कल सड़क पर टकराव, आज खड़गे की लंच मीट: जंतर-मंतर से 100 मीटर दूर जुटे सांसद; पुलिस अलर्ट

जनपथ स्थित सागर रत्ना में INDIA ब्लॉक सांसदों की बैठक; मैनेजर को 150-200 सांसदों के आने की सूचना, CEC ज्ञानेश कुमार से मिलने के लिए पत्र पर हस्ताक्षर और 9 अक्टूबर को अगली बड़ी रणनीति की चर्चा

एक दिन पहले चुनाव आयोग की ओर मार्च और राहुल गांधी के लंबे धरने के बाद विपक्ष ने आज अगली रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने INDIA ब्लॉक के सांसदों को दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना में लंच पर बुलाया। यहां सांसद CEC ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग वाले पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। विपक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलने का समय मांगा है। जंतर-मंतर महज करीब 100 मीटर दूर होने के कारण पुलिस ने इलाके में सुरक्षा और बैरिकेडिंग बढ़ा दी है।

लंच टेबल पर तय होगा विपक्ष का अगला कदम?

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खड़गे ने विपक्षी सांसदों को दिल्ली में लंच बैठक के लिए बुलाया।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 7 अक्टूबर 2026

खबर में खास

  • खड़गे ने INDIA ब्लॉक सांसदों को लंच पर बुलाया
  • बैठक दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना में
  • जंतर-मंतर यहां से करीब 100 मीटर दूर
  • मैनेजर के मुताबिक 150-200 सांसदों के आने की सूचना
  • मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी कार्यक्रम स्थल पहुंचे
  • सांसद CEC ज्ञानेश कुमार से मुलाकात के लिए पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे
  • विपक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलने का समय मांगा
  • SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे बैठक के केंद्र में
  • एक दिन पहले विपक्षी मार्च को निर्वाचन सदन से पहले रोक दिया गया था
  • राहुल-प्रियंका समेत कई सांसद हिरासत में लिए गए थे
  • आज इलाके में पुलिस ने फिर बैरिकेडिंग बढ़ाई
  • नई दिल्ली में BNSS धारा 163 लागू
  • पुलिस ने सांसदों के संभावित movement को लेकर अधिकारियों को briefing दी
  • महिला सांसदों को महिला पुलिसकर्मी handle करने के निर्देश
  • 9 अक्टूबर को विपक्ष की दूसरी बड़ी बैठक या कार्यक्रम की संभावना
  • सांसदों को दिल्ली में बने रहने के लिए कहा गया है

कल सड़क पर प्रदर्शन, आज लंच टेबल पर रणनीति

नई दिल्ली: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष का आंदोलन एक दिन बाद ही नए चरण में पहुंच गया है।
6 अक्टूबर को संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च, बैरिकेडिंग, कई घंटे का धरना और विपक्षी नेताओं की हिरासत के बाद बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी सांसदों को लंच पर बुलाया। India Today
लेकिन यह सिर्फ साथ बैठकर खाना खाने का कार्यक्रम नहीं माना जा रहा। बैठक में आगे की रणनीति, चुनाव आयोग से मुलाकात और राष्ट्रपति तक मुद्दा ले जाने की दिशा पर चर्चा हो रही है

कहां रखी गई लंच मीट?

बैठक दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में रखी गई।
कार्यक्रम दोपहर के समय शुरू हुआ और राहुल गांधी तथा मल्लिकार्जुन खड़गे के वहां पहुंचने की पुष्टि हुई। 
इस जगह का चुनाव इसलिए ज्यादा चर्चा में आ गया क्योंकि रेस्टोरेंट जंतर-मंतर से करीब 100 मीटर की दूरी पर है।
यही वजह है कि पुलिस यह भी देख रही है कि लंच के बाद सांसद वहीं रहते हैं या किसी विरोध कार्यक्रम की ओर बढ़ने की कोशिश करते हैं। 

150-200 सांसदों के आने की तैयारी

रेस्टोरेंट के मैनेजर के मुताबिक उन्हें करीब 150 से 200 सांसदों के आने की जानकारी दी गई थी।
इस संख्या को विपक्ष की आधिकारिक final attendance नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि आयोजन स्थल को दी गई expected gathering की जानकारी के रूप में देखा जाना चाहिए। 
यही संभावित बड़ी संख्या पुलिस की सुरक्षा तैयारियों का भी एक कारण बनी।

आखिर लंच मीट में क्या होना है?

बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य विपक्षी सांसदों से एक पत्र पर हस्ताक्षर कराना है।
इस पत्र के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से औपचारिक मुलाकात मांगी जानी है। 
विपक्ष SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर आयोग के सामने अपनी आपत्तियां रखना चाहता है।

राष्ट्रपति मुर्मू से भी मांगा समय

विपक्ष ने सिर्फ चुनाव आयोग तक ही मामला सीमित नहीं रखा है।
INDIA ब्लॉक से जुड़े दलों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के लिए भी समय मांगा है, ताकि CEC और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे उनके सामने रखे जा सकें।
हालांकि राष्ट्रपति भवन से मुलाकात की तारीख और समय की अंतिम पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

एक दिन पहले क्यों नहीं हो पाई CEC से मुलाकात?

6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद संसद से निर्वाचन सदन की ओर निकले थे।
उनका कहना था कि वे चुनाव आयुक्तों से मिलकर अपनी चिंताओं का ज्ञापन देना चाहते हैं। पुलिस ने मार्च को रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद कई सांसद आकाशवाणी भवन के पास धरने पर बैठ गए।  
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को बाद में हिरासत में लिया गया और रात में छोड़ दिया गया। India Today

चुनाव आयोग ने क्या कहा था?

इस विवाद का एक दूसरा पक्ष भी है।
चुनाव आयोग ने कहा कि 6 अक्टूबर शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक पार्टी ने औपचारिक तौर पर appointment नहीं मांगा था।
आयोग के मुताबिक बाद में दिल्ली पुलिस से जानकारी मिली कि राहुल गांधी के नेतृत्व में करीब 240 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलना चाहता है और संसद भवन परिसर में ज्ञापन सौंपना चाहता है। The Times of India
आयोग ने प्रस्तावित तरीके को अपने निर्धारित protocol की तुलना में असामान्य बताया।

आयोग अधिकारी भेजने को तैयार था?

चुनाव आयोग का कहना है कि उसने बाद में अपने वरिष्ठ executive officer को विपक्षी सांसदों के पास भेजकर memorandum लेने पर विचार किया था।
आयोग के अनुसार यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। The Economic Times
इसी विवाद के बाद विपक्ष अब लिखित तरीके से CEC से औपचारिक meeting मांग रहा है।
यानी आज की लंच बैठक का एक महत्वपूर्ण परिणाम यह हो सकता है कि कल के appointment विवाद के बाद इस बार पूरी प्रक्रिया document के जरिए की जाए।

जंतर-मंतर से दूरी सिर्फ 100 मीटर, इसलिए पुलिस अलर्ट

कार्यक्रम स्थल के पास जंतर-मंतर होने की वजह से दिल्ली पुलिस पहले से सतर्क है।
इलाके में बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। AajTak
पुलिस की नजर इस बात पर भी है कि लंच खत्म होने के बाद सांसद कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर, विंडसर प्लेस या किसी दूसरे प्रतिबंधित हिस्से की ओर बढ़ते हैं या नहीं।

DCP की briefing में क्या निर्देश?

लंच से पहले पुलिस अधिकारियों की briefing का एक वीडियो भी सामने आया।
इसमें पुलिसकर्मियों को सांसदों से पहले बातचीत करने और उन्हें यह समझाने के निर्देश दिए गए कि नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू है। 
अगर कोई सांसद प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर जाने की कोशिश करता है तो पुलिस को कानून के मुताबिक कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया।
महिला सांसदों को केवल महिला पुलिसकर्मियों द्वारा handle करने के निर्देश भी दिए गए। 

पुलिस की ‘Wait and Watch’ रणनीति

पुलिस फिलहाल लंच मीट को अपने आप विरोध प्रदर्शन नहीं मान रही।
इसलिए तत्काल हस्तक्षेप करने के बजाय wait-and-watch approach अपनाई गई है।
लेकिन अगर सांसद बैठक के बाद जंतर-मंतर या दूसरे प्रतिबंधित इलाकों की ओर march करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें रोकने की तैयारी की गई है। 
इससे आज की कहानी का सबसे बड़ा suspense यही है—क्या बैठक सिर्फ restaurant के अंदर खत्म होगी या इसके बाद विपक्ष कोई नया सार्वजनिक कदम उठाएगा?

विपक्ष आखिर चाहता क्या है?

