बैलेट पेपर से चुनाव, कांग्रेस सिर्फ 2 सीट: सिलचर में BJP 32 पर जीती; हिमंत ने EVM बहस पर कसा तंज
सिलचर नगर निगम के पहले चुनाव में BJP को 32 और सहयोगी AGP को 2 वार्ड; कांग्रेस के खाते में 2, निर्दलीयों ने 6 सीटें जीतीं—3 अक्टूबर को 40 वार्डों में मतपत्र से हुआ था मतदान
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असम के पहले सिलचर नगर निगम चुनाव में BJP-led NDA ने 42 में से 34 वार्ड जीत लिए हैं। BJP को 32 और AGP को 2 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस सिर्फ 2 वार्ड जीत सकी और 6 सीटें निर्दलीयों के खाते में गईं। चुनाव बैलेट पेपर से हुआ था। नतीजों के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस की EVM की जगह मतपत्र से चुनाव कराने की मांग पर तंज कसा। The Times of India
बैलेट से वोटिंग, 42 में NDA के 34 वार्ड
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 7 अक्टूबर 2026
खबर में खास
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सिलचर नगर निगम का पहला चुनाव
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कुल 42 वार्ड
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BJP ने जीते 32 वार्ड
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सहयोगी AGP ने जीते 2 वार्ड
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NDA का कुल आंकड़ा 34
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कांग्रेस को सिर्फ 2 सीटें
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निर्दलीय उम्मीदवारों ने 6 वार्ड जीते
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चुनाव बैलेट पेपर से कराया गया
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40 वार्डों में 3 अक्टूबर को मतदान हुआ
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BJP के 2 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने गए थे
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करीब 63.43% मतदान दर्ज हुआ
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कुल 133 उम्मीदवार मैदान में थे
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हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस की ballot-paper मांग पर तंज कसा
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल में EVM की जगह ballot paper से मतदान की मांग दोहराई थी
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BJP ने दो वार्डों में recount की मांग भी की
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यह सिलचर के Municipal Corporation बनने के बाद पहला निर्वाचित civic body है
बैलेट पेपर वाले चुनाव में सिलचर का नतीजा बना नई राजनीतिक बहस
सिलचर: देश में EVM और बैलेट पेपर को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच असम के सिलचर नगर निगम चुनाव के नतीजे चर्चा में आ गए हैं।
यह चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की जगह बैलेट पेपर से कराया गया था। नतीजों में BJP-led NDA ने 42 में से 34 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। BJP अकेले 32 सीटों पर जीती, जबकि उसकी सहयोगी असम गण परिषद को 2 वार्ड मिले। कांग्रेस सिर्फ 2 सीटें जीत सकी और 6 वार्ड निर्दलीयों के खाते में गए।
नतीजों के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस की EVM के बजाय मतपत्र से चुनाव कराने की मांग को लेकर राजनीतिक तंज कसा।
आखिर पूरा Result क्या रहा?
सिलचर नगर निगम में कुल 42 वार्ड हैं।
अंतिम उपलब्ध परिणाम के अनुसार:
BJP — 32
AGP — 2
Congress — 2
Independent — 6
इस तरह BJP-led NDA का कुल आंकड़ा 34 सीट रहा। बहुमत के लिए 22 वार्ड की जरूरत थी, इसलिए गठबंधन इस सीमा से काफी आगे निकल गया। NorthEast Now
40 वार्डों में हुआ मतदान, 2 पर पहले ही जीत
हालांकि नगर निगम में 42 वार्ड हैं, मतदान सभी सीटों पर नहीं हुआ।
3 अक्टूबर को 40 वार्डों में वोट डाले गए।
Ward 9 से बिजेंद्र प्रसाद सिंह और Ward 20 से भक्ति सेन तालुकदार BJP उम्मीदवार के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे।
मतदान वाले 40 वार्डों में BJP ने 30 जीते और दोनों निर्विरोध सीटों को जोड़ने पर उसका अंतिम आंकड़ा 32 पहुंचा।
मतदान प्रतिशत कितना रहा?
सिलचर नगर निगम के इस पहले चुनाव में करीब 63.43 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
अधिकतर जगह मतदान शांतिपूर्ण रहा, हालांकि कुछ बूथों से छोटी-मोटी झड़प की सूचना भी सामने आई थी।
कुल कितने उम्मीदवार मैदान में थे?
इस चुनाव में कुल 133 उम्मीदवार मैदान में थे।
BJP ने 38 वार्डों में उम्मीदवार उतारे थे और सहयोगी AGP ने 4 सीटों पर चुनाव लड़ा।
कांग्रेस ने भी 38 उम्मीदवार उतारे थे।
इसके अलावा 52 निर्दलीय और एक CPI(M) उम्मीदवार मैदान में था। The Print
कांग्रेस से ज्यादा सीटें निर्दलीयों ने जीतीं
नतीजों का एक दिलचस्प आंकड़ा यह भी रहा कि कांग्रेस से ज्यादा वार्ड Independent candidates ने जीते।
कांग्रेस 2 सीट पर रही जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 6 वार्ड जीते।
इसी आंकड़े को लेकर BJP नेताओं ने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला तेज किया है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने क्या कहा?
