अंकिता भंडारी की मां प्रेस कॉन्फ्रेंस में रो पड़ीं, पूछा- 'न्याय के लिए कहां जाएं?' 24 घंटे की चेतावनी

अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भावुक हो गईं। परिवार ने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर रोक और VIP की भूमिका की जांच की मांग की। पिता ने 24 घंटे में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

Ankita Bhandari Case: दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रो पड़ीं अंकिता की मां सोनी देवी। जानिए परिवार ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति और CBI जांच पर क्या मांग की।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली | 15 अक्टूबर 2026

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दिल्ली में अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान न्याय की मांग करते हुए अपनी पीड़ा साझा की।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग कर रही उनकी मां सोनी देवी गुरुवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भावुक होकर रो पड़ीं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर वह अपनी बेटी के लिए न्याय मांगने कहां जाएं। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने मामले में कथित VIP की भूमिका की जांच पर सवाल उठाए और दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति रद्द करने की मांग की।
परिवार ने 24 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

खबर में खास

  • दिल्ली के प्रेस क्लब में अंकिता की मां सोनी देवी अपनी बेटी को याद कर रो पड़ीं।
  • पिता वीरेंद्र भंडारी ने SIT की जांच और कथित VIP की भूमिका पर सवाल उठाए।

  • परिवार ने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति रोकने की मांग की।

  • भाजपा ने धामी सरकार की कार्रवाई का बचाव किया, जबकि परिवार स्वतंत्र जांच चाहता है।

'मेरी बेटी का क्या कसूर था?' रो पड़ीं अंकिता की मां

दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंकिता की मां सोनी देवी अपनी पीड़ा बताते हुए रोने लगीं।
उन्होंने कहा, "आप ही लोग बताएं, हम न्याय के लिए कहां जाएं।"
सोनी देवी ने कहा कि उन्हें बार-बार अपनी बेटी की याद आती है और वह समझ नहीं पा रही हैं कि न्याय के लिए अब किसके पास जाएं।
उन्होंने सरकार से अपील की कि जब तक मामले में कथित VIP की भूमिका की जांच पूरी नहीं होती, तब तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

पिता ने SIT पर लगाए गंभीर आरोप

अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने विशेष जांच दल (SIT) की जांच पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की एक साल की चैट डिलीट कर दी गई और मुख्य दोषी पुलकित आर्य के फोन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों की पर्याप्त जांच नहीं हुई।
वीरेंद्र सिंह ने कथित VIP की पहचान और भूमिका स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि CBI जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए।
हालांकि, चैट डिलीट किए जाने और जांच में लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दुष्यंत गौतम को लेकर क्यों उठ रहा विवाद?

12 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त करने की घोषणा की थी।
अंकिता के परिवार का आरोप है कि मामले में सामने आए कथित VIP की पहचान से जुड़े सवालों की जांच पूरी किए बिना यह नियुक्ति की गई।
परिवार ने राष्ट्रपति से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
महत्वपूर्ण बात: दुष्यंत गौतम ने मामले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है और आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई भी शुरू की है। अदालत ने उन्हें अंकिता की हत्या का दोषी नहीं ठहराया है।

इंडिया गेट पर प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका भी मिले

प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया था।
14 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी उनसे मिलने पहुंचे थे।
15 अक्टूबर की सुबह पुलिस ने धरनास्थल पर कार्रवाई की। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, अंकिता के माता-पिता को कुछ समय के लिए हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिया गया।
परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।

भाजपा ने क्या जवाब दिया?

उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने सरकार की कार्रवाई का बचाव किया।
उन्होंने कहा कि अंकिता हत्याकांड में आरोपियों को तेजी से गिरफ्तार किया गया, SIT गठित हुई और आरोपपत्र दाखिल किया गया।
भट्ट के अनुसार, सरकार ने परिवार को आर्थिक सहायता दी और CBI जांच कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई।
उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक आरोपों को खारिज किया।

अंकिता हत्याकांड में अब तक क्या हुआ?

सितंबर 2022 में उत्तराखंड के वनंतरा रिजॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या हुई थी।
30 मई 2025 को अदालत ने रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों, सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
इसके बावजूद परिवार कथित VIP की भूमिका की अलग जांच की मांग कर रहा है।
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि कथित VIP से जुड़े आरोपों पर जांच में क्या सामने आता है और परिवार की राज्यपाल नियुक्ति रोकने की मांग पर कोई निर्णय होता है या नहीं।

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