चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव का बड़ा आरोप! आज CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का 'जन महाभियोग', राहुल गांधी देंगे समापन भाषण

दिल्ली में खरगे के आवास पर आज दोपहर 3:30 बजे प्रतीकात्मक कार्यवाही प्रस्तावित। करीब 21 विपक्षी दलों के शामिल होने की उम्मीद; पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी अध्यक्षता। अखिलेश ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

INDIA Bloc Jan Mahabhiyog: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष आज दिल्ली में प्रतीकात्मक जन महाभियोग आयोजित करेगा। अखिलेश यादव ने लखनऊ में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। जानिए राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और मीरा कुमार की भूमिका।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली/लखनऊ | 31 अक्टूबर 2026
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रतीकात्मक जन महाभियोग से पहले अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

खबर में खास

  • आज दोपहर 3:30 बजे खरगे के दिल्ली स्थित आवास पर विपक्ष का कार्यक्रम प्रस्तावित।
  • अखिलेश यादव ने 31 अक्टूबर को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

  • करीब 21 विपक्षी दलों के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना।

  • मल्लिकार्जुन खरगे प्रस्ताव पेश करेंगे, राहुल गांधी समापन भाषण देंगे।

  • यह संवैधानिक महाभियोग नहीं, बल्कि राजनीतिक विरोध का प्रतीकात्मक आयोजन है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची और चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक विवाद एक नए चरण में पहुँच गया है। विपक्षी गठबंधन INDIA आज, 31 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' आयोजित करने जा रहा है।
इस बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार दोपहर लखनऊ में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सरकार विपक्ष की बात नहीं सुनती, तब ऐसी प्रतीकात्मक संसद के जरिए अपनी बात सामने रखी जाती है।
अखिलेश का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी दलों के नेता दिल्ली में कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हैं।

अखिलेश यादव ने आज क्या कहा?

31 अक्टूबर को दोपहर 12:58 बजे सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, अखिलेश यादव ने लखनऊ में कहा कि विपक्ष इस आयोजन के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है।
उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। भाजपा पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन और संसद में बहस से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
हालांकि, चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर अखिलेश की टिप्पणी एक राजनीतिक आरोप है। इसे न्यायिक या स्वतंत्र जांच से स्थापित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

खरगे के घर क्या होने वाला है?

कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर प्रस्तावित है। शनिवार सुबह प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, इसे दोपहर 3:30 बजे शुरू करने की तैयारी थी।
करीब 21 विपक्षी दलों की भागीदारी की उम्मीद जताई गई है। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगी। खरगे शुरुआत में प्रस्ताव रखेंगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समापन संबोधन देंगे।
,प्रत्येक विपक्षी दल के एक सांसद को लगभग छह मिनट बोलने का अवसर देने की योजना है। सरकार की ओर से प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व नहीं रखा जाएगा।

आखिर किस मुद्दे पर विरोध कर रहा है विपक्ष?

विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, मतदाता सूची में नाम हटाने और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहा है।
कार्यक्रम में उन लोगों की आपबीती भी सुनाए जाने की योजना है, जो मतदाता सूची से नाम हटने के कारण प्रभावित होने का दावा करते हैं।
विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आरोपों को सार्वजनिक रूप से सामने रखना चाहता है। हालांकि, आरोपों की सत्यता और प्रत्येक मामले में चुनाव आयोग की कार्रवाई का स्वतंत्र सत्यापन जरूरी है।

अमित शाह ने विपक्ष को क्या जवाब दिया?

इस राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को 'वोट चोरी' के आरोपों पर संसद में चर्चा करने की चुनौती दी है।
31 अक्टूबर को प्रकाशित द स्टेट्समैन की रिपोर्ट के अनुसार, शाह ने चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। इससे स्पष्ट है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद बने हुए हैं।

क्या इस 'जन महाभियोग' से CEC को हटाया जा सकता है?

नहीं। यह आयोजन एक राजनीतिक और प्रतीकात्मक कार्यवाही है। इससे मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने का कोई कानूनी आदेश नहीं होगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया अलग है, जिसमें संसद की निर्धारित प्रक्रिया और विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है।
इसलिए आज के आयोजन को औपचारिक संसदीय महाभियोग के रूप में प्रस्तुत करना गलत होगा।

कल दिल्ली में क्या होगा?

1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष की बड़ी रैली प्रस्तावित है। इसमें विभिन्न दलों के नेताओं और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी इस आंदोलन से जुड़ी अपनी तैयारियों और भागीदारी की बात कही है। रैली की वास्तविक उपस्थिति और उसके बाद होने वाली घोषणाओं का पता आयोजन के बाद ही चलेगा।
फिलहाल बड़ा सवाल यह है कि विपक्ष आज मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कौन-से साक्ष्य सामने रखेगा और उन पर चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया आएगी?

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