ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, रात में खाई थी मैगी? माता-पिता और 3 बच्चों के शव मिले
ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में पति-पत्नी और तीन बच्चों की संदिग्ध मौत से हड़कंप। परिजनों के मुताबिक रात में नूडल्स खाए थे। फूड पॉइजनिंग की आशंका के बीच पुलिस पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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Greater Noida Family Death: रबूपुरा के नगला श्री पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। जानिए पूरी घटना और पुलिस की जांच में अब तक क्या सामने आया।
ग्रेटर नोएडा में एक ही घर में पांच लोगों की मौत से हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | ग्रेटर नोएडा | 17 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में शनिवार, 17 अक्टूबर को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। रबूपुरा थाना क्षेत्र के नगला श्री पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्य संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले। मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, परिवार ने पिछली रात नूडल्स खाए थे। कुछ रिपोर्टों में चाय और मैगी का भी जिक्र है। हालांकि, पांचों की मौत खाने की वजह से ही हुई, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
खबर में खास
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ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र में एक परिवार के पांच सदस्यों की मौत।
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मृतकों में 37 वर्षीय महेश, उनकी पत्नी और तीन बच्चे शामिल।
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बच्चों की उम्र 3, 7 और 11 साल बताई गई।
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परिजनों और पड़ोसियों के अनुसार, परिवार ने पिछली रात नूडल्स खाए थे।
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पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है।
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पोस्टमार्टम और अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।
कौन थे एक ही परिवार के पांच मृतक?
पुलिस से सामने आई जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान 37 वर्षीय महेश, उनकी 35 वर्षीय पत्नी ललिता और उनके तीन बच्चों के रूप में हुई है।
महेश के 11 वर्षीय बेटे का नाम लड्डू, सात वर्षीय बेटी का नाम मिष्टी और तीन वर्षीय छोटे बेटे का नाम साक्षात बताया गया है।
पांचों नगला श्री पदम गांव में रहते थे। शनिवार सुबह उनकी मौत की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। एक ही घर में तीन बच्चों समेत पांच लोगों के मृत मिलने से घटना की गंभीरता बढ़ गई है।
रात में क्या खाया था परिवार ने?
घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू परिवार का आखिरी भोजन बताया जा रहा है।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में स्थानीय लोगों और महेश की मां की ओर से जानकारी सामने आई कि परिवार ने पिछली रात नूडल्स खाए थे।
कुछ शुरुआती रिपोर्टों में चाय और मैगी खाने का भी दावा किया गया है। इसी कारण फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, केवल खाना खाने के बाद मौत होने से यह साबित नहीं होता कि उसी भोजन के कारण जान गई। अभी न तो भोजन में किसी हानिकारक पदार्थ की पुष्टि हुई है और न ही मौत का आधिकारिक चिकित्सकीय कारण सामने आया है।
पुलिस और फोरेंसिक टीम की जांच में क्या सामने आया?
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम तथा पुलिस की फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया।
जांच टीम वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर यह समझने की कोशिश कर रही है कि परिवार के पांचों सदस्यों की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
फिलहाल जांच जारी है और मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष घोषित नहीं किया गया है।
क्या फूड पॉइजनिंग से हुई पांचों की मौत?
शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग की संभावना पर विचार किया जा रहा है, लेकिन इसे मौत की प्रमाणित वजह नहीं माना जा सकता।
जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि परिवार के सभी पांच सदस्यों की मौत कैसे हुई।
इसका जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और घटनास्थल से मिले अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब किस रिपोर्ट का इंतजार?
इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण होगी। इससे मौत के चिकित्सकीय कारण को समझने में मदद मिलेगी। जरूरत के अनुसार अन्य वैज्ञानिक जांच के नतीजे भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट है कि एक दंपती और उनके तीन बच्चों की मौत हुई है, लेकिन इसकी सटीक वजह अभी सामने नहीं आई है।
इसलिए मैगी या किसी अन्य खाद्य पदार्थ को मौत का कारण बताना जांच पूरी होने से पहले जल्दबाजी होगी।
