EC से 200 मीटर पहले रुका INDIA मार्च: राहुल बैरिकेड पर चढ़े, अखिलेश-अभिषेक हिरासत में

SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद से निर्वाचन सदन निकले 140 से ज्यादा सांसद; पुलिस की बैरिकेडिंग के बाद सड़क पर धरना, नई दिल्ली में 3,000 से अधिक जवान तैनात

SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद के बीच INDIA ब्लॉक के 140 से अधिक सांसदों ने संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला। पुलिस ने चुनाव आयोग मुख्यालय से करीब 200 मीटर पहले मार्च रोक दिया। राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़कर तिरंगा लहराते दिखे, जबकि अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ'ब्रायन समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। सुरक्षा के लिए 3,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

निर्वाचन सदन नहीं पहुंच सके सांसद, सड़क पर बैठा विपक्ष

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SIR और CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला, जिसे पुलिस ने रास्ते में रोक दिया।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 6 अक्टूबर 2026

खबर में खास

  • INDIA ब्लॉक के 140 से अधिक सांसद मार्च में शामिल
  • संसद भवन से निर्वाचन सदन तक जाना था मार्च
  • EC मुख्यालय से करीब 200 मीटर पहले पुलिस ने रोका
  • राहुल गांधी ने बैरिकेड पर चढ़कर तिरंगा लहराया
  • अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ'ब्रायन समेत कई नेता हिरासत में
  • राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं ने सड़क पर धरना दिया
  • मुख्य मांग—CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और SIR पर कार्रवाई
  • नई दिल्ली में 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
  • ड्यूटी पर कई पुलिसकर्मियों को body camera दिए गए
  • कई प्रमुख सड़कों पर traffic diversion
  • आम आदमी पार्टी इस INDIA ब्लॉक मार्च में शामिल नहीं हुई

संसद से निकला मार्च, निर्वाचन सदन से पहले लगा बैरिकेड

नई दिल्ली: Special Intensive Revision यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद मंगलवार को संसद से सड़क तक पहुंच गया।
INDIA ब्लॉक के 140 से अधिक सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय निर्वाचन सदन की ओर मार्च पर निकले। मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन और कई विपक्षी दलों के सांसद शामिल रहे। 
हालांकि सांसद निर्वाचन सदन तक नहीं पहुंच सके। पुलिस ने नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के आसपास बैरिकेड लगाकर मार्च रोक दिया।

चुनाव आयोग से करीब 200 मीटर पहले बैठे सांसद

मार्च रोके जाने के बाद विपक्षी सांसद वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए।
दोपहर तक प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग मुख्यालय से करीब 200 मीटर दूर मौजूद थे। वहां CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के खिलाफ नारे लगाए गए। 
पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आगे बढ़ने वाले रास्ते को बैरिकेड से बंद रखा।

राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़े, हाथ में था तिरंगा

प्रदर्शन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उस दृश्य की हुई जिसमें राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड पर चढ़कर राष्ट्रीय ध्वज लहराते नजर आए।
दूसरी ओर सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क समेत कुछ सांसद भी पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ा। 
राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग दोहराई और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं।

अखिलेश-अभिषेक समेत कई नेता हिरासत में

प्रदर्शन आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया।
दोपहर तक सामने आई जानकारी के अनुसार अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ'ब्रायन समेत कई नेताओं को पुलिस बसों में ले गई। 
इस दौरान अलग-अलग नेताओं की स्थिति तेजी से बदल रही थी, इसलिए हिरासत में लिए गए सांसदों की अंतिम संख्या तत्काल स्पष्ट नहीं हुई थी।

विपक्ष आखिर मांग क्या रहा है?

इस मार्च की दो प्रमुख मांगें हैं।
पहली—मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।
दूसरी—मतदाता सूची की Special Intensive Revision यानी SIR प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब और विवादित बदलावों की समीक्षा।
विपक्ष का आरोप है कि SIR और मतदाता पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया में ऐसे बदलाव किए गए जिनसे पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। चुनाव आयोग इन राजनीतिक आरोपों को स्वीकार नहीं करता और SIR को मतदाता सूची शुद्ध करने की वैधानिक प्रक्रिया बताता रहा है। 

Form-6 ने विवाद को क्यों और बढ़ाया?

