70% मुस्लिम मतदाताओं वाली रेजीनगर सीट पर BJP की जीत, शुभेंदु अधिकारी ने किया बड़ा दावा
पश्चिम बंगाल के रेजीनगर उपचुनाव में भाजपा के शंखारव सरकार करीब 75 हजार वोटों से जीते। CM शुभेंदु अधिकारी ने मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन का दावा किया।
On
पश्चिम बंगाल की मुस्लिम बहुल रेजीनगर विधानसभा सीट पर भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि बंगाली मुस्लिम मतदाता भी भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। जानिए चुनाव परिणाम और इस सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि।
रेजीनगर में भाजपा की 75 हजार वोटों से जीत, शुभेंदु अधिकारी बोले—मुस्लिम मतदाता भी दे रहे साथ
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 9 अक्टूबर 2026
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की है। इस क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत बताई जाती है। भाजपा उम्मीदवार शंखारव सरकार ने करीब 75 हजार मतों के अंतर से चुनाव जीता है। इस परिणाम के बाद राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि बंगाली मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन भी भाजपा को मिल रहा है।
रेजीनगर सीट पहले आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के पास थी। उन्होंने दो विधानसभा सीटों से जीतने के बाद रेजीनगर से इस्तीफा दे दिया था। इस उपचुनाव में उनकी पार्टी ने उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया था।
खबर में खास
-
रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार शंखारव सरकार की जीत।
-
भाजपा ने करीब 75 हजार वोटों के अंतर से चुनाव जीता।
-
इस सीट पर लगभग 70 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता होने का अनुमान है।
-
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन का दावा किया।
-
हुमायूं कबीर ने पहले दो सीटों से जीतने के बाद रेजीनगर सीट छोड़ी थी।
-
भाजपा ने प्रचार में रोजगार, सड़क, अस्पताल और विकास के मुद्दों पर जोर दिया।
रेजीनगर में भाजपा की बड़ी जीत
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान हुआ था। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को हुई मतगणना में भाजपा उम्मीदवार शंखारव सरकार ने जीत दर्ज की।
विभिन्न चुनावी रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा की जीत का अंतर लगभग 75 हजार वोट रहा। इस सीट पर पहले हुमायूं कबीर ने जीत हासिल की थी।
भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय विकास और रोजगार के मुद्दों को प्रमुखता दी थी। हालांकि, सिर्फ चुनाव परिणाम के आधार पर यह निश्चित नहीं कहा जा सकता कि किसी एक मुद्दे की वजह से ही पार्टी को जीत मिली।
शुभेंदु अधिकारी ने मुस्लिम मतदाताओं को लेकर क्या कहा?
उपचुनाव के परिणाम के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि बंगाली मुस्लिम मतदाता अब भाजपा का समर्थन कर रहे हैं।
उन्होंने रेजीनगर में भाजपा को मुस्लिम मतदाताओं के बड़े हिस्से का समर्थन मिलने की बात कही। साथ ही आरोप लगाया कि पहले भाजपा को लेकर अल्पसंख्यक समुदाय में डर और आशंका फैलाई जाती थी।
शुभेंदु अधिकारी ने अपनी सरकार के विकास कार्यों का भी हवाला दिया।
हालांकि, उनका बयान राजनीतिक दावा है। विधानसभा क्षेत्र के कुल चुनाव परिणाम से यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी समुदाय के कितने प्रतिशत लोगों ने किस पार्टी को वोट दिया। इसके लिए विश्वसनीय, समुदाय-आधारित मतदान अध्ययन की आवश्यकता होगी।
रेजीनगर में करीब 70 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता
रेजीनगर सीट पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में आती है। उपलब्ध राजनीतिक रिपोर्टों के अनुसार यहां मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत है।
इसी कारण इस क्षेत्र के परिणाम पर राजनीतिक चर्चा हो रही है।
भाजपा ने इस उपचुनाव में जीत हासिल की, जबकि पहले इस सीट पर हुमायूं कबीर का प्रभाव रहा है।
लेकिन मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की जीत को सीधे सभी मुस्लिम मतदाताओं के बदलते राजनीतिक रुख का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
हुमायूं कबीर ने क्यों छोड़ी थी सीट?
2026 के विधानसभा चुनाव में आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नौदा, दोनों विधानसभा सीटों से चुनाव जीता था।
इसके बाद उन्होंने नौदा सीट अपने पास रखी और रेजीनगर विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया।
सीट खाली होने के कारण यहां उपचुनाव कराया गया।
हुमायूं कबीर की पार्टी ने उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा, लेकिन भाजपा उम्मीदवार शंखारव सरकार ने जीत दर्ज की।
विकास और रोजगार को बनाया चुनावी मुद्दा
रेजीनगर में भाजपा के चुनाव प्रचार के दौरान सड़क, पुल, अस्पताल, कॉलेज, रोजगार और औद्योगिक विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में प्रचार किया।
पार्टी नेताओं ने कहा कि क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार और बुनियादी सुविधाएं महत्वपूर्ण विषय हैं।
इस दौरान हुमायूं कबीर की बाबरी मस्जिद बनाने संबंधी घोषणा भी राजनीतिक चर्चा में रही। हालांकि, मतदाताओं ने किस आधार पर वोट दिया, इसका स्पष्ट निष्कर्ष केवल परिणाम देखकर नहीं निकाला जा सकता।
नंदीग्राम उपचुनाव में भी भाजपा की जीत
रेजीनगर के साथ नंदीग्राम विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव हुआ था।
नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को 1,22,753 वोटों के अंतर से हराया।
हसीरानी रथ को 1,64,427 वोट मिले, जबकि मिलन प्रधान को 41,674 मत मिले।
यह सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से खाली हुई थी। उन्होंने पहले नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव जीता था और बाद में भवानीपुर सीट अपने पास रखी।
रेजीनगर के नतीजे से क्या स्पष्ट हुआ?
