UP Election 2027: BJP के 30–40% विधायकों के कट सकते हैं टिकट, रिपोर्ट में दावा

यूपी में उम्मीदवार बदलने पर विचार की खबर के बीच पुराने चुनावी नतीजे अलग तस्वीर दिखाते हैं। क्षेत्रीय स्तर पर फीडबैक जुटाने के लिए केंद्रीय टीम की तैयारियों का भी विवरण सामने आया है।

UP चुनाव 2027 से पहले BJP के टिकट वितरण पर नई रिपोर्ट आई है। इसमें कई मौजूदा विधायकों की जगह नए उम्मीदवार उतारने पर विचार का दावा है। हालांकि इसे अंतिम फैसला या उम्मीदवारों की सूची नहीं माना जा सकता।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 20 अक्टूबर 2026
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यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा के उम्मीदवार चयन और क्षेत्रीय फीडबैक से जुड़ी खबर का सांकेतिक ग्राफिक।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा के कितने मौजूदा विधायकों को दोबारा मौका मिलेगा? उम्मीदवार चयन को लेकर आई नई रिपोर्ट ने इस सवाल को महत्वपूर्ण बना दिया है। इकनॉमिक टाइम्स की 20 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी अपने लगभग 30–40 प्रतिशत मौजूदा विधायकों को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट में वरिष्ठ पार्टी नेताओं का हवाला दिया गया है। 
हालांकि, विचार-विमर्श और अंतिम टिकट वितरण अलग बातें हैं। उपलब्ध रिपोर्ट में किसी विधायक का नाम लेकर उसका टिकट काटने की आधिकारिक घोषणा नहीं दी गई है। 

खबर में खास

  • उम्मीदवारों में बदलाव की संभावना पर रिपोर्ट आई है, अंतिम सूची पर नहीं।
  • पुराने चुनावी नतीजों में नए और दोबारा उतारे गए उम्मीदवारों का प्रदर्शन अलग रहा।
  • केंद्रीय टीम के जरिए विधानसभा क्षेत्रों से फीडबैक जुटाने की तैयारी भी सामने आई है। 

सिर्फ चेहरा बदलना जीत का फॉर्मूला नहीं

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के दोबारा उतारे गए उम्मीदवारों की जीत की दर लगभग 85 प्रतिशत थी। मौजूदा विधायकों की जगह लाए गए उम्मीदवारों के लिए यह लगभग 77 प्रतिशत रही। 
इन आंकड़ों से किसी एक रणनीति को हर सीट पर सफल मानना सही नहीं होगा। उम्मीदवार बदलने के फैसले का मूल्यांकन स्थानीय परिस्थितियों और उम्मीदवार की स्वीकार्यता के साथ करना जरूरी है।

विधानसभा क्षेत्रों से कैसे जुटेगा फीडबैक?

20 अक्टूबर को प्रकाशित एक अलग रिपोर्ट के मुताबिक, विनोद तावड़े के नेतृत्व वाली केंद्रीय टीम के सदस्यों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदीप वर्मा को अवध और गोरखपुर, अनंत ओझा को पश्चिमी यूपी और ब्रज तथा जगदीश ईश्वरभाई पटेल को काशी और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रों पर ध्यान देना है। मेधा कुलकर्णी महिला और युवा संबंधी कार्यक्रमों की निगरानी करेंगी। 
रिपोर्ट के अनुसार, जिला इकाइयों, विस्तारकों और विधानसभा प्रभारियों के जरिए मौजूदा विधायकों तथा संभावित उम्मीदवारों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। भाजपा प्रवक्ता अंकुश त्रिपाठी ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और बूथ कार्यकर्ताओं के लगातार जमीनी काम करने की बात कही है।

समीक्षा की चर्चा पहले से, नया क्या है?

विधायकों के प्रदर्शन की समीक्षा का विषय नया नहीं है। सितंबर में हिन्दुस्तान ने भी गोरखपुर क्षेत्र के कुछ मौजूदा विधायकों के बारे में आंतरिक सर्वे में प्रतिकूल फीडबैक मिलने की खबर प्रकाशित की थी। वह भी सूत्रों पर आधारित रिपोर्ट थी, टिकट काटने का घोषित फैसला नहीं। 
इस बार नया पहलू संभावित बदलाव की संख्या पर आई रिपोर्ट और क्षेत्रीय फीडबैक जुटाने वाली टीम का विस्तृत विवरण है। किस विधायक को टिकट मिलेगा, किसका बदलेगा और कौन नया उम्मीदवार होगा—इन सवालों पर निष्कर्ष संबंधित आधिकारिक घोषणा के बाद ही निकाला जाना चाहिए।

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