आजम खान की ED गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट में नई चुनौती! तत्काल सुनवाई से इनकार, इसी हफ्ते सुना जा सकता है मामला

रामपुर जेल से रिहाई के बाद ED ने किया था गिरफ्तार। गाजियाबाद कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, अब सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम रिहाई की मांग।

सपा नेता आजम खान ने ED गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। अदालत ने तत्काल सुनवाई का अनुरोध स्वीकार नहीं किया। इसी सप्ताह सुनवाई संभव है।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली/लखनऊ | 2 नवंबर 2026
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सपा नेता आजम खान ने ED की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

खबर में खास

  • आजम खान ने ED की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
  • CJI सूर्यकांत की पीठ ने तत्काल सुनवाई का अनुरोध स्वीकार नहीं किया।
  • 1 नवंबर को गाजियाबाद कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।
  • इसी सप्ताह याचिका पर सुनवाई संभव, अभी निश्चित तारीख सामने नहीं आई।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान की गिरफ्तारी को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में नया घटनाक्रम सामने आया। आजम खान ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई गिरफ्तारी और बाद में दिए गए न्यायिक हिरासत के आदेश को चुनौती दी है। उनके वकील ने तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया, लेकिन मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने अर्जेंट लिस्टिंग स्वीकार नहीं की। अदालत ने संकेत दिया कि याचिका इसी सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

सोमवार को अधिवक्ता निजाम पाशा ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने याचिका का उल्लेख किया। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। वकील ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए शीघ्र सुनवाई की मांग रखी।
 मुख्य न्यायाधीश ने शुरुआत में हाईकोर्ट जाने का सुझाव दिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि मामला इसी सप्ताह सूचीबद्ध किया जा सकता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी ED की गिरफ्तारी को न तो वैध ठहराया है और न अवैध; फिलहाल सिर्फ तत्काल सुनवाई की मांग पर स्थिति स्पष्ट हुई है।

जमानत मिली, लेकिन फिर क्यों हुई गिरफ्तारी?

29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दोहरे पैन कार्ड मामले में जमानत मिली थी। 31 अक्टूबर को दोनों रामपुर जेल से बाहर आए। इसके कुछ समय बाद ED ने आजम खान को एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया।
अगले दिन, 1 नवंबर को गाजियाबाद की विशेष PMLA अदालत ने आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह न्यायिक हिरासत है, ED की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत नहीं। इसी गिरफ्तारी और हिरासत आदेश को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

जौहर यूनिवर्सिटी का मामला क्या है?

मनी लॉन्ड्रिंग की जांच रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से संबंधित है। ED का आरोप है कि विश्वविद्यालय के निर्माण और जमीन से जुड़े मामलों में वित्तीय अनियमितताएं तथा सरकारी संसाधनों का कथित दुरुपयोग हुआ। ये जांच एजेंसी के आरोप हैं, अदालत से दोष सिद्ध होने का निष्कर्ष नहीं।
28 अक्टूबर को ED ने विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतें अस्थायी तौर पर कुर्क करने की जानकारी दी थी। एजेंसी के अनुसार, संबंधित संपत्तियों का अनुमानित मौजूदा बाजार मूल्य लगभग 1,170 करोड़ रुपये है। आरोपों और कुर्की से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
अब क्या होगा?
आजम खान की याचिका में गिरफ्तारी तथा 1 नवंबर के न्यायिक हिरासत आदेश को रद्द करने और अंतरिम रिहाई की मांग की गई है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से उन्हें रिहाई का कोई आदेश नहीं मिला। इस सप्ताह सुनवाई की संभावना बताई गई है, लेकिन सटीक तारीख और अगला आदेश आने तक स्थिति बदल सकती है।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आजम खान से जुड़े इस कानूनी घटनाक्रम पर सपा समर्थकों और राजनीतिक दलों की नजर है। हालांकि अगली सुनवाई में अदालत क्या फैसला देगी, इसका अनुमान लगाना अभी जल्दबाजी होगी।

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