दिल्ली में फ्लाइट के अंदर हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका
CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर पुलिस विमान के अंदर पहुंची और अभिजीत दीपके समेत तीन नेताओं को हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस से बहस भी हुई।
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दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंड होते ही पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को विमान के अंदर हिरासत में ले लिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
फ्लाइट लैंड होते ही विमान में पहुंची दिल्ली पुलिस, अभिजीत दीपके ने गिरफ्तारी की बात कही; तीनों नेताओं को बस में बैठाया गया
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली | 10 अक्टूबर 2026
दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP के विरोध प्रदर्शन से पहले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्लाइट लैंड होने के बाद विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया।
पुलिसकर्मियों के विमान में पहुंचने पर अभिजीत दीपके और अधिकारियों के बीच बातचीत और बहस हुई। इसके बाद तीनों नेताओं को विमान से बाहर लाकर बस में बैठाया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दीपके पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते दिखाई देते हैं।
खबर में खास
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दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर फ्लाइट के अंदर CJP के तीन नेता हिरासत में लिए गए।
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अभिजीत दीपके के साथ सौरव दास और आशुतोष रांका भी हिरासत में लिए गए।
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पुलिस के विमान में पहुंचने पर नेताओं और अधिकारियों के बीच बहस हुई।
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अभिजीत दीपके ने पुलिस से खुद को गिरफ्तार करने की बात कही।
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तीनों नेताओं को विमान से बाहर निकालकर बस में बैठाया गया।
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जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी।
फ्लाइट के अंदर कैसे हुई पुलिस की कार्रवाई?
शनिवार, 10 अक्टूबर की सुबह अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। उनके साथ CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका भी यात्रा कर रहे थे।
फ्लाइट के दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर लैंड करने के कुछ ही देर बाद दिल्ली पुलिस के अधिकारी विमान के अंदर दाखिल हुए।
अधिकारियों ने तीनों नेताओं से बातचीत की। इस दौरान विमान में बहस की स्थिति बन गई।
इसके बाद पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लेकर विमान से बाहर निकाला।
'मैं गिरफ्तार होने ही आया हूं', दीपके और पुलिस के बीच बहस
पुलिसकर्मियों के विमान में पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने कार्रवाई का विरोध किया।
घटना के वीडियो में वह पुलिस से खुद को गिरफ्तार करने की बात कहते दिखाई देते हैं। उनका कहना था कि वह गिरफ्तारी के लिए तैयार होकर दिल्ली आए हैं।
दूसरी तरफ पुलिसकर्मियों ने उनसे सहयोग करने को कहा।
पुलिस ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। इसके बावजूद तीनों नेताओं को पुलिस अपने साथ ले गई।
यही वजह है कि फिलहाल इस कार्रवाई को गिरफ्तारी के बजाय हिरासत बताया जाना अधिक सटीक है।
विमान में नारेबाजी का वीडियो आया सामने
घटना के बाद विमान के अंदर का एक वीडियो भी सामने आया है।
वीडियो में अभिजीत दीपके पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते और नारे लगाते दिखाई देते हैं।
इस दौरान 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे भी लगाए गए। वीडियो में पुलिसकर्मी नेताओं को विमान से बाहर ले जाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं।
हालांकि, वीडियो के सामने आने से तीनों नेताओं पर कोई आपराधिक आरोप साबित नहीं होता
हिरासत के बाद तीनों नेताओं को कहां ले जाया गया?
विमान से बाहर निकालने के बाद तीनों नेताओं को बस में बैठाया गया।
हालांकि, उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें किस पुलिस स्टेशन या स्थान पर ले जाया गया।
यह भी पुष्टि नहीं हुई है कि पुलिस ने उनके खिलाफ कोई नई FIR दर्ज की है या किसी विशेष कानूनी प्रावधान के तहत औपचारिक गिरफ्तारी की है।
इसलिए हिरासत की जगह, मुकदमे या रिहाई को लेकर कोई अपुष्ट जानकारी नहीं जोड़ी जा रही है।
10 अक्टूबर को CJP का प्रदर्शन क्यों प्रस्तावित है?
CJP ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था।
संगठन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर उठाए गए सवाल हैं।
CJP का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से योग्य मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
दूसरी ओर चुनाव आयोग मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखने के लिए पुनरीक्षण को जरूरी बताता रहा है।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं दी?
दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP के प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार किया था।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया था।
नई दिल्ली में प्रदर्शन से पहले बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
पुलिस ने संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाई और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले मार्गों पर भी सुरक्षा इंतजाम किए।
हिरासत पर CJP ने क्या प्रतिक्रिया दी?
CJP ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए तीनों नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी साझा की।
संगठन ने इस कार्रवाई की आलोचना की और इसे विरोध प्रदर्शन को रोकने की कोशिश बताया।
CJP का कहना है कि उसके नेता शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे थे।
हालांकि, पुलिस कार्रवाई की वैधानिकता पर किसी अदालत का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
हिरासत और गिरफ्तारी में क्या अंतर है?
