अमेरिका में ‘अब्दुल’ की जीत, ओवैसी बोले—‘अब दरी नहीं बिछाएँगे’; यूपी 2027 से कैसे जुड़ा बयान?

मिशिगन में अब्दुल अल-सैयद की ऐतिहासिक जीत के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा फिर उठाया।

असदुद्दीन ओवैसी की फाइल तस्वीर, मिशिगन चुनाव परिणाम पर उनके बयान से संबंधित समाचार

अमेरिका में अब्दुल अल-सैयद के पहले मुस्लिम सीनेटर चुने जाने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश की सियासत पर टिप्पणी की। जानिए उनका बयान और 2027 चुनाव का संदर्भ।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली/लखनऊ | 4 नवंबर 2026
asaduddin-owaisi-abdul-el-sayed-michigan-up-2027.webp
असदुद्दीन ओवैसी अमेरिका में अब्दुल अल-सैयद की चुनावी जीत के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर टिप्पणी की।
अमेरिका के मिशिगन राज्य में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद की सीनेट चुनाव में जीत पर भारत में भी सियासी प्रतिक्रिया आई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस नतीजे को उत्तर प्रदेश की राजनीति से जोड़कर मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया। बुधवार को X पर उनके संदेश की आखिरी पंक्ति थी—“अब दरी नहीं बिछाएँगे”। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह बयान चर्चा में है।

खबर में खास

  • अब्दुल अल-सैयद अमेरिकी सीनेट में चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बने।
  • ओवैसी ने यूपी में राजनीतिक पहचान मजबूत करने की बात कही।
  • ‘अब्दुल’ नाम पर तंज किए जाने का आरोप भी लगाया।
  • रामपुर में पहले भी राजनीतिक नेतृत्व का मुद्दा उठा चुके हैं।

ओवैसी ने क्या कहा?

ओवैसी ने 4 नवंबर को लिखा—“एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया”। इसके बाद उत्तर प्रदेश में ‘अब्दुल’ की राजनीतिक पहचान मजबूत किए जाने की बात कही। उनका आरोप था कि संघ समर्थकों ने इस नाम को तंज के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश की। उन्होंने धार्मिक स्वाभिमान का उल्लेख करते हुए संदेश समाप्त किया—“अब दरी नहीं बिछाएँगे”।
यह ओवैसी का राजनीतिक बयान है, उत्तर प्रदेश के सभी मुस्लिम मतदाताओं की एक समान राय नहीं।

मिशिगन में किसने जीत दर्ज की?

अमेरिका के 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के 42 वर्षीय अब्दुल अल-सैयद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार और पूर्व सांसद माइक रोजर्स को हराया। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अल-सैयद अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम हैं। वह सेवानिवृत्त हो रहे डेमोक्रेटिक सीनेटर गैरी पीटर्स की सीट संभालेंगे।
अल-सैयद सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशासन में काम कर चुके हैं। चुनाव अभियान में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की लागत, परिवारों के खर्च और राजनीति में बड़ी कंपनियों के प्रभाव जैसे मुद्दे उठाए थे।

यूपी की राजनीति में ‘अब्दुल’ का जिक्र नया नहीं

ओवैसी ने अक्टूबर में रामपुर की जनसभा में भी मुस्लिम युवाओं से केवल दूसरे दलों के समर्थक बने रहने के बजाय अपना नेतृत्व विकसित करने की बात कही थी। उन्होंने सपा और कांग्रेस के पारिवारिक नेतृत्व की आलोचना की थी। प्रत्यक्षदर्शी समाचार ने 19 अक्टूबर को उस भाषण की रिपोर्ट प्रकाशित की थी।
आज के बयान का राजनीतिक तर्क पुराना है, लेकिन उसकी नई वजह अमेरिकी सीनेट चुनाव का परिणाम है। AIMIM उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार और प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठा रही है। पार्टी सपा समेत दूसरे दलों पर मुस्लिम मतदाताओं को केवल वोट बैंक समझने का आरोप लगाती रही है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ओवैसी के इस रुख पर सवाल भी उठाए हैं।

2027 चुनाव से पहले क्या सवाल उठा?

बहस यह है कि उत्तर प्रदेश में राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग पर पार्टियाँ क्या ठोस कदम उठाती हैं। हालांकि अमेरिका की सीनेट और उत्तर प्रदेश की विधानसभा अलग चुनावी व्यवस्थाएँ हैं; एक देश के नतीजे से दूसरे राज्य के मतदाताओं का रुख तय नहीं होता।
ओवैसी की 4 नवंबर की पोस्ट दिखाती है कि वह पुराने मुद्दे को एक नए अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के सहारे फिर उठा रहे हैं। लेकिन इससे 2027 के चुनाव में किस दल को लाभ या नुकसान होगा, इसका कोई पुष्ट आधार अभी नहीं है।

About The Author

Advertisement

LatestNews

राहुल की रैली में नहीं पहुंचे तो यूथ कांग्रेस के 215 पदाधिकारी निलंबित! 200 और को पत्र, ऐप वाली हाजिरी पर भी सवाल
दिल्ली में वोट कटवाने की 787 अर्जियां, BJP के 16 बूथ एजेंटों ने कहा—हमने फॉर्म भरे ही नहीं! SIR पर नया विवाद
विजय की सरकार गिराने के लिए ₹70 करोड़ का ऑफर? तमिलनाडु में विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप, DMK-AIADMK का पलटवार
बिहार में डिप्टी CM बदलने की चर्चा! नीतीश के बेटे निशांत का नाम, JDU की बैठक के बीच दो अलग दावे
‘10 साल में 12 बच्चे, एक घर में 132 लोग?’ SIR पर अमित शाह ने राहुल गांधी को दी खुली बहस की चुनौती
ज्ञानेश कुमार का मुखौटा, हथकड़ी और नकली जेल! बेंगलुरु में INDIA गठबंधन का अनोखा प्रदर्शन, SIR पर फिर घमासान
राहुल गांधी पर FIR की मांग हाईकोर्ट ने खारिज की! सिखों पर अमेरिका में दिए बयान को लेकर वाराणसी से प्रयागराज तक चला विवाद