सोशल मीडिया में समय गंवा रहे युवा? CM योगी बोले—अपना ‘बुक बैंक’ बनाइए, कोई मंजिल कठिन नहीं

लखनऊ विश्वविद्यालय में पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से सोशल मीडिया तक सीमित न रहने, अलग-अलग विषयों की किताबें पढ़ने और अपना ‘बुक बैंक’ बनाने की अपील की। महोत्सव 20 सितंबर तक चलेगा।

लखनऊ में गोमती पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ विश्वविद्यालय में शुरू हुए पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को किताबों से दोस्ती करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि केवल पाठ्यक्रम की किताबों तक ज्ञान सीमित नहीं होना चाहिए। युवाओं को साहित्य, महापुरुषों की आत्मकथा, विज्ञान और दूसरे विषयों की किताबें भी पढ़नी चाहिए।

लखनऊ: मोबाइल, सोशल मीडिया और डिजिटल कंटेंट के दौर में युवाओं की किताबों से बढ़ती दूरी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अलग संदेश दिया है। शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का उद्घाटन करते हुए सीएम योगी ने युवाओं से कहा कि वे अपने ज्ञान को केवल कॉलेज या स्कूल की पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखें, बल्कि अलग-अलग विषयों की किताबें पढ़ें और अपना एक निजी ‘बुक बैंक’ तैयार करें।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में डिजिटल युग और युवाओं के पढ़ने की आदत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह चिंता रही है कि युवा किताबों से दूर होकर अपना अधिक समय सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर खर्च कर रहे हैं। लेकिन गोमती पुस्तक महोत्सव के पिछले संस्करणों में युवाओं की भागीदारी देखकर उनकी यह धारणा बदली है।

CM योगी बोले—सिर्फ पाठ्यक्रम की किताबें काफी नहीं

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लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया तक सीमित न रहने, अलग-अलग विषयों की किताबें पढ़ने और अपना निजी ‘बुक बैंक’ तैयार करने की अपील की।

सीएम योगी ने छात्रों और युवाओं से कहा कि केवल कॉलेज के पाठ्यक्रम की किताबों को पढ़ लेने से समाज और देश की पूरी समझ विकसित नहीं होती।

उन्होंने युवाओं को साहित्य, धार्मिक ग्रंथों, महापुरुषों की आत्मकथाओं, वैज्ञानिकों की रिसर्च और यात्राओं से जुड़ी किताबें पढ़ने की सलाह दी। उनका कहना था कि खाली समय में पुस्तकों से जुड़ने की आदत युवाओं की रचनात्मकता और सोचने की क्षमता को आगे बढ़ा सकती है।

योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से अपना एक बुक बैंक तैयार करने की अपील करते हुए संदेश दिया कि सुविधाओं का सही इस्तेमाल किया जाना चाहिए और पढ़ने की आदत को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि मंजिल कठिन नहीं होती, जरूरत अपनी राह तैयार करने की होती है।

PM मोदी की ‘Exam Warriors’ पढ़ने की भी सलाह

मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘Exam Warriors’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को यह पुस्तक पढ़नी चाहिए क्योंकि इससे युवाओं और बच्चों को परीक्षा तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए नैमिषारण्य, काशी और प्रयागराज का भी उदाहरण दिया और कहा कि इन स्थानों ने देश की ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

नौ दिनों तक चलेगा Gomti Book Festival

गोमती पुस्तक महोत्सव का यह पांचवां संस्करण 12 सितंबर से 20 सितंबर 2026 तक लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास यानी NBT, उत्तर प्रदेश सरकार और लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयोग से किया जा रहा है।

Live Hindustan की रिपोर्ट के मुताबिक महोत्सव में करीब 250 पुस्तक स्टॉल लगाए गए हैं और 121 प्रकाशकों की भागीदारी है। यहां हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकें पाठकों के लिए उपलब्ध रहेंगी। महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया है।

महोत्सव में 22 भाषाओं की पुस्तकें उपलब्ध होने के साथ 100 से ज्यादा पुस्तकों के विमोचन और परिचय से जुड़े कार्यक्रम भी रखे गए हैं।

बच्चों के लिए भी खास इंतजाम

यह पुस्तक महोत्सव केवल पुस्तक खरीदने तक सीमित नहीं है। बच्चों के लिए अलग ‘बाल मंडप’ तैयार किया गया है।

यहां कठपुतली नाटक, कहानी-कथन, वैदिक गणित, माइंडफुलनेस, क्ले आर्ट, सुलेख, कैरिकेचर, कविता पाठ और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। शाम के समय कथक, लोक प्रस्तुतियां, मुशायरा, नाट्य प्रस्तुति और दास्तानगोई जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।

7 हजार से ज्यादा ई-बुक भी उपलब्ध

दिलचस्प बात यह है कि किताबों को लेकर आयोजित इस महोत्सव में डिजिटल माध्यम को पूरी तरह नकारा नहीं गया है।

यहां लोगों को राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, जिसके जरिए सात हजार से अधिक ई-बुक तक पहुंच उपलब्ध होने की बात कही गई है। यानी आयोजन का संदेश केवल छपी हुई किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यम से पढ़ने की आदत बढ़ाने पर भी है।

शुभांशु शुक्ला से लेकर मालिनी अवस्थी तक होंगे शामिल

अगले नौ दिनों में महोत्सव में कई चर्चित हस्तियां शामिल होंगी।

इनमें अंतरिक्ष यात्री और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, लोक गायिका मालिनी अवस्थी, लेखक शांतनु गुप्ता और पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिंह समेत अलग-अलग क्षेत्रों की हस्तियां शामिल हैं।

Times of India के मुताबिक 15 सितंबर को शुभांशु शुक्ला छात्रों से अंतरिक्ष और सपनों की उड़ान से जुड़े विशेष सत्र में संवाद करेंगे, जबकि अलग-अलग दिनों में साहित्य, संस्कृति और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

युवाओं को किताबों की ओर वापस लाने की कोशिश

आज स्मार्टफोन पर Reels, Shorts और लगातार बदलते डिजिटल कंटेंट के बीच युवाओं का ध्यान लंबे समय तक किसी एक विषय पर बनाए रखना बड़ी चुनौती बन चुका है।

ऐसे दौर में गोमती पुस्तक महोत्सव जैसे आयोजन का उद्देश्य युवाओं को पढ़ने, लेखकों से संवाद करने और अपनी रुचि के नए विषय तलाशने का अवसर देना है।

सीएम योगी का संदेश भी इसी दिशा में रहा—ज्ञान को केवल परीक्षा पास करने का माध्यम न बनाएं, बल्कि किताबों को जीवन और सोच का हिस्सा बनाएं।

अब सवाल युवाओं से है—मोबाइल पर रोज घंटों बिताने वाली नई पीढ़ी क्या अपने लिए रोज कुछ समय किताबों के नाम भी कर सकती है?

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