पटना में SIR पर बवाल: AISA-RYA का मार्च पुलिस ने रोका, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

पटना में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में AISA और RYA कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। गांधी मैदान से लोक भवन मार्च के दौरान जेपी गोलंबर पर पुलिस ने उन्हें रोका, जहां टकराव और हिरासत की खबर सामने आई।

पटना में SIR के खिलाफ AISA-RYA का प्रदर्शन। लोक भवन मार्च के दौरान पुलिस ने रोका, टकराव हुआ और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की खबर है।

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फोटो वास्तविक 13 अक्टूबर के प्रदर्शन की होनी चाहिए। 28 सितंबर के पुराने पटना प्रदर्शन की तस्वीर को नई घटना बताकर न लगाएँ।

खबर में खास

  • पटना में SIR के खिलाफ AISA और RYA कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन।
  • गांधी मैदान से लोक भवन तक मार्च निकालने की कोशिश, जेपी गोलंबर पर पुलिस ने रोका।

  • बैरिकेडिंग के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव, कुछ कार्यकर्ता हिरासत में।

  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन।
बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए मार्च निकाला।
प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से लोक भवन की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया।

गांधी मैदान से शुरू हुआ मार्च, जेपी गोलंबर पर पुलिस ने रोका

मंगलवार को AISA और RYA के कार्यकर्ता पटना के गांधी मैदान के पास एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर अपनी मांगें उठाईं।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने लोक भवन की ओर मार्च शुरू किया। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर रखी थी।
जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव, कुछ हिरासत में
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने पर अड़े रहे, जबकि पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
बैरिकेडिंग के पास स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की रोक के बावजूद आगे बढ़ने की कोशिश की।
रिपोर्टों में कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों उठी?

प्रदर्शनकारी संगठनों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मतदाता सूची से संबंधित सभी बदलाव पारदर्शी तरीके से होने चाहिए।
इसी मुद्दे पर AISA और RYA के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।
भाकपा-माले के विधायक संदीप सौरभ भी प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारी संगठनों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इन्हें चुनावी अनियमितता का सिद्ध प्रमाण नहीं माना जा सकता।

पटना प्रशासन ने सुरक्षा के लिए किए थे इंतजाम

विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पटना पुलिस ने शहर के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की थी।
प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल का उपयोग करने की बात कही गई थी। शहर के व्यस्त इलाकों में मार्च से यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाई थी।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान ही जेपी गोलंबर के पास टकराव हुआ।

SIR क्या है और इसे लेकर विवाद क्यों हो रहा है?

SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है। हिंदी में इसे मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कहा जाता है।
इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची की जाँच और आवश्यक सुधार किए जाते हैं। इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं की सूची को अद्यतन रखना और त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों की पहचान करना है।
हालांकि, विपक्षी दलों और कुछ छात्र संगठनों ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से नहीं हटना चाहिए।
निर्वाचन आयोग की प्रक्रियाओं में मतदाताओं को अपने रिकॉर्ड की जाँच, सुधार के लिए आवेदन और निर्धारित व्यवस्था के तहत शिकायत करने की सुविधा उपलब्ध है।

वोटर लिस्ट में आपका नाम है या नहीं? ऐसे करें जाँच

मतदाता सूची को लेकर जारी विवाद के बीच आम नागरिकों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनका नाम वोटर लिस्ट में दर्ज है या नहीं।
इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट electoralsearch.eci.gov.in पर जाकर EPIC नंबर या व्यक्तिगत विवरण की सहायता से नाम खोजा जा सकता है।
यदि नाम नहीं मिल रहा है या किसी विवरण में गलती है, तो voters.eci.gov.in पर उपलब्ध संबंधित सेवाओं के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
मतदाता संबंधी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 की सहायता भी ली जा सकती है।

पटना प्रदर्शन के बाद अब आगे क्या?

पटना में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारी संगठनों की अगली रणनीति पर नजर रहेगी।
AISA और RYA के कार्यकर्ता मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर अपनी मांगें उठा रहे हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और दस्तावेज इस विवाद से जुड़े आरोपों की जाँच के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल इस प्रदर्शन में हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की आधिकारिक संख्या और पुलिस की आगे की कार्रवाई का विवरण सामने आना बाकी है।
 

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