Mallikarjun Kharge Remark: लखनऊ में खरगे के खिलाफ सड़क पर उतरी BJP, हजरतगंज में प्रदर्शन; कांग्रेस ने बताया बयान का अलग संदर्भ
पटना में प्रधानमंत्री मोदी को लेकर दिए गए बयान के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज में नारेबाजी की और माफी की मांग उठाई। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि खरगे का संदर्भ RSS से था।
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मल्लिकार्जुन खरगे की पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर लखनऊ के हजरतगंज में भाजपा ने प्रदर्शन किया। जानिए खरगे ने क्या कहा, भाजपा की आपत्ति क्या है और कांग्रेस ने क्या सफाई दी।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 26 अक्टूबर 2026
खबर में खास
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लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने खरगे के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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भाजपा ने टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बयान की आलोचना की।
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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि खरगे का इशारा RSS की ओर था।
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दिल्ली, पटना और बेंगलुरु सहित दूसरे शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए।
लखनऊ के हजरतगंज में भाजपा का प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार, 26 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान को लेकर भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए।
हजरतगंज चौराहे पर भाजपा के लखनऊ महानगर संगठन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर खरगे की टिप्पणी का विरोध कर रहे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष से माफी और पार्टी नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ कार्यकर्ता हजरतगंज कोतवाली भी पहुंचे और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुटे। हालांकि इस मामले में FIR दर्ज होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है।
खरगे ने पटना में क्या कहा था?
विवाद रविवार, 25 अक्टूबर को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम से शुरू हुआ।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर राजनीतिक टिप्पणी कर रहे थे।
उसी दौरान कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री मोदी के पद पर बने रहने को लेकर कुछ कहा। जवाब में खरगे ने कहा, 'मोदी का बाप भी जाएगा।'
इस टिप्पणी के सार्वजनिक होने के बाद भाजपा ने आपत्ति जताई। पार्टी का कहना है कि ऐसे शब्द प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति अपमानजनक हैं।
हालांकि टिप्पणी का वास्तविक संदर्भ और उसका आशय भी राजनीतिक विवाद का विषय बना हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी की निंदा की।
योगी ने इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अमर्यादित टिप्पणी बताते हुए कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग की।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व राजनीतिक विरोध में भाषा की मर्यादा का ध्यान नहीं रख रहा है।
यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक प्रतिक्रिया है। टिप्पणी के आशय पर कांग्रेस का पक्ष इससे अलग है।
कांग्रेस की सफाई—RSS की ओर था इशारा
इस विवाद में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने खरगे का बचाव किया है।
पवन खेड़ा के मुताबिक, पटना के कार्यक्रम में एक व्यक्ति ने खरगे की बात में हस्तक्षेप किया था और उनके पिता से जुड़ी बात कही थी।
खेड़ा ने दावा किया कि खरगे का इशारा प्रधानमंत्री मोदी के वास्तविक पिता की ओर नहीं, बल्कि RSS की ओर था, जिसे उन्होंने प्रधानमंत्री का वैचारिक अभिभावक बताया।
इस प्रकार भाजपा जहां बयान को व्यक्तिगत अपमान मान रही है, वहीं कांग्रेस का तर्क है कि टिप्पणी को उसके राजनीतिक संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है।
दिल्ली से बेंगलुरु तक विरोध
खरगे के बयान को लेकर प्रदर्शन केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहे।
सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष के आवास के पास भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पटना में भी विरोध जताया गया, जबकि बेंगलुरु में प्रदर्शन के दौरान कुछ भाजपा नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है।
भाजपा ने बयान वापस लेने और माफी की मांग उठाई है। दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा की प्रतिक्रिया और बयान की व्याख्या पर सवाल उठाए हैं
राजनीतिक बयान से शुरू हुआ विवाद, अब सड़क तक पहुंचा
