UP चुनाव 2027: BJP का '50 परिवार-1 कार्यकर्ता' प्लान! आज लखनऊ में वीडी शर्मा की बैठक, 3 नवंबर से 6 बड़ी पदयात्राओं की तैयारी

अमित शाह के यूपी दौरे के बाद भाजपा ने बूथ स्तर से लेकर कारोबारियों और सामाजिक समूहों तक संपर्क बढ़ाने की रणनीति बनाई। 24 प्रकोष्ठों की भूमिका पर लखनऊ में मंथन प्रस्तावित।

UP Election 2027: भाजपा ने हर 50 परिवारों तक एक कार्यकर्ता की पहुंच बनाने की योजना तैयार की है। आज लखनऊ में वीडी शर्मा की प्रकोष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है। 3 नवंबर से छह क्षेत्रों में पदयात्राओं की तैयारी है।

UP चुनाव 2027: BJP का '50 परिवार-1 कार्यकर्ता' प्लान! लखनऊ में आज अहम बैठक, छह क्षेत्रों में पदयात्राओं की तैयारी

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत भाजपा ने बूथ स्तर पर संपर्क अभियान तेज करने की योजना बनाई है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 2 नवंबर 2026

खबर में खास

  • भाजपा ने हर 50 परिवारों तक एक कार्यकर्ता के माध्यम से संपर्क बनाने की योजना तैयार की।
  • आज लखनऊ में वीडी शर्मा की प्रकोष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित।

  • सामाजिक, जातीय, पेशेवर और कारोबारी समूहों तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी।

  • 3 से 5 नवंबर के बीच यूपी के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राओं का कार्यक्रम।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठनात्मक अभियान को बूथ से आगे घर-घर तक पहुंचाने की योजना बनाई है। पार्टी की रणनीति में प्रत्येक 50 परिवारों तक एक कार्यकर्ता की पहुंच सुनिश्चित करने, अलग-अलग सामाजिक समूहों से संपर्क बढ़ाने और स्थानीय समस्याओं का फीडबैक जुटाने पर जोर दिया गया है।
इसी क्रम में सोमवार, 2 नवंबर को लखनऊ स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में प्रकोष्ठ पदाधिकारियों की बैठक प्रस्तावित है। मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय संकुल प्रकोष्ठ संयोजक वीडी शर्मा को इस अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।

हर 50 परिवारों पर एक कार्यकर्ता की क्या योजना है?

भाजपा की चुनावी तैयारियों में इस बार बूथ स्तर पर जिम्मेदारियां निर्धारित करने पर जोर है। रिपोर्टों के मुताबिक, एक कार्यकर्ता को लगभग 50 परिवारों से संपर्क की जिम्मेदारी देने की योजना तैयार की गई है।
इस अभियान में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद, स्थानीय समस्याओं की जानकारी, नए मतदाताओं से संपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों का विस्तार शामिल है।
प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने 31 अक्टूबर को हुई संगठनात्मक बैठक में माइक्रो मैनेजमेंट पर जोर दिया था। उन्होंने जिला और विधानसभा स्तर पर चुनाव संचालन समितियां गठित करने तथा विभिन्न स्तरों पर पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय करने के निर्देश दिए।

आज लखनऊ की बैठक में क्या होगा?

सोमवार को प्रस्तावित बैठक में वीडी शर्मा और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के प्रकोष्ठ पदाधिकारियों से संवाद करने का कार्यक्रम है।
भाजपा ने 24 प्रकोष्ठों के माध्यम से अलग-अलग पेशेवर और सामाजिक वर्गों के बीच संपर्क बढ़ाने की तैयारी की है। बैठक में प्रकोष्ठों की कार्ययोजना, स्थानीय नेटवर्क, फीडबैक और प्रदेश संगठन के साथ समन्वय पर चर्चा प्रस्तावित है।
हालांकि, बैठक के अंतिम निर्णयों और उसमें उपस्थित नेताओं की पुष्टि कार्यक्रम पूरा होने के बाद ही हो सकेगी।

3 नवंबर से छह क्षेत्रों में पदयात्राएं

भाजपा ने 3 से 5 नवंबर तक प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राओं का कार्यक्रम भी तैयार किया है।
रिपोर्टों के अनुसार, 3 नवंबर को लखनऊ और बरेली, 4 नवंबर को गोरखपुर और प्रयागराज तथा 5 नवंबर को गाजियाबाद और कानपुर में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
इनमें शिवराज सिंह चौहान, जेपी नड्डा, नितिन नबीन, केशव प्रसाद मौर्य, योगी आदित्यनाथ और ब्रजेश पाठक जैसे नेताओं की भागीदारी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रस्तावित है।
पार्टी ने प्रत्येक पदयात्रा में कम से कम 25 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। यह आयोजकों का लक्ष्य है, वास्तविक उपस्थिति का आंकड़ा नहीं।

सपा के PDA अभियान के बीच भाजपा की तैयारी

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक यानी PDA के राजनीतिक मुद्दे को सामने रख रहे हैं।
इसी चुनावी माहौल में भाजपा अपनी संगठनात्मक पहुंच का विस्तार महिलाओं, युवाओं, किसानों, छोटे कारोबारियों और अन्य सामाजिक समूहों तक करना चाहती है।
हालांकि, दोनों दलों की संगठनात्मक रणनीति और चुनावी अपील अलग हैं। किसी एक रणनीति के कारण चुनावी नतीजों में क्या बदलाव होगा, इसका निष्कर्ष अभी नहीं निकाला जा सकता।

आगे क्या देखना होगा?

भाजपा के सामने फिलहाल तीन प्रमुख संगठनात्मक कार्य हैं—लखनऊ की प्रस्तावित बैठक में प्रकोष्ठों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करना, 3 नवंबर से पदयात्राओं का आयोजन और घर-घर संपर्क की योजना को जमीन पर लागू करना।
2027 के चुनाव से पहले यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी इन कार्यक्रमों के माध्यम से किस तरह मतदाताओं से संवाद स्थापित करती है और विपक्ष अपने चुनावी मुद्दों को किस तरह आगे बढ़ाता है।

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