PM मोदी के जन्मदिन पर दीये जलाओ, तारीफ के VIDEO बनाओ? MP की आंगनवाड़ी वर्कर्स को लेकर सौरव दास का दावा
CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने दावा किया है कि MP में आंगनवाड़ी वर्कर्स से PM मोदी के जन्मदिन पर महिलाओं को जुटाने, दीये जलाने और योजनाओं की तारीफ वाले वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा गया। दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर मध्य प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर सौरव दास ने एक दावा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक कथित संदेश साझा करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स से ग्रामीण महिलाओं को इकट्ठा करने, दीये जलवाने, तस्वीरें लेने और पीएम मोदी व सरकारी योजनाओं की तारीफ वाले वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा गया। दास के मुताबिक निर्देश नहीं मानने पर कार्रवाई की बात भी कही गई। हालांकि कथित निर्देश और कार्रवाई की चेतावनी की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | भोपाल | 17 सितंबर 2026
सौरव दास ने MP की आंगनवाड़ी वर्कर्स को PM मोदी के जन्मदिन से जुड़े कथित निर्देश दिए जाने का दावा किया।
खबर में खास
MP की आंगनवाड़ी वर्कर्स को लेकर सौरव दास का दावा
ग्रामीण महिलाओं को जुटाकर दीये जलवाने की बात
PM मोदी और योजनाओं की तारीफ वाले वीडियो बनाने का दावा
कथित निर्देश की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के बीच मध्य प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर एक दावा चर्चा में आ गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने सोशल मीडिया पर एक कथित संदेश साझा किया है। उनका दावा है कि मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से ग्रामीण महिलाओं को इकट्ठा करने, दीये जलवाने और प्रधानमंत्री मोदी व उनकी सरकार की योजनाओं की तारीफ करते वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा गया।
सौरव दास ने क्या दावा किया?
दास के मुताबिक उन्हें यह जानकारी मध्य प्रदेश में काम करने वाली एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की बेटी से मिली।
उनके द्वारा साझा किए गए कथित संदेश में कहा गया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्रामीण महिलाओं को एकत्र करने, उन्हें जलते हुए दीये देने और पीएम मोदी का जन्मदिन मनाते हुए तस्वीरें लेने को कहा गया।
इसके अलावा महिलाओं के ऐसे वीडियो रिकॉर्ड करने का भी दावा किया गया, जिनमें वे प्रधानमंत्री और सरकारी योजनाओं के बारे में सकारात्मक बातें करें।
निर्देश नहीं माना तो कार्रवाई?
यहीं इस मामले का सबसे गंभीर दावा सामने आता है।
सौरव दास के मुताबिक कथित संदेश में कहा गया कि निर्देश का पालन नहीं करने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। ABP और Live Hindustan ने भी दास के इसी दावे को रिपोर्ट किया है।
हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई सत्यापित सरकारी आदेश सामने नहीं रखा गया है जिससे यह स्वतंत्र रूप से स्थापित हो कि मध्य प्रदेश सरकार ने राज्यभर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को यही निर्देश दिए और नहीं मानने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
इसीलिए इसे फिलहाल सौरव दास का दावा माना जाना चाहिए।
आंगनवाड़ी वर्कर्स के मुद्दे भी उठाए
सौरव दास ने केवल जन्मदिन कार्यक्रम पर सवाल नहीं उठाया बल्कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की कामकाजी परिस्थितियों का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कम मानदेय, ज्यादा काम, कर्मचारियों की कमी, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और कुछ आंगनवाड़ी केंद्रों की खराब स्थिति जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया।
यह दास की आलोचना और राजनीतिक टिप्पणी है; इन सभी स्थितियों को पूरे मध्य प्रदेश की प्रत्येक आंगनवाड़ी पर समान रूप से लागू तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
PM मोदी के जन्मदिन पर चल रहे कई कार्यक्रम
इस विवाद के बीच यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर विभिन्न राज्यों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
17 सितंबर से एक महीने का ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू हुआ है। अलग-अलग जगहों पर दीया कार्यक्रम, रक्तदान, पौधरोपण, स्वास्थ्य शिविर और सरकारी योजनाओं से लाभार्थियों को जोड़ने जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
बिहार में भी सरकारी विद्यालयों और विभिन्न प्रशासनिक केंद्रों में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से जुड़े निर्देशों की खबर सामने आई है, जिस पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।
लेकिन मध्य प्रदेश की आंगनवाड़ी वर्कर्स से तारीफ वाले वीडियो रिकॉर्ड कराने और कार्रवाई की चेतावनी का दावा अलग है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
सवाल सरकारी कार्यक्रम का नहीं, ‘दबाव’ के दावे का
इस पूरे विवाद में दो बातें अलग रखना जरूरी है।
PM मोदी के जन्मदिन पर सरकारी या राजनीतिक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होना एक तथ्य है। लेकिन किसी कर्मचारी को प्रधानमंत्री की तारीफ करने वाला वीडियो बनाने के लिए मजबूर किए जाने और ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की धमकी देने का दावा अभी सौरव दास द्वारा साझा किए गए कथित संदेश पर आधारित है।
इसलिए संबंधित विभाग या मध्य प्रदेश सरकार की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण आने पर ही यह स्पष्ट होगा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए वास्तव में क्या निर्देश जारी किए गए थे और उनकी भागीदारी अनिवार्य थी या स्वैच्छिक।