13 साल बाद फिर सपा में लौटे राम आसरे कुशवाहा, BJP छोड़ी; बोले- अखिलेश को CM बनाए बिना घर नहीं बैठेंगे
यूपी के पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा ने BJP छोड़कर करीब 13 साल बाद समाजवादी पार्टी में वापसी की है। सपा में शामिल होने के बाद उन्होंने समर्थकों से कहा कि अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने तक घर नहीं बैठेंगे।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा ने BJP छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। करीब 13 साल बाद सपा में लौटे कुशवाहा ने अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि जहां सम्मान होगा, वहीं कुछ मिलेगा और समर्थकों से अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने तक घर न बैठने की अपील की। दिलचस्प बात यह है कि 2013 में सपा ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया था और बाद में उनका मंत्री दर्जा भी चला गया था।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 17 सितंबर 2026
राम आसरे कुशवाहा ने BJP छोड़कर करीब 13 साल बाद समाजवादी पार्टी में वापसी की है।
खबर में खास
BJP छोड़कर सपा में शामिल हुए राम आसरे कुशवाहा
करीब 13 साल बाद हुई समाजवादी पार्टी में वापसी
छह बार मंत्री रह चुके हैं कुशवाहा
अखिलेश यादव को CM बनाने का लिया संकल्प
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा ने भारतीय जनता पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली।
करीब 13 साल बाद उनकी सपा में वापसी हुई है। सपा में शामिल होने के बाद कुशवाहा ने अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया और अपने समर्थकों से भी इसके लिए जुटने की अपील की।
13 साल बाद फिर सपा में वापसी
राम आसरे कुशवाहा पहले भी समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं और पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव जैसी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
लेकिन 2013 में सपा नेतृत्व ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया था। उस समय की रिपोर्टों में पार्टी लाइन से अलग बयानबाजी को कार्रवाई की वजह बताया गया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर से जुड़ा उनका राज्य मंत्री स्तर का दर्जा भी वापस ले लिया गया था।
अब करीब 13 साल बाद राजनीतिक परिस्थितियां फिर बदली हैं और कुशवाहा समाजवादी पार्टी में वापस आ गए हैं।
‘जहां सम्मान होगा, वहीं कुछ मिलेगा’
सपा में शामिल होने के बाद राम आसरे कुशवाहा ने सम्मान का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा कि जहां सम्मान होगा, वहीं कुछ मिलेगा और जहां सम्मान नहीं होगा, वहां कुछ नहीं मिलेगा, चाहे वह राजनीति हो, रिश्तेदारी हो या व्यवसाय।
हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में उन्होंने BJP छोड़ने के पीछे किसी एक खास घटना को स्पष्ट कारण के रूप में नहीं बताया है। इसलिए उनके इस बयान को BJP पर किसी निश्चित आरोप के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
अखिलेश को लेकर क्या बोले?
कुशवाहा ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को भी याद किया। उन्होंने कहा कि आज भी उन्हें ऐसा महसूस होता है कि नेताजी उनके बीच मौजूद हैं।
इसके बाद उन्होंने समर्थकों से अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जुटने की अपील की और कहा कि जब तक अखिलेश को मुख्यमंत्री नहीं बनाएंगे, तब तक घर नहीं बैठेंगे।
यह उनका राजनीतिक संकल्प है; 2027 चुनाव का परिणाम मतदाता तय करेंगे।
कौन हैं राम आसरे कुशवाहा?
राम आसरे कुशवाहा उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। मौजूदा रिपोर्टों में उन्हें छह बार मंत्री रह चुका नेता बताया गया है। वह अलग-अलग समय में BSP, BJP और SP की राजनीति से जुड़े रहे हैं।
पुराने रिकॉर्ड के मुताबिक वह सरसौल विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं। 2013 में समाजवादी पार्टी में रहते हुए उनके पास राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी थी।
2027 से पहले क्यों चर्चा में यह वापसी?
राम आसरे कुशवाहा की वापसी ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं।
हाल के दिनों में समाजवादी पार्टी में अलग-अलग जिलों से कई स्थानीय नेताओं और सभासदों ने भी सदस्यता ली है। 13 सितंबर को अयोध्या, प्रयागराज, हरदोई, अलीगढ़, लखीमपुर खीरी, प्रतापगढ़ और बाराबंकी समेत कई जिलों के नेताओं के सपा में शामिल होने की खबर सामने आई थी।
कुशवाहा, शाक्य, मौर्य और सैनी समुदाय से जुड़े नेताओं की राजनीतिक सक्रियता भी हाल के दिनों में चर्चा में रही है। हालांकि राम आसरे कुशवाहा की वापसी से 2027 चुनाव पर कितना असर पड़ेगा, इसका अभी तथ्यात्मक आकलन करना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि 13 साल पहले जिस समाजवादी पार्टी से उनका रास्ता अलग हुआ था, राम आसरे कुशवाहा अब उसी पार्टी में दोबारा लौट आए हैं।