विपक्षी दल SIR यानी Special Intensive Revision और मतदाता सूची से जुड़े कई फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं।
उनकी मांगों में चुनाव आयोग से विस्तृत जवाब और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही का मुद्दा शामिल है। कुछ विपक्षी दल उनका इस्तीफा भी मांग रहे हैं। The New Indian Express
ये विपक्ष के राजनीतिक आरोप और मांगें हैं।
चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को वैधानिक बताता रहा है और विपक्ष के पक्षपात से जुड़े आरोपों को स्वीकार नहीं करता।

क्या 9 अक्टूबर को फिर बड़ा कार्यक्रम होगा?

आज की बैठक का सबसे महत्वपूर्ण future angle 9 अक्टूबर हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक विपक्ष के बड़े नेता उस दिन फिर दिल्ली में जुट सकते हैं और किसी नए कार्यक्रम या मार्च की संभावना पर विचार किया जा रहा है। AajTak
विपक्षी सांसदों को फिलहाल दिल्ली में ही बने रहने के लिए कहा गया है।
लेकिन 9 अक्टूबर के कार्यक्रम का स्वरूप अभी अंतिम रूप से घोषित नहीं हुआ है।

राष्ट्रपति से मुलाकात पहले या नया मार्च?

फिलहाल विपक्ष के सामने दो समानांतर रास्ते दिखाई दे रहे हैं।
एक तरफ राष्ट्रपति से समय मांगा गया है।
दूसरी तरफ चुनाव आयोग से CEC स्तर की बैठक के लिए लिखित मांग तैयार की जा रही है।
अगर दोनों जगह से तत्काल appointment नहीं मिलता तो 9 अक्टूबर का नया कार्यक्रम राजनीतिक रूप से और महत्वपूर्ण हो सकता है।
लेकिन अभी किसी नए मार्च को final घोषित करना जल्दबाजी होगी।

क्या सभी विपक्षी दल एक साथ हैं?

INDIA ब्लॉक के कई सांसद आज की बैठक का हिस्सा हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग दलों की रणनीति में फर्क भी दिखाई दिया है।
कुछ विपक्षी पार्टियां हर कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं, जबकि कई दल SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर अलग-अलग प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
इसलिए आज के लंच में attendance और आगे बनने वाली संयुक्त रणनीति यह संकेत दे सकती है कि विपक्ष इस मुद्दे पर कितना साझा कार्यक्रम तैयार कर पाता है।

कल की हिरासत के बाद क्यों अहम है आज की मीटिंग?

6 अक्टूबर का प्रदर्शन करीब पूरे दिन चला।
राहुल गांधी और कई विपक्षी सांसदों ने घंटों धरना दिया। पुलिस के साथ कई जगह धक्का-मुक्की हुई और बाद में बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया। India Today
ऐसे में एक दिन बाद सांसदों को फिर एक जगह बुलाना दिखाता है कि विपक्ष फिलहाल आंदोलन को खत्म मानने के बजाय अगली रणनीति तैयार कर रहा है।

अब आगे तीन चीजों पर नजर

इस meeting के बाद सबसे महत्वपूर्ण तीन developments होंगे:
पहला—क्या CEC ज्ञानेश कुमार विपक्षी सांसदों को मिलने का समय देते हैं?
दूसरा—क्या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने की तारीख तय होती है?
तीसरा—क्या 9 अक्टूबर को विपक्ष दिल्ली में कोई नया बड़ा march या protest करता है?
इन तीनों के जवाब आने वाले 48 घंटों में इस राजनीतिक विवाद की अगली दिशा तय करेंगे।
एक दिन पहले संसद से चुनाव आयोग की ओर निकला मार्च पुलिस बैरिकेडिंग और हिरासत पर खत्म हुआ था। आज विपक्ष ने सड़क के बजाय लंच टेबल पर अगली रणनीति बनानी शुरू की है। खड़गे की बैठक में CEC से औपचारिक मुलाकात के लिए पत्र पर हस्ताक्षर, राष्ट्रपति से समय की मांग और 9 अक्टूबर के संभावित अगले कदम—तीनों पर नजर है। जंतर-मंतर से बैठक स्थल की कम दूरी को देखते हुए पुलिस भी पूरी तरह अलर्ट है। अब सवाल यही है कि अगला कदम बातचीत होगा या विपक्ष एक बार फिर सड़क पर उतरेगा।

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