नतीजों के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस की हालिया ballot-paper मांग को निशाने पर लिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी हार गई और यहां उसकी हार और बड़ी रही।
सरमा ने इसे EVM पर सवाल उठा रही कांग्रेस को जवाब के रूप में पेश किया।
यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक तर्क है। किसी एक स्थानीय चुनाव का परिणाम अपने आप EVM की तकनीकी विश्वसनीयता या उससे जुड़े व्यापक आरोपों को साबित अथवा खारिज नहीं करता।
अल्पसंख्यक बहुल वार्डों पर भी हिमंत का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में सिलचर के करीब 10 धार्मिक अल्पसंख्यक बहुल वार्डों का भी जिक्र किया।
उन्होंने दावा किया कि इन इलाकों में कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी, लेकिन वहां भी पार्टी अपेक्षित संख्या तक नहीं पहुंची। Live Hindustan
यह आंकड़ा उन्होंने अपने राजनीतिक बयान के हिस्से के रूप में दिया है।
कांग्रेस आखिर बैलेट पेपर क्यों मांग रही है?
यहां सिलचर नतीजों का राष्ट्रीय राजनीति से connection समझना जरूरी है।
30 सितंबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी दलों की बैठक में EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग रखी थी।
खरगे ने कहा था कि चुनाव प्रणाली में लोगों का भरोसा बढ़ाने के लिए मतपत्र प्रणाली पर वापस जाने की जरूरत है। Hindustan Times
कांग्रेस SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठा रही है।
5 अक्टूबर को फिर दोहराई मांग
इसके बाद कांग्रेस नेतृत्व ने यह रुख फिर दोहराया कि पार्टी SIR को वापस लेने, मतपत्र से चुनाव और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों पर अपना अभियान जारी रखेगी।
यही वजह है कि सिलचर का ballot-paper result अब स्थानीय चुनाव से आगे राष्ट्रीय EVM बहस से जोड़ा जा रहा है।
क्या सिलचर का नतीजा EVM विवाद का जवाब है?
इसे इतने सीधे तरीके से देखना सही नहीं होगा।
सिलचर एक स्थानीय निकाय चुनाव है। इसमें स्थानीय उम्मीदवार, नगर निगम के मुद्दे, पार्टी संगठन और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरण शामिल थे।
यहां मतदान ballot paper से हुआ और नतीजा BJP-led alliance के पक्ष में गया—यह तथ्य है।
लेकिन इससे यह वैज्ञानिक या कानूनी निष्कर्ष नहीं निकलता कि देश में EVM से जुड़े हर सवाल का जवाब मिल गया या ballot paper से किसी पार्टी की जीत-हार तय होती है।
हिमंत बिस्वा सरमा और BJP इसे कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक तर्क के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस की ballot-paper मांग चुनावी व्यवस्था पर उसके व्यापक सवालों से जुड़ी है।
चुनाव में स्थानीय मुद्दे क्या थे?
सिलचर नगर निगम चुनाव में सिर्फ राष्ट्रीय राजनीति नहीं थी।
स्थानीय स्तर पर:
सड़कें
Drainage
Waterlogging
बिजली आपूर्ति
पीने के पानी की नियमित सप्लाई
जैसे मुद्दे भी चुनाव अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। The Print
इसलिए नगर निगम नतीजे का विश्लेषण केवल EVM बनाम ballot debate के आधार पर करना अधूरा होगा।
सिलचर में पहली बार हुआ Municipal Corporation Election
यह चुनाव इसलिए भी ऐतिहासिक था क्योंकि सिलचर में पहली बार Municipal Corporation के लिए मतदान हुआ।
पुराने Silchar Municipal Board को 2022 में 42 वार्ड वाले Municipal Corporation में upgrade किया गया था और नया निगम जून 2025 में operational हुआ। The Print
इससे पहले शहर कई साल तक निर्वाचित civic body के बिना रहा था।
कांग्रेस की दोनों जीत बेहद करीबी
कांग्रेस ने सिर्फ दो वार्ड जीते, लेकिन दोनों में मुकाबला करीबी रहा।
Ward 30 में कांग्रेस उम्मीदवार साक्षी बनिक ने 135 वोट से जीत दर्ज की।
दूसरे करीबी मुकाबले में कांग्रेस की राजश्री गोआला ने BJP उम्मीदवार को 49 वोट से हराया। The Times of India
इन नतीजों के बाद कुछ वार्डों की counting को लेकर पुनर्गणना की मांग भी उठी।
Recount को लेकर क्या हुआ?
चुनाव नतीजों के दौरान कुछ वार्डों में मतगणना को लेकर विवाद हुआ।
BJP ने Ward 29 और Ward 30 में recount की मांग की थी। उपलब्ध अंतिम रिपोर्टों में Ward 29 निर्दलीय और Ward 30 कांग्रेस के खाते में बताया गया है। NorthEast Now
कुछ स्थानीय रिपोर्टों में अन्य नजदीकी सीटों पर भी recount प्रक्रिया का उल्लेख है, इसलिए ward-level recount के शुरुआती और अंतिम विवरण में अलग-अलग रिपोर्टें सामने आईं। कुल अंतिम tally पर प्रमुख स्रोत एकमत हैं—BJP 32, AGP 2, Congress 2 और Independents 6।
