UP में जनगणना की तारीख बदली या नहीं? केंद्र की नई अधिसूचना के बाद बड़ी जानकारी! 16 नवंबर से ऑनलाइन, 1 दिसंबर से घर-घर होगी गणना

केंद्र सरकार ने देश के अधिकांश हिस्सों में 25 जनवरी से जनगणना का कार्यक्रम घोषित किया है, लेकिन उत्तर प्रदेश में पहले से तय तारीखें लागू रहेंगी। लोग 16 नवंबर से स्वयं अपनी जानकारी भर सकेंगे और 1 दिसंबर से घर-घर गणना होगी।

UP Census 2027: केंद्र की 30 अक्टूबर की अधिसूचना के बावजूद उत्तर प्रदेश में जनगणना की तारीख नहीं बदली है। ऑनलाइन स्व-गणना 16 से 30 नवंबर और घर-घर जनसंख्या गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक होगी। जानिए पूरा कार्यक्रम।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 31 अक्टूबर 2026
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उत्तर प्रदेश में जनसंख्या गणना 1 दिसंबर 2026 से शुरू होगी। केंद्र की नई अधिसूचना से प्रदेश के कार्यक्रम में बदलाव नहीं हुआ है।

खबर में खास

  • केंद्र की 30 अक्टूबर की नई अधिसूचना से उत्तर प्रदेश का जनगणना कार्यक्रम नहीं बदला।
  • यूपी में 16 से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन स्व-गणना का विकल्प।

  • 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जनसंख्या गणना।

  • 5 से 9 जनवरी तक पुनरीक्षण चरण निर्धारित।

  • उत्तर प्रदेश सहित चार चुनाव वाले राज्यों के लिए अलग कार्यक्रम पहले ही जारी हो चुका है।

  • देश के अधिकांश अन्य राज्यों में घर-घर गणना 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जनगणना की तारीखों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। केंद्र सरकार ने 30 अक्टूबर को देश के अधिकांश राज्यों में जनसंख्या गणना के लिए 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 का कार्यक्रम घोषित किया है। हालांकि इस नई अधिसूचना का उत्तर प्रदेश के पहले से निर्धारित कार्यक्रम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
शनिवार, 31 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में जनगणना का दूसरा चरण तय समय पर ही शुरू होगा। प्रदेश के निवासी 16 नवंबर से ऑनलाइन स्व-गणना कर सकेंगे, जबकि सरकारी गणनाकर्मी 1 दिसंबर से घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करना शुरू करेंगे।

यूपी में जनगणना कब से कब तक होगी?

उत्तर प्रदेश के लिए केंद्र सरकार ने 5 सितंबर 2026 को ही अलग अधिसूचना जारी कर दी थी। इसमें जनसंख्या गणना, स्व-गणना और पुनरीक्षण की तारीखें निर्धारित हैं।

उत्तर प्रदेश जनगणना 2027 — आधिकारिक कार्यक्रम

  1. 16–30 नवंबर 2026

    ऑनलाइन स्व-गणना: नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं भरने का विकल्प

  2. 1 दिसंबर 2026 – 4 जनवरी 2027

    घर-घर जनसंख्या गणना: अधिकृत गणनाकर्मी जानकारी एकत्र करेंगे

  3. 5–9 जनवरी 2027

    पुनरीक्षण चरण: निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विवरण की समीक्षा और सुधार

 

संदर्भ तिथि: 5 जनवरी 2027, रात 12 बजे

स्रोत: भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त का कार्यालय
ये तारीखें सरकारी जनगणना पोर्टल और राजपत्र अधिसूचना में दर्ज हैं।

केंद्र की नई अधिसूचना यूपी पर क्यों लागू नहीं?

दरअसल, भारत सरकार ने चुनाव वाले कुछ राज्यों के लिए जनगणना का कार्यक्रम पहले ही अलग तय कर दिया था।
इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के बर्फ से मुक्त क्षेत्र शामिल हैं।
इन राज्यों के लिए 1 दिसंबर से जनसंख्या गणना की व्यवस्था पहले से निर्धारित है। इस कारण 30 अक्टूबर को बाकी राज्यों के लिए जारी नई अधिसूचना में इन्हें अलग रखा गया है।
इसका अर्थ जनगणना रद्द या स्थगित होना नहीं है। उत्तर प्रदेश का कार्यक्रम पहले की तरह जारी रहेगा।

घर बैठे ऑनलाइन जनगणना कैसे होगी?

जनगणना-2027 में नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा दी जा रही है।
इसके तहत लोग निर्धारित ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से अपनी जनसंख्या संबंधी जानकारी स्वयं भर सकेंगे। उत्तर प्रदेश के लिए इस सुविधा की अवधि 16 नवंबर से 30 नवंबर तय की गई है।
सरकार ने डिजिटल जनगणना के लिए मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन सेवाओं की व्यवस्था विकसित की है।
नागरिकों को संबंधित सरकारी पोर्टल पर जारी निर्देशों का पालन करना होगा। अभी उत्तर प्रदेश की स्व-गणना अवधि शुरू नहीं हुई है।

क्या जनगणना और वोटर लिस्ट का SIR एक ही है?

नहीं। दोनों अलग-अलग सरकारी प्रक्रियाएँ हैं।
जनगणना का उद्देश्य देश की आबादी, परिवारों और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों से संबंधित सांख्यिकीय जानकारी एकत्र करना है। इसे गृह मंत्रालय के अधीन जनगणना आयुक्त कार्यालय संचालित करता है।
वहीं SIR मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसे भारत निर्वाचन आयोग के अधीन संचालित किया जाता है।
इसलिए जनगणना की तारीखों को विधानसभा चुनाव की तारीख या मतदाता सूची पुनरीक्षण की समयसीमा समझना गलत होगा।

यूपी चुनाव 2027 से पहले क्यों महत्वपूर्ण?

उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इससे पहले व्यापक जनगणना कार्यक्रम भी आयोजित होगा।
जनगणना से प्राप्त आँकड़े भविष्य में सरकारी योजनाओं, संसाधन आवंटन और सार्वजनिक नीतियों की योजना बनाने में उपयोगी हो सकते हैं।
हालांकि जनगणना के कार्यक्रम का अर्थ विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित होना नहीं है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा भारत निर्वाचन आयोग ही करेगा।
फिलहाल उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि स्व-गणना 16 नवंबर से और घर-घर जनसंख्या गणना 1 दिसंबर से शुरू होगी।
प्रत्यक्षदर्शी का सवाल: क्या जनगणना शुरू होने से पहले सरकार को प्रत्येक जिले में ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया और नागरिकों के डेटा की सुरक्षा के बारे में जागरूकता अभियान चलाना चाहिए?

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