'10 बार फोन आया, मैंने नहीं उठाया', ओडिशा के नए राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने सुनाया PM मोदी का किस्सा
ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने बताया कि उनके फोन पर करीब 10 बार निजी नंबर से कॉल आया, लेकिन उन्होंने नहीं उठाया। बाद में प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत हुई। अमित शाह ने भी फोन कर नई जिम्मेदारी की जानकारी दी।
Braj Mohan Ram: ओडिशा के नए राज्यपाल ने पीएम मोदी से जुड़ा अनसुना किस्सा बताया। आखिर 10 बार कॉल आने पर भी उन्होंने फोन क्यों नहीं उठाया?
पीएम मोदी से जुड़ा फोन का दिलचस्प किस्सा, 10 कॉल के बाद भी ब्रज मोहन राम ने नहीं उठाया फोन
ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर हुई बातचीत का अनुभव साझा किया।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | रांची | 14 अक्टूबर 2026
झारखंड के पलामू से तीन बार सांसद रह चुके भाजपा के वरिष्ठ नेता ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई फोन पर बातचीत का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है।
ब्रज मोहन राम ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक निजी नंबर से करीब 10 बार कॉल आया था। नंबर की पहचान नहीं होने के कारण उन्होंने कॉल नहीं उठाया। बाद में जब उन्हें बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे बात करना चाहते हैं, तो उन्होंने फोन पर बातचीत की।
खबर में खास
ब्रज मोहन राम ने करीब 10 बार निजी नंबर से कॉल आने का किस्सा सुनाया।
नंबर की पहचान नहीं होने के कारण नहीं उठाया फोन, बाद में पीएम मोदी से बात हुई।
प्रधानमंत्री ने 'जोहार' कहकर अभिवादन किया, अमित शाह ने भी फोन किया।
राष्ट्रपति ने 12 अक्टूबर को ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया।
10 बार फोन आने पर भी क्यों नहीं उठाया कॉल?
ब्रज मोहन राम ने बातचीत के दौरान बताया कि उनके मोबाइल पर लगातार एक निजी नंबर से फोन आ रहा था। करीब 10 बार कॉल आने के बावजूद उन्होंने फोन नहीं उठाया।
उनके मुताबिक, फोन पर कॉल करने वाले का नंबर दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे में वह यह नहीं समझ पाए कि कौन उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहा है।
बाद में दूसरे नंबर से संपर्क कर उन्हें बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे बातचीत करना चाहते हैं। इसके बाद उनकी प्रधानमंत्री से बात हो सकी।
हालांकि, दस कॉल की संख्या और कॉल करने वाले की पहचान का विवरण राम के अपने बयान पर आधारित है।
प्रधानमंत्री मोदी ने फोन पर क्या कहा?
ब्रज मोहन राम के अनुसार, जब उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई, तो प्रधानमंत्री ने उनका अभिवादन 'जोहार' कहकर किया।
इसके बाद प्रधानमंत्री ने उनसे संगठन से जुड़ी जानकारी ली और बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की बात कही।
राम ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनसे फोन पर संपर्क किया और ओडिशा का राज्यपाल बनाए जाने की जानकारी दी।
उनके अनुसार, शुरुआत में उन्हें यह सूचना सार्वजनिक नहीं करने के लिए कहा गया था।
नई जिम्मेदारी मिलने पर ब्रज मोहन राम ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया।
कौन हैं ओडिशा के नए राज्यपाल ब्रज मोहन राम?
ब्रज मोहन राम झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा क्षेत्र से आते हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1958 को हुआ था।
उन्होंने रांची विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और इसके बाद राजनीति में सक्रिय हुए।
वर्ष 1991 में वह भाजपा के टिकट पर तत्कालीन बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए। इसके बाद उन्होंने पलामू लोकसभा सीट से 1996, 1998 और 1999 के चुनाव जीते।
वह तीन बार लोकसभा सांसद रहने के अलावा भाजपा संगठन में भी विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
राष्ट्रपति ने कब की राज्यपाल नियुक्ति की घोषणा?
राष्ट्रपति भवन ने 12 अक्टूबर 2026 को छह राज्यों से संबंधित राज्यपाल नियुक्तियों और फेरबदल की घोषणा की थी।
इसी आदेश में ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया। वह हरि बाबू कम्भम्पति का स्थान लेंगे।
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, नई नियुक्तियां संबंधित पदों का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगी।
इसलिए नियुक्ति की घोषणा और औपचारिक रूप से राज्यपाल का कार्यभार ग्रहण करना दो अलग चरण हैं।
ओडिशा में किन मुद्दों पर काम करेंगे ब्रज मोहन राम?
अपनी नियुक्ति के बाद ब्रज मोहन राम ने कहा कि वह गरीबों की समस्याओं के समाधान और लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रयास करेंगे।
उन्होंने राज्य की समृद्धि, जनकल्याण और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने को अपनी प्राथमिकताओं में बताया।
झारखंड भाजपा के कई नेताओं ने उनकी नियुक्ति पर बधाई दी है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।
फिलहाल ब्रज मोहन राम की नियुक्ति के साथ प्रधानमंत्री मोदी के फोन वाला उनका किस्सा चर्चा में है। अब ओडिशा में राज्यपाल के रूप में उनका कार्यभार ग्रहण करना अगला महत्वपूर्ण कदम होगा।