सपा नेता पवन यादव की हत्या के लिए ₹5 लाख की सुपारी, प्रधानपति पर साजिश का आरोप; रेकी के बाद मारी गोली
प्रयागराज के पवन यादव हत्याकांड में पुलिस ने प्रधानपति विनोद यादव समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक ₹5 लाख की सुपारी तय हुई थी, ₹25 हजार हथियार के लिए दिए गए और वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी की गई।
प्रयागराज के हंडिया में सपा के गंगापार जिला सचिव और पूर्व प्रधान पवन कुमार यादव की हत्या में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक मुगरांव गांव के प्रधानपति विनोद यादव ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और पुरानी रंजिश के चलते हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला को हत्या के लिए ₹5 लाख देने का वादा किया था। आरोप है कि ₹25 हजार हथियार खरीदने के लिए दिए गए और वारदात से पहले कई दिनों तक पवन यादव की रेकी की गई। पुलिस ने विनोद यादव, जितेंद्र उर्फ लल्ला, बृजेश यादव और निहाल अहमद को गिरफ्तार किया है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | प्रयागराज | 17 सितंबर 2026
पवन यादव हत्याकांड में पुलिस ने ₹5 लाख की सुपारी का दावा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
खबर में खास
पवन यादव हत्याकांड में चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस का दावा- ₹5 लाख में तय हुई थी हत्या की सुपारी
हथियार खरीदने के लिए ₹25 हजार देने का आरोप
वारदात से पहले कई दिनों तक की गई थी रेकी
प्रयागराज के हंडिया में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व ग्राम प्रधान पवन कुमार यादव की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस जांच से नए तथ्य सामने आए हैं।
पुलिस के मुताबिक हत्या अचानक नहीं हुई बल्कि इसके लिए पहले से साजिश रची गई थी। पुलिस का दावा है कि मुगरांव गांव के प्रधानपति विनोद यादव ने पवन यादव की हत्या के लिए हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला को ₹5 लाख देने का वादा किया था।
₹5 लाख में हत्या का ‘सौदा’?
पुलिस के मुताबिक विनोद यादव और पवन यादव के बीच पंचायत चुनाव के समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और पुरानी रंजिश चली आ रही थी।
जांच में सामने आया कि करीब डेढ़ महीने पहले विनोद और जितेंद्र उर्फ लल्ला ने पवन यादव की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस का कहना है कि विनोद ने लल्ला को हत्या के बदले ₹5 लाख देने का वादा किया और शुरुआत में ₹25 हजार तमंचा और कारतूस खरीदने के लिए दिए।
पत्नी की नौकरी को लेकर भी बढ़ा था विवाद
पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच रंजिश की एक और वजह बताई है।
विनोद यादव की पत्नी ग्राम प्रधान हैं। पुलिस के मुताबिक उन्हें गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में ECCE एजुकेटर के पद पर संविदा पर लगाया गया था।
पवन यादव ने इस नियुक्ति का विरोध किया था। बाद में उनकी आपत्ति के बाद डीएम के आदेश पर महिला को पद से हटा दिया गया। पुलिस का कहना है कि इससे दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया।
हिस्ट्रीशीटर लल्ला की भी थी पुरानी रंजिश
पुलिस की जांच में दूसरा विवाद भी सामने आया।
जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला को शक था कि 2022 के शशांक हत्याकांड में पवन यादव ने उसकी पुलिस से मुखबिरी की थी और उसे जेल भिजवाने में भूमिका निभाई थी।
पुलिस के अनुसार इसी पुरानी रंजिश के कारण वह पवन यादव की हत्या की योजना में शामिल होने के लिए तैयार हुआ।
दो और लोगों को किया गया शामिल
पुलिस के मुताबिक इसके बाद योजना में बृजेश यादव और निहाल अहमद को भी शामिल किया गया।
लल्ला ने दोनों को कथित तौर पर ₹50-50 हजार देने का लालच दिया। निहाल और लल्ला की मुलाकात पहले जेल में हुई थी।
इसके बाद पवन यादव की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की गई।
WhatsApp पर भेजे जाते थे रेकी के VIDEO
इस मामले में रेकी से जुड़ी जानकारी इसे और गंभीर बनाती है।
डीसीपी के मुताबिक निहाल अपने मोबाइल से पवन यादव की गतिविधियों के वीडियो बनाता और उन्हें WhatsApp के जरिए विनोद को भेजता था।
पुलिस का कहना है कि निहाल के मोबाइल में पवन के कई वीडियो मिले हैं। साथ ही UPI लेनदेन से जुड़े स्क्रीनशॉट मिलने की बात भी पुलिस ने कही है।
हंडिया बाजार में मारी गई गोली
15 सितंबर की शाम हंडिया कस्बे में पिलर नंबर 52 के पास बाइक सवार हमलावरों ने पवन यादव को गोली मार दी थी।
उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पवन यादव समाजवादी पार्टी के गंगापार जिला सचिव और पूर्व ग्राम प्रधान थे।
पुलिस के मुताबिक वारदात में लल्ला, बृजेश और निहाल की भूमिका सामने आई।
CCTV से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
हत्या के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच शुरू की।
पुलिस ने विनोद यादव और बृजेश यादव को गिरफ्तार किया। इसके बाद लल्ला और निहाल को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम की उनके साथ मुठभेड़ हुई।
पुलिस के अनुसार जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने दो तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद करने का दावा किया है।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में अब चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
विनोद यादव — प्रधानपति, कथित साजिशकर्ता जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला — हिस्ट्रीशीटर बृजेश यादव — वारदात में शामिल होने का आरोप निहाल अहमद — रेकी और वारदात में शामिल होने का आरोप
ये भूमिकाएं फिलहाल पुलिस जांच और आरोपों पर आधारित हैं; दोष सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया का विषय है।
पवन यादव की हत्या के बाद उनके परिजनों और समर्थकों ने शव रखकर हाईवे पर प्रदर्शन भी किया था, जिससे प्रयागराज-वाराणसी और वाराणसी-कानपुर मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।