UP Election 2027: सपा से सिर्फ 530 वोट से हारे थे पूर्व IAS राम बहादुर, अब अखिलेश की पार्टी में होंगे शामिल?

मायावती के करीबी रहे पूर्व IAS राम बहादुर के 26 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी में शामिल होने की खबर है। वर्ष 2017 में वह मोहनलालगंज से बसपा उम्मीदवार थे और सिर्फ 530 वोट से चुनाव हारे थे।

UP Election 2027: पूर्व IAS राम बहादुर के 26 अक्टूबर को सपा में शामिल होने की चर्चा है। जानिए बसपा से भाजपा तक उनका राजनीतिक सफर और मोहनलालगंज चुनाव में 530 वोट से हारने की पूरी कहानी।

UP Election 2027: मायावती के करीबी रहे पूर्व IAS राम बहादुर सपा में जाएंगे? 26 अक्टूबर को लखनऊ में सदस्यता की चर्चा

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मायावती के करीबी रहे पूर्व IAS राम बहादुर के 26 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी में शामिल होने की चर्चा है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 24 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नेताओं के दल बदलने की चर्चाओं के बीच एक पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का नाम सामने आया है। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती के करीबी रहे रिटायर्ड IAS अधिकारी राम बहादुर के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की खबर है।
शनिवार, 24 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, राम बहादुर 26 अक्टूबर को लखनऊ में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। उन्होंने 2017 का विधानसभा चुनाव बसपा के टिकट पर लखनऊ की मोहनलालगंज सीट से लड़ा था और बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे।
हालांकि, सपा में उनकी सदस्यता और कार्यक्रम में शामिल होने वाले नेताओं की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

खबर में खास

  • पूर्व IAS राम बहादुर के 26 अक्टूबर को सपा में शामिल होने की चर्चा।
  • वर्ष 2017 में मोहनलालगंज से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

  • समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार से सिर्फ 530 वोट से हार गए थे।

  • वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे।

  • सपा में उनकी नई भूमिका या चुनावी टिकट को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है।

2017 में केवल 530 वोट से क्यों हारे थे राम बहादुर?

राम बहादुर का चुनावी इतिहास इस खबर का महत्वपूर्ण पहलू है।
2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में वह मोहनलालगंज सुरक्षित सीट से बसपा प्रत्याशी थे। उस समय समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अम्बरीश सिंह पुष्कर ने उन्हें बेहद कम अंतर से हराया था।
चुनावी परिणामों के अनुसार, सपा उम्मीदवार अम्बरीश सिंह पुष्कर को 71,574 वोट मिले, जबकि राम बहादुर को 71,044 वोट प्राप्त हुए। दोनों के बीच जीत-हार का अंतर महज 530 वोट रहा।
अब खबर है कि उसी समाजवादी पार्टी में राम बहादुर शामिल हो सकते हैं, जिसके उम्मीदवार से वह नौ वर्ष पहले चुनाव हारे थे।
कौन हैं पूर्व IAS राम बहादुर?
राम बहादुर उत्तर प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं। प्रशासनिक सेवा के दौरान वह गोंडा के जिलाधिकारी और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और बहुजन समाज पार्टी से जुड़े।
उन्हें बसपा प्रमुख मायावती का करीबी माना जाता रहा है। वह डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय एकता मंच से भी जुड़े रहे हैं।
बसपा से भाजपा और अब सपा की चर्चा
राम बहादुर ने वर्ष 2017 में बसपा से चुनाव लड़ा, लेकिन विधानसभा नहीं पहुंच सके।
इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी।
अब 24 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों में उनके समाजवादी पार्टी में आने की संभावना जताई गई है।
इस तरह बसपा और भाजपा से उनका पूर्व राजनीतिक जुड़ाव रहा है। हालांकि, सपा में औपचारिक सदस्यता लेने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
अखिलेश यादव के PDA अभियान से क्या संबंध?
समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों से जुड़े राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे को अपने PDA अभियान का हिस्सा बताती रही है।
राम बहादुर की सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उनके संभावित पार्टी प्रवेश को इसी अभियान के संदर्भ में चर्चा मिल रही है।
हालांकि, पार्टी ने अभी राम बहादुर के लिए किसी संगठनात्मक पद या विधानसभा टिकट की घोषणा नहीं की है।
किसी नेता के शामिल होने से मतदाताओं का समर्थन कितना बदलता है, इसका आकलन केवल सदस्यता की खबर के आधार पर नहीं किया जा सकता।

मोहनलालगंज सीट पर अभी किसका कब्जा है?

लखनऊ जिले की मोहनलालगंज विधानसभा सीट संख्या 176 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में यहाँ भाजपा के अमरेश कुमार ने समाजवादी पार्टी की सुशीला सरोज को 16,548 मतों से हराया था।
अमरेश कुमार वर्तमान में इस सीट के विधायक हैं।
राम बहादुर के संभावित पार्टी परिवर्तन से स्थानीय राजनीतिक चर्चा बढ़ सकती है, लेकिन यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि उन्हें 2027 में मोहनलालगंज से उम्मीदवार बनाया जाएगा।
26 अक्टूबर को लखनऊ में क्या होगा?
24 अक्टूबर की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 26 अक्टूबर को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम के दौरान कुछ नेताओं की सदस्यता का ऐलान हो सकता है।
राम बहादुर के इसी कार्यक्रम में शामिल होने की खबर है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी को लेकर भी चर्चा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि राम बहादुर औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होते हैं या नहीं और पार्टी उनके लिए आगे क्या जिम्मेदारी तय करती है।
फिलहाल 26 अक्टूबर के संभावित कार्यक्रम को लेकर मीडिया रिपोर्टें सामने आई हैं, लेकिन सदस्यता पूरी होने की खबर अभी नहीं है।

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