EWS आरक्षण के नियम बदलेंगे? खेती की आय और 5 एकड़ जमीन वाली शर्त पर राहत के संकेत
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि EWS आरक्षण की पात्रता शर्तों में बदलाव के मुद्दे पर सरकार विचार कर रही है। खास तौर पर कृषि आय और भूमि सीमा को लेकर समाधान निकलने की उम्मीद जताई गई है।
EWS आरक्षण के पात्रता नियमों में बदलाव के संकेत मिले हैं। केंद्र सरकार कृषि आय और 5 एकड़ जमीन से जुड़ी शर्तों पर विचार कर रही है, हालांकि अभी कोई अंतिम फैसला या नया नियम जारी नहीं हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | जोधपुर/नई दिल्ली | 17 अक्टूबर 2026
केंद्र सरकार EWS आरक्षण की पात्रता में कृषि आय और भूमि से जुड़े मानदंडों पर विचार कर रही है, हालांकि अभी कोई नया नियम लागू नहीं हुआ है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS आरक्षण का लाभ लेने वाले परिवारों के लिए आने वाले समय में पात्रता नियमों में बदलाव हो सकता है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संकेत दिया है कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और इसे लेकर हाल में एक बैठक भी हुई है।
सबसे ज्यादा चर्चा खेती से होने वाली आय और कृषि भूमि की मौजूदा सीमा को लेकर है। शेखावत ने उम्मीद जताई कि ऐसा समाधान निकाला जा सकता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन जमीन की मौजूदा शर्तों के कारण EWS लाभ से बाहर रह जाने वाले परिवारों को राहत मिले। हालांकि अभी कोई आधिकारिक संशोधन अधिसूचित नहीं किया गया है।
खबर में खास
EWS पात्रता नियमों में बदलाव पर विचार के संकेत
कृषि आय से जुड़े नियम की समीक्षा संभव
5 एकड़ कृषि भूमि वाली शर्त भी चर्चा में
अभी परिवार की वार्षिक आय सीमा ₹8 लाख है
सरकार की ओर से अभी अंतिम फैसला घोषित नहीं
नया नियम आने तक मौजूदा पात्रता मानदंड ही लागू रहेंगे
अभी EWS आरक्षण के नियम क्या हैं?
केंद्र सरकार की मौजूदा व्यवस्था के तहत EWS श्रेणी उन लोगों के लिए है, जो SC, ST या OBC आरक्षण के दायरे में नहीं आते और निर्धारित आर्थिक एवं संपत्ति मानदंडों को पूरा करते हैं।
केंद्रीय सेवाओं में EWS के लिए अधिकतम 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। संविधान के 103वें संशोधन के जरिए Article 15(6) और Article 16(6) जोड़े गए थे।
मौजूदा पात्रता में परिवार की कुल वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होना प्रमुख शर्त है। इस आय में वेतन, कारोबार, पेशा और कृषि से प्राप्त आय भी शामिल की जाती है। इसके अलावा कृषि भूमि और अन्य संपत्ति से जुड़े अलग मानदंड भी लागू होते हैं।
5 एकड़ जमीन वाली शर्त पर क्यों उठ रहे सवाल?
मौजूदा नियमों के तहत 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि रखने वाले परिवार EWS पात्रता से बाहर हो सकते हैं, भले उनकी वास्तविक आय कम हो।
इसी प्रावधान को लेकर लंबे समय से सवाल उठाए जाते रहे हैं। तर्क यह है कि कई ग्रामीण परिवारों के पास जमीन का रकबा बड़ा हो सकता है, लेकिन कम पैदावार, सिंचाई की कमी या अन्य कारणों से उनकी वास्तविक सालाना आय बहुत कम रहती है।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी कहा कि पश्चिमी राजस्थान जैसे इलाकों में भूमि का क्षेत्रफल बड़ा होने के बावजूद उसकी उत्पादकता कम हो सकती है, जिससे वास्तविक रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवार EWS लाभ से बाहर रह जाते हैं।
खेती की आय को लेकर क्या बदलाव हो सकता है?
मंत्री के बयान से संकेत मिलता है कि सरकार इस बात पर विचार कर सकती है कि कृषि से होने वाली आय को EWS पात्रता में किस तरह गिना जाए।
यदि भविष्य में खेती की आय या भूमि सीमा से जुड़े मानदंडों में छूट दी जाती है, तो ग्रामीण परिवारों के एक बड़े वर्ग को EWS प्रमाणपत्र के लिए पात्रता मिल सकती है।
लेकिन अभी यह केवल विचार और संभावित बदलाव का विषय है। कोई नया नियम लागू नहीं हुआ है।
क्या ₹8 लाख की आय सीमा भी बदलने वाली है?
फिलहाल ₹8 लाख की वार्षिक आय सीमा बदलने की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
मौजूदा चर्चा मुख्य रूप से कृषि आय और भूमि से जुड़े मानदंडों के आसपास है। इसलिए यह कहना अभी सही नहीं होगा कि EWS की income limit बढ़ाई या घटाई जा रही है।
पहले सरकार ने क्या कहा था?
5 अगस्त 2026 को केंद्र सरकार ने संसद में लिखित जवाब में कहा था कि मौजूदा EWS आरक्षण प्रावधानों में संशोधन का कोई प्रस्ताव उस समय विचाराधीन नहीं था।
अब अक्टूबर में गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि इस विषय पर सरकार विचार कर रही है और बैठक भी हो चुकी है। इससे संकेत मिलता है कि पिछले कुछ महीनों में इस मुद्दे पर नई चर्चा शुरू हुई हो सकती है।
हालांकि किसी नीति को लागू मानने के लिए केंद्र सरकार की आधिकारिक अधिसूचना या संबंधित विभाग का आदेश जरूरी होगा।
राज्यों में नियम अलग क्यों हो सकते हैं?
कुछ राज्यों ने अपनी राज्य सेवाओं के लिए EWS पात्रता मानदंडों में अलग-अलग प्रकार की छूट या बदलाव किए हैं।
शेखावत ने भी कहा कि कुछ राज्यों ने EWS के भूमि संबंधी मानदंडों में राहत दी है, जबकि केंद्र के स्तर पर एक समान नियम लागू है। इसी वजह से केंद्र स्तर पर बदलाव की मांग उठती रही है।
EWS उम्मीदवारों को अभी क्या करना चाहिए?
जब तक केंद्र सरकार की ओर से कोई नया आदेश जारी नहीं होता, EWS certificate और केंद्रीय नौकरियों या शिक्षण संस्थानों में आरक्षण के लिए मौजूदा नियम ही लागू रहेंगे।
इसलिए उम्मीदवारों को केवल सोशल मीडिया या संभावित बदलाव की खबर के आधार पर यह नहीं मानना चाहिए कि कृषि आय या जमीन की सीमा वाली शर्त खत्म हो गई है।