दिल्ली में CJP प्रदर्शन के साथ राहुल गांधी, तेलंगाना में कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका; कांग्रेस पर उठे सवाल
CJP कार्यकर्ताओं का दावा है कि हैदराबाद के चारमीनार पर ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन्हें रोका और पूछताछ के लिए थाने ले गई। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी के समर्थन का हवाला देकर कांग्रेस से सवाल किया है।
दिल्ली में CJP प्रदर्शनकारियों के समर्थन के बीच तेलंगाना में संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चारमीनार पर तिरंगा मार्च से पहले उन्हें रोका गया और पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | हैदराबाद/नई दिल्ली | 17 अक्टूबर 2026
दिल्ली में CJP से जुड़े प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच अब कांग्रेस शासित तेलंगाना से नया मामला सामने आया है। CJP कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि हैदराबाद के ऐतिहासिक चारमीनार पर ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च निकालने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उनके कुछ स्वयंसेवकों को रोका, पूछताछ की और पुलिस स्टेशन ले गई।
कार्यकर्ताओं ने इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस से सवाल किया है। उनका कहना है कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन कर रहे हैं, तो कांग्रेस शासित राज्य में उसी तरह के प्रदर्शन को क्यों रोका जा रहा है। फिलहाल इस मामले में तेलंगाना पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
खबर में खास
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हैदराबाद में CJP कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा रोके जाने का दावा किया
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चारमीनार पर ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च निकालने की थी तैयारी
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कार्यकर्ताओं के मुताबिक पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले जाया गया
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राहुल गांधी दिल्ली में CJP प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बोल चुके हैं
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CJP कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाया
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तेलंगाना पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
हैदराबाद में क्या हुआ?
CJP से जुड़े कार्यकर्ताओं के मुताबिक वे हैदराबाद में चारमीनार के पास ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च आयोजित करना चाहते थे।
उनका दावा है कि मार्च शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाना था, लेकिन पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। कुछ स्वयंसेवकों से पूछताछ की गई और उन्हें पुलिस स्टेशन भी ले जाया गया।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे और किसी हिंसक गतिविधि की योजना नहीं थी।
राहुल गांधी के बयान का क्यों हो रहा जिक्र?
दिल्ली में CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी पहले ही नाराजगी जता चुके हैं।
CJP के कुछ नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि जंतर-मंतर देश के लोगों का है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए।
इसी वजह से तेलंगाना की घटना के बाद कार्यकर्ताओं ने सवाल किया कि अगर दिल्ली में प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है तो वही सिद्धांत कांग्रेस शासित तेलंगाना में भी लागू होना चाहिए।
CJP ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया?
CJP कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन के अधिकार को लेकर अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़ी दिखाई दे रही है, लेकिन तेलंगाना में पुलिस ने उनके मार्च को रोक दिया।
हालांकि यह CJP कार्यकर्ताओं का आरोप है। पुलिस कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई, इसके बारे में तेलंगाना पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
दिल्ली में भी CJP प्रदर्शन को लेकर हुआ था विवाद
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से CJP से जुड़े प्रदर्शन लगातार चर्चा में हैं। 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में हुए ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंचे थे।
दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पुलिस का कहना था कि संबंधित इलाकों में निषेधाज्ञा लागू थी और प्रदर्शन के लिए जरूरी अनुमति नहीं थी। 17 अक्टूबर को पुलिस ने निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन को लेकर कई FIR भी दर्ज कीं।
अब आगे क्या?
तेलंगाना में सामने आया मामला अब राजनीतिक रूप से इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि प्रदर्शन के अधिकार को लेकर वही सवाल कांग्रेस के अपने शासन वाले राज्य में उठाया गया है।
आगे नजर तेलंगाना पुलिस के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर रहेगी। उससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्यकर्ताओं को किस आधार पर रोका गया और क्या उनके खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई दर्ज की गई है।
