ओवैसी को UP में बड़ा झटका: AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आसिम वकार Congress में शामिल, 2027 से पहले बदला पाला

करीब एक दशक AIMIM में रहे सैयद आसिम वकार ने कांग्रेस का दामन थामा; इससे पहले करीब 20 साल समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं, Imran Pratapgarhi की भूमिका की भी चर्चा

UP Election 2027 से पहले AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद आसिम वकार के कांग्रेस में शामिल होने की खबर

UP Election 2027 से पहले AIMIM को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद आसिम वकार कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। वह करीब 10 साल से AIMIM से जुड़े थे और इससे पहले करीब 20 साल समाजवादी पार्टी में रहे। जानिए इस दलबदल का Owaisi, Congress और SP की रणनीति पर क्या असर पड़ सकता है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय सैयद आसिम वकार ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है।

UP Tak और ANI-सिंडिकेटेड रिपोर्ट के मुताबिक आसिम वकार 2 सितंबर को लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए। इससे एक दिन पहले तक उनके कांग्रेस में जाने की चर्चा थी और कुछ रिपोर्टें joining को दिल्ली में संभावित बता रही थीं।

यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वकार करीब एक दशक से AIMIM के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल थे और उत्तर प्रदेश में ओवैसी की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा बन चुके थे।

कौन हैं सैयद आसिम वकार?

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AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे सैयद आसिम वकार 2 सितंबर 2026 को कांग्रेस में शामिल हो गए।

सैयद आसिम वकार उत्तर प्रदेश, खासकर लखनऊ की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।

AIMIM से जुड़ने से पहले वह करीब 20 साल समाजवादी पार्टी में रहे थे। इसके बाद करीब 10 साल पहले उन्होंने AIMIM का दामन थामा और धीरे-धीरे पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर पहचान बनाई।

पार्टी की तरफ से टीवी debates, राजनीतिक बयान और उत्तर प्रदेश में संगठन से जुड़े मुद्दों पर वह लगातार दिखाई देते रहे।

2022 विधानसभा चुनाव के दौरान भी वह उत्तर प्रदेश में AIMIM की चुनावी रणनीति और alliance-related मुद्दों पर पार्टी की ओर से प्रमुख आवाजों में शामिल थे। Hindustan Times ने उस समय उन्हें AIMIM का national spokesperson और UP in-charge बताया था।

AIMIM क्यों छोड़ी?

आसिम वकार की ओर से इस समय तक कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान उपलब्ध नहीं है जिसमें उन्होंने पार्टी छोड़ने के हर कारण को औपचारिक रूप से बताया हो।

हालांकि NDTV और दूसरी रिपोर्टों के मुताबिक वह कुछ समय से AIMIM की उत्तर प्रदेश इकाई से जुड़े फैसलों को लेकर नाराज बताए जा रहे थे। इसी नाराजगी को उनके पार्टी बदलने की पृष्ठभूमि से जोड़ा जा रहा है।

इसलिए खबर में यह न लिखें:

“Owaisi से झगड़े के बाद पार्टी छोड़ी”

क्योंकि ऐसा कोई verified direct statement अभी उपलब्ध नहीं है।

सही wording:

“रिपोर्टों के मुताबिक वह AIMIM की UP unit के कुछ फैसलों से नाराज बताए जा रहे थे।”

Imran Pratapgarhi की क्या भूमिका?

इस पूरे दलबदल में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और Minority Department से जुड़े प्रमुख नेता इमरान प्रतापगढ़ी का नाम भी सामने आ रहा है।

Live Hindustan और NDTV की रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि आसिम वकार को कांग्रेस में लाने में इमरान प्रतापगढ़ी ने अहम भूमिका निभाई।

लेकिन इसे:

“इमरान प्रतापगढ़ी ने ही दलबदल कराया”

जैसी definitive line न बनाएं।

ज्यादा accurate होगा:

“मीडिया रिपोर्टों में Imran Pratapgarhi की अहम भूमिका बताई जा रही है।”

Rahul Gandhi के समर्थन में किया था Post

वकार के कांग्रेस में जाने की अटकलें तब और तेज हो गई थीं जब उन्होंने हाल में राहुल गांधी के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट किया।

Live Hindustan की रिपोर्ट में भी इस पोस्ट को उनके Congress shift की चर्चाओं से जोड़ा गया था।

उनके सार्वजनिक सोशल-media account से भी हाल में राहुल गांधी के समर्थन वाला पोस्ट सामने आया था।

यह political signalling का एक महत्वपूर्ण संकेत था, लेकिन अकेले social post को joining का प्रमाण नहीं माना जा सकता था। अब joining की स्वतंत्र रिपोर्टिंग सामने आने के बाद तस्वीर स्पष्ट हो गई है।

Owaisi के लिए कितना बड़ा नुकसान?

AIMIM लंबे समय से उत्तर प्रदेश में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

2027 चुनाव से पहले ओवैसी ने साफ कहा है कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी और सीटें जीतने का प्रयास करेगी। उन्होंने हाल में दावा किया था कि पार्टी का संगठन पहले से मजबूत हुआ है।

ऐसे समय में राष्ट्रीय प्रवक्ता स्तर के किसी नेता का पार्टी छोड़ना कम से कम तीन तरह से चुनौती पैदा करता है:

पहला: AIMIM को UP में एक experienced media face खोना पड़ा।

दूसरा: वकार का लंबे समय से UP की मुस्लिम राजनीति में सक्रिय होना Congress को organizational और political-network benefit दे सकता है।

तीसरा: Owaisi की उस कोशिश पर सवाल उठेंगे जिसमें AIMIM अपनी “सिर्फ वोट काटने वाली पार्टी” वाली आलोचना से निकलकर actual seats जीतने की रणनीति बना रही है।

लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि एक नेता के जाने से AIMIM का पूरा संगठन कमजोर हो गया या उसका vote-bank Congress में shift हो जाएगा।

Congress को क्या फायदा?

