी पर 'आलू से सोना' वाला तंज! गुजरात में बोले—बनासकांठा के किसान पहले से बना रहे सोना, जानिए पुराने बयान का पूरा सच

गुजरात के बनासकांठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आलू किसानों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के पुराने राजनीतिक बयान पर कटाक्ष किया। साथ ही विपक्ष पर संकट के समय अफवाह फैलाने का आरोप लगाया।

PM Modi Rahul Gandhi News: प्रधानमंत्री मोदी ने 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा में राहुल गांधी से जुड़े पुराने 'आलू से सोना' विवाद पर तंज कसा। जानिए मोदी का नया बयान और 2017 के वायरल वीडियो की वास्तविक पृष्ठभूमि।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | बनासकांठा, गुजरात | 30 अक्टूबर 2026
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30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर राजनीतिक कटाक्ष किया।

खबर में खास

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात की जनसभा में आलू से सोना बनाने वाले पुराने राजनीतिक विवाद का उल्लेख किया।
  • उन्होंने बनासकांठा के आलू किसानों की तारीफ करते हुए राहुल गांधी पर कटाक्ष किया।

  • मोदी ने विपक्ष पर ईरान युद्ध से जुड़े वैश्विक संकट के समय अफवाह फैलाने का आरोप लगाया।

  • कार्यक्रम में लगभग ₹14,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ।

  • 2017 का मूल वीडियो बताता है कि राहुल गांधी ने खुद आलू से सोना बनाने का वादा नहीं किया था।
बनासकांठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा में आयोजित जनसभा से कांग्रेस और राहुल गांधी पर राजनीतिक निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने साल 2017 से चर्चा में रहे ‘आलू से सोना’ वाले बयान का जिक्र किया।
प्रधानमंत्री ने बनासकांठा के आलू किसानों की आर्थिक गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहाँ के लोग पहले से आलू के जरिए अच्छी कमाई कर रहे हैं। उन्होंने इसे लेकर राहुल गांधी से जुड़े पुराने राजनीतिक विवाद पर कटाक्ष किया।

पीएम मोदी ने आलू से सोना पर क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा में बनासकांठा के आलू उत्पादन और उससे जुड़े उद्योगों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि बनासकांठा के आलू की पहचान देश-दुनिया में है और यहाँ के किसानों की मेहनत से आर्थिक मूल्य पैदा हो रहा है।
इस दौरान उन्होंने तंज करते हुए कहा कि यहाँ का कोई व्यक्ति आकर आलू से सोना बनाने की बात नहीं करेगा, क्योंकि किसान पहले से ही अपने काम से सोना बना रहे हैं।
मोदी का यह बयान राहुल गांधी के एक पुराने भाषण से जुड़े राजनीतिक विवाद के संदर्भ में आया।

2017 में राहुल गांधी ने वास्तव में क्या कहा था?

इस विवाद का संबंध नवंबर 2017 में गुजरात के पाटन में हुई राहुल गांधी की जनसभा से है।
उस समय राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के कथित चुनावी वादों की आलोचना करते हुए आलू से सोना निकालने वाली मशीन का उदाहरण दिया था।
भाषण की एक छोटी वीडियो क्लिप वायरल हुई, जिससे ऐसा दिखाई दिया जैसे राहुल गांधी स्वयं आलू से सोना बनाने वाली मशीन लगाने का वादा कर रहे हों।
लेकिन बाद में पूरे वीडियो की तथ्य-जाँच में सामने आया कि राहुल गांधी यह कथन अपने स्वयं के वादे के रूप में नहीं कर रहे थे। वह व्यंग्य करते हुए इसे प्रधानमंत्री मोदी से जोड़ रहे थे।
महत्वपूर्ण बात यह भी है कि प्रधानमंत्री मोदी ने वास्तव में कभी ऐसी मशीन का वादा किया था, इसका भी विश्वसनीय सार्वजनिक प्रमाण नहीं मिला।
इसलिए दोनों नेताओं में से किसी एक ने वास्तविक रूप से आलू से सोना बनाने की मशीन देने का वादा किया था, ऐसा दावा करना सही नहीं होगा।

विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप

बनासकांठा में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिस्थितियों और ईरान से जुड़े युद्ध का भी उल्लेख किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब दुनिया अनिश्चितता का सामना कर रही है, तब देश के कुछ विपक्षी नेता खाद और रसोई गैस की संभावित कमी को लेकर डर फैला रहे हैं।
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार किसानों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि का पूरा बोझ नहीं उठाने दे रही है।
प्रधानमंत्री के ये आरोप उनके राजनीतिक संबोधन का हिस्सा हैं। इससे किसी विशिष्ट विपक्षी नेता द्वारा जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।

किसानों के लिए सरकार ने क्या घोषणाएँ कीं?

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
बनासकांठा में लगभग ₹325 करोड़ की लागत वाले भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया गया। यह केंद्र आधुनिक पशुपालन, नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन से संबंधित अनुसंधान के लिए स्थापित किया गया है।
इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री ने पीएम-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी करने के कार्यक्रम में भी भाग लिया।
हालाँकि, ये विकास और सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यक्रम हैं; राहुल गांधी पर की गई राजनीतिक टिप्पणी इनसे अलग विषय है।

गुजरात से फिर सामने आया पुराना राजनीतिक विवाद

दिलचस्प बात यह है कि ‘आलू से सोना’ विवाद की शुरुआत भी गुजरात के चुनावी माहौल से हुई थी और नौ साल बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उसी राज्य में इसका फिर उल्लेख किया।
भाजपा और कांग्रेस के बीच इस तरह के राजनीतिक कटाक्ष पहले भी होते रहे हैं। लेकिन वायरल बयानों की वास्तविक पृष्ठभूमि समझना जरूरी है, ताकि किसी नेता के शब्दों को उनके मूल संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत न किया जाए।
30 अक्टूबर के संबोधन में प्रधानमंत्री ने अपने राजनीतिक विरोधियों की आलोचना के साथ किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों को भी उठाया।
इस घटनाक्रम से एक महत्वपूर्ण सवाल सामने आता है—चुनावी भाषणों में पुराने वायरल बयानों का इस्तेमाल करते समय क्या नेताओं को उनका पूरा संदर्भ भी स्पष्ट करना चाहिए?

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