K Annamalai vs BJP: 'मोदी अच्छे PM हैं, लेकिन सवाल पूछेंगे'—पूर्व भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई का पलटवार, CJP पर भी दी सफाई!
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने केंद्र सरकार की आलोचना पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि मोदी के अच्छे कामों का समर्थन करेंगे, लेकिन गलत फैसलों पर सवाल भी उठाएंगे।
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K Annamalai vs BJP: पूर्व तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष ने CJP के समर्थन से इनकार करते हुए विरोध के अधिकार का बचाव किया। जानिए मोदी सरकार पर उनके सवाल और भाजपा का जवाब।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | चेन्नई/नई दिल्ली | 23 अक्टूबर 2026
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व तमिलनाडु अध्यक्ष के. अन्नामलाई और भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने के बाद अन्नामलाई ने अब साफ किया है कि वह CJP का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उनका कहना है कि लोकतंत्र में किसी संगठन से असहमत होने के बावजूद उसके विरोध करने के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
गुरुवार, 22 अक्टूबर को अपने 'We The Leaders' आंदोलन के कार्यक्रम में अन्नामलाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि मोदी अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन जहां उन्हें कोई बात गलत लगेगी, वहां वह सवाल उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
उनके इस रुख पर भाजपा ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि अन्नामलाई शांतिपूर्ण विरोध और कानून तोड़ने के बीच अंतर को नजरअंदाज कर रहे हैं।
खबर में खास
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के. अन्नामलाई ने 22 अक्टूबर को CJP का समर्थन करने से इनकार किया।
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उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज की सराहना की।
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प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी में कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की मांग उठाई।
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भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने अन्नामलाई पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
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अन्नामलाई जून 2026 में भाजपा छोड़कर अपना राजनीतिक आंदोलन शुरू कर चुके हैं।
अन्नामलाई ने मोदी सरकार को लेकर क्या कहा?
अन्नामलाई ने कहा कि किसी राजनीतिक संगठन की विचारधारा से असहमत होना और उसके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना अलग-अलग बातें हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीतिक सोच और CJP का एजेंडा अलग है। वह चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं में जनता का विश्वास कमजोर करने के प्रयासों से भी सहमत नहीं हैं।
लेकिन उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी या अन्य पुलिस कार्रवाई कानून के अनुसार ही होनी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से यह सवाल भी पूछा कि अगर देश की संप्रभुता को लेकर किसी व्यक्ति के खिलाफ ठोस सबूत हैं, तो जांच एजेंसियों को कार्रवाई करनी चाहिए। केवल सोशल मीडिया पर आरोप लगाकर किसी को देशविरोधी बताना उचित नहीं है।
आखिर CJP के प्रदर्शन से विवाद कैसे शुरू हुआ?
दिल्ली में अक्टूबर के दौरान CJP ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए थे।
अन्नामलाई ने इस दौरान CJP नेताओं की हिरासत, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति, जमानत प्रक्रिया और पुलिस की शक्तियों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने 2011 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना किए जाने का भी उल्लेख किया।
अन्नामलाई का तर्क था कि विरोध प्रदर्शन के संबंध में कानूनी प्रक्रिया और नागरिक अधिकारों का सम्मान सभी सरकारों के लिए समान होना चाहिए।
भाजपा ने अन्नामलाई को क्या जवाब दिया?
तमिलनाडु भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने अन्नामलाई की आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और जानबूझकर कानून का उल्लंघन करना एक जैसी बातें नहीं हैं।
तिरुपति के अनुसार, CJP नेताओं को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली थी। इसके बावजूद कुछ लोग बैरिकेड पार करके प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचे।
उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा छोड़ने के बाद अन्नामलाई का SIR जैसे मुद्दों पर भी रुख बदल गया है।
ये भाजपा प्रवक्ता के आरोप और तर्क हैं। दूसरी ओर, अन्नामलाई पुलिस की कार्रवाई की वैधानिकता और प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
जून में भाजपा छोड़ चुके हैं अन्नामलाई
के. अन्नामलाई ने 5 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दिया था। इससे पहले वह तमिलनाडु में पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे थे।
भाजपा छोड़ने के बाद उन्होंने 'We The Leaders' नाम से अपना राजनीतिक आंदोलन शुरू किया। उन्होंने इस मंच के जरिए युवाओं, महिलाओं और नए राजनीतिक नेतृत्व को अवसर देने की बात कही थी।
हाल में उन्होंने अगले स्थानीय निकाय चुनावों में अपने संगठन की भागीदारी का भी संकेत दिया है। हालांकि, उनका नया राजनीतिक संगठन किस रूप में चुनाव लड़ेगा, इसकी पूरी तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है।
भाजपा से अलग होने के बाद अन्नामलाई की राजनीति किस दिशा में?