Congress के लिए यह joining सिर्फ एक नेता को जोड़ने से ज्यादा राजनीतिक symbolism रखती है।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहयोगी रहे हैं और 2027 के चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच seat-sharing सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों में से एक होगा।

Live Hindustan के मुताबिक बड़े नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी अपने संगठन और bargaining position को मजबूत करने की कोशिश कर सकती है।

आसिम वकार का लंबा राजनीतिक अनुभव और Muslim political discourse में उनकी visibility Congress को खासकर उन सीटों पर फायदा पहुंचाने की कोशिश का हिस्सा हो सकती है जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक संख्या में हैं।

लेकिन अभी Congress ने उन्हें कौन-सा संगठनात्मक पद या चुनावी जिम्मेदारी दी जाएगी, इसका कोई स्पष्ट आधिकारिक ऐलान सामने नहीं आया है।

SP में वापस क्यों नहीं गए?

यह इस story का interesting political angle है।

वकार AIMIM से पहले लगभग 20 साल समाजवादी पार्टी में रहे, लेकिन AIMIM छोड़ने के बाद उन्होंने सपा में वापसी के बजाय कांग्रेस चुनी।

यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि UP में मुस्लिम मतदाताओं के बीच समाजवादी पार्टी लंबे समय से मजबूत समर्थन आधार रखने वाली पार्टी रही है।

वकार का Congress चुनना पार्टी की उस strategy के संदर्भ में भी देखा जा रहा है जिसमें वह अपने independent Muslim leadership network को मजबूत करना चाहती है।

लेकिन वकार ने अभी सार्वजनिक रूप से विस्तार से यह नहीं बताया है कि उन्होंने SP के बजाय Congress क्यों चुनी।

Muslim Vote पर कितना असर?

इस सवाल का definitive जवाब अभी नहीं दिया जा सकता।

UP में मुस्लिम मतदाता किसी एक uniform bloc की तरह हर सीट पर एक ही पार्टी को vote नहीं करते। Candidate, constituency equation, BJP को हराने की क्षमता, local leadership और alliance जैसी चीजें seat-to-seat मतदान को प्रभावित करती हैं।

इसलिए headline:

“अब पूरा मुस्लिम वोट Congress की तरफ जाएगा”

तथ्यात्मक रूप से गलत और राजनीतिक रूप से oversimplified होगी।

सही analysis यह है कि:

Congress को एक जाना-पहचाना Muslim political face मिला है, जबकि AIMIM ने UP में अपना एक senior spokesperson खोया है। इसका वास्तविक electoral impact 2027 में candidate selection और alliance equation पर निर्भर करेगा।

AIMIM का UP में पिछला प्रदर्शन

AIMIM ने उत्तर प्रदेश में पहले भी विधानसभा चुनाव लड़े हैं।

2017 में पार्टी ने 38 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सकी। Sambhal में उसका प्रत्याशी runner-up रहा था।

2022 के चुनाव में भी पार्टी ने बड़े स्तर पर चुनावी अभियान चलाया, लेकिन विधानसभा में सीट हासिल नहीं कर सकी।

इस पृष्ठभूमि में Owaisi का 2027 target केवल vote-share बढ़ाना नहीं बल्कि विधानसभा में actual representation हासिल करना है।

इसीलिए वकार जैसे national spokesperson का चुनाव से पहले जाना symbolic setback माना जा रहा है।

‘Vote Cutter’ Debate फिर क्यों चर्चा में?

AIMIM पर उसके विरोधी लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि पार्टी मुस्लिम बहुल सीटों पर विपक्षी वोट को divide करती है।

ओवैसी इस आरोप को लगातार खारिज करते रहे हैं और AIMIM को स्वतंत्र political alternative के रूप में पेश करते हैं।

Live Hindustan ने भी लिखा है कि Owaisi UP में पार्टी की “vote-cutter” वाली छवि से बाहर निकलकर सीटें जीतने की कोशिश कर रहे हैं।

आसिम वकार का Congress जाना इसलिए इस debate को फिर हवा देगा।

हालांकि “vote cutter” एक राजनीतिक आरोप/label है, कोई objective fact नहीं। इसे attribution के साथ ही लिखें।

क्या Congress और नेताओं को भी जोड़ने की तैयारी में?

मीडिया रिपोर्टों में Congress के दूसरे नेताओं से संपर्क की भी चर्चा है।

NDTV और Live Hindustan की रिपोर्ट में दावा किया गया कि Congress की बातचीत पूर्व BJP सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर से भी चल रही है।

लेकिन जब तक कौशल किशोर या Congress औपचारिक रूप से joining confirm न करे:

“कौशल किशोर भी Congress में शामिल होंगे”

मत लिखें।

सही wording:

“मीडिया रिपोर्टों में Congress और कौशल किशोर के बीच संपर्क की चर्चा है।”

UP Election 2027 में अब सबसे बड़ा सवाल

आसिम वकार का Congress में जाना तीन parties की रणनीति को एक साथ प्रभावित करता है:

AIMIM: पुराने Muslim leadership faces को बचाकर organization मजबूत कैसे करेगी?

Congress: क्या वह इस तरह के नेताओं के जरिए UP में अपना independent political base बढ़ाएगी?

Samajwadi Party: Congress की organizational expansion के बीच INDIA alliance में seat-sharing equation कैसी रहेगी?

यही कारण है कि एक spokesperson का दलबदल सामान्य party-switch से ज्यादा राजनीतिक चर्चा पैदा कर रहा है।

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