आज के विरोध को एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई से भी नया राजनीतिक आधार मिला है।
अदालत ने modified Form-6 को लेकर स्पष्ट किया था कि उसने ऐसे बदलाव को मंजूरी नहीं दी और चुनाव आयोग से संबंधित रिकॉर्ड मांगा है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अभी Form-6 बदलाव को गैरकानूनी घोषित नहीं किया है और न ही CEC ज्ञानेश कुमार को दोषी ठहराया है। मामला न्यायिक विचाराधीन है।
चुनाव आयोग के आधिकारिक voter portal पर SIR-2026 के लिए नए मतदाता पंजीकरण में Form-6 के साथ अलग Declaration Form की व्यवस्था दिखाई देती है। 

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?

प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए BJP के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के चुनावों का उल्लेख करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। 
ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं। इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी क्यों लगाए गए?

इस मार्च को देखते हुए नई दिल्ली जिले में बड़े स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए गए।
3,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इनमें पुरुष पुलिस की 27 कंपनियां और महिला पुलिस की 4 कंपनियां शामिल थीं। RAF और दूसरे सुरक्षा बल भी मौके पर मौजूद रहे। 
संसद भवन, पार्लियामेंट स्ट्रीट, निर्वाचन सदन और आसपास के संवेदनशील इलाकों में कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई।

इस बार पुलिसकर्मियों के शरीर पर कैमरे क्यों?

आज के प्रदर्शन में एक नया दृश्य body cameras का भी रहा।
ड्यूटी पर तैनात कई पुलिस अधिकारियों को body camera दिए गए ताकि प्रदर्शन के दौरान होने वाली घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद रहे। नई दिल्ली जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी body camera के साथ ड्यूटी करते दिखाई दिए। 
पिछले प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर आरोप सामने आने के बाद यह कदम विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो गया है।

दिल्ली में किन रास्तों पर असर?

प्रदर्शन के कारण मध्य दिल्ली में यातायात पर भी असर पड़ा।
कनॉट प्लेस, पटेल चौक, पार्लियामेंट स्ट्रीट, अशोक रोड, जंतर-मंतर रोड और आसपास के क्षेत्रों में traffic regulation और diversion लागू किए गए। लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।

AAP मार्च में क्यों नहीं आई?

आम आदमी पार्टी ने इस INDIA ब्लॉक मार्च से दूरी बनाई।
पार्टी की ओर से कहा गया कि SIR के मुद्दे पर वह अपना अभियान अलग तरीके से चला रही है और यह INDIA गठबंधन का आयोजित प्रदर्शन है, इसलिए पार्टी इसमें शामिल नहीं हुई। 
इसका अर्थ यह नहीं है कि पार्टी SIR विवाद पर चुनाव आयोग के समर्थन में है; उसका रुख सिर्फ इस विशेष मार्च में शामिल न होने का है।

अब आगे क्या?

यह विरोध सिर्फ मंगलवार के मार्च तक सीमित रहने वाला नहीं दिखता।
विपक्ष ने SIR और CEC से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर आगे उठाने की बात कही है। दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों पर जवाब और रिकॉर्ड देख रहा है। 
इसलिए आगे तीन चीजें महत्वपूर्ण होंगी—चुनाव आयोग का औपचारिक जवाब, सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और विपक्ष के अगले विरोध कार्यक्रम।

संसद से निर्वाचन सदन निकला INDIA ब्लॉक का मार्च चुनाव आयोग तक नहीं पहुंच सका, लेकिन SIR और CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहा विवाद अब सड़क, संसद और सुप्रीम कोर्ट—तीनों जगह पहुंच चुका है। मंगलवार के प्रदर्शन के बाद अगली नजर चुनाव आयोग के जवाब और अदालत में पेश होने वाले रिकॉर्ड पर रहेगी।

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