ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी, शाम 5 बजे INDIA गठबंधन की बैठक

चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के बीच विपक्षी सांसदों की शाम 5 बजे बैठक बुलाई गई है। राष्ट्रपति से रात 8 बजे संभावित मुलाकात पर रणनीति बनेगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन जारी है। INDIA गठबंधन के सांसदों की शाम 5 बजे बैठक बुलाई गई है। सपा सांसद राजीव राय के मुताबिक, राष्ट्रपति से रात 8 बजे मिलने का समय मिलने की संभावना है।

दिल्ली में CJP प्रदर्शन से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल, विपक्षी सांसद राष्ट्रपति से मुलाकात की तैयारी में

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चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध के बीच INDIA गठबंधन के सांसदों की बैठक और राष्ट्रपति से संभावित मुलाकात का कार्यक्रम सामने आया है।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 9 अक्टूबर 2026

दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों की गतिविधियां जारी हैं। शुक्रवार को INDIA गठबंधन के सांसदों को शाम 5 बजे बैठक के लिए बुलाया गया है। इस बैठक में आगे की रणनीति और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्रस्तावित मुलाकात को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने बताया कि विपक्षी नेताओं को शाम 5 बजे एकत्र होने के लिए कहा गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रात 8 बजे राष्ट्रपति से मिलने का समय मिलने की संभावना है।
दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में मेट्रो और रेल सेवाओं पर व्यापक पाबंदियों को लेकर चिंता जताई है। अदालत ने सरकार से इन प्रतिबंधों पर दोबारा विचार करने को कहा है, ताकि आम नागरिकों को कम परेशानी हो।
 
खबर में खास
  • INDIA गठबंधन के सांसदों की शाम 5 बजे बैठक प्रस्तावित है।
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से रात 8 बजे मुलाकात की संभावना जताई गई।

  • सपा सांसद राजीव राय ने विपक्ष की बैठक की जानकारी दी।

  • सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो और रेल सेवाओं पर व्यापक पाबंदियों की समीक्षा करने को कहा।

  • केंद्र की ओर से अधिकारियों से बातचीत कर यात्रियों की परेशानी कम करने का आश्वासन दिया गया।

  • 10 अक्टूबर के CJP प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी है।

शाम 5 बजे बैठक में जुटेंगे विपक्षी सांसद

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। शुक्रवार को INDIA गठबंधन के सांसदों को शाम 5 बजे बैठक के लिए बुलाया गया।
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने जानकारी दी कि विपक्षी नेताओं को संसद परिसर के सेंट्रल हॉल से जुड़े बैठक स्थल पर बुलाया गया है।
उनके मुताबिक, बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इसके बाद राष्ट्रपति से मिलने के कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
हालांकि, बैठक में क्या अंतिम निर्णय लिया गया, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

राष्ट्रपति से रात 8 बजे मिलने की संभावना

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा कि विपक्षी नेताओं को संभवतः रात 8 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मिला है।
उन्होंने बताया कि विपक्ष परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति तय कर रहा है।
इस संभावित मुलाकात में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की आपत्तियां उठाई जा सकती हैं।
हालांकि, राष्ट्रपति से मुलाकात हो चुकी है या कोई ज्ञापन सौंप दिया गया है, ऐसी पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो और ट्रेन पाबंदियों पर क्या कहा?

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली की परिवहन पाबंदियों का मामला भी उठा।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सार्वजनिक परिवहन पर व्यापक रोक को लेकर चिंता जताई।
अदालत का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन इसके लिए आम लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पूरी तरह नहीं रोकी जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो स्टेशनों और रेल सेवाओं पर पाबंदियों की दोबारा समीक्षा करने की जरूरत बताई।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जा सकते हैं, लेकिन वे स्थिति के अनुपात में होने चाहिए।

सरकार ने यात्रियों की परेशानी कम करने का आश्वासन दिया

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखा।
उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जाएगी, ताकि सुरक्षा इंतजामों के कारण लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
इसमें ट्रैफिक का प्रवाह बनाए रखने और नागरिकों के लिए आवश्यक एडवाइजरी जारी करने की बात भी सामने आई।
हालांकि, इस आश्वासन का मतलब यह नहीं है कि पहले घोषित सभी मेट्रो और रेल प्रतिबंध तत्काल वापस ले लिए गए हैं। यात्रियों को विभागों के अंतिम आदेशों पर ध्यान देना चाहिए।
 

57 मेट्रो स्टेशनों पर क्या स्थिति है?

10 अक्टूबर के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद करने की घोषणा की गई थी।
इस व्यवस्था के 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से लागू होने की जानकारी सामने आई थी।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद इन पाबंदियों की समीक्षा का मुद्दा उठा है। इसलिए यात्रियों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि सभी पहले घोषित प्रतिबंध बिना बदलाव के लागू रहेंगे।
मेट्रो स्टेशनों की वास्तविक स्थिति DMRC की ताजा आधिकारिक सूचना से ही स्पष्ट होगी।

10 अक्टूबर के CJP प्रदर्शन को लेकर विवाद

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसके पीछे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े आरोप हैं।
वहीं दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार किया है।
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित नियमों का पालन कराने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
CJP के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। ऐसे में पुलिस और आयोजकों के बीच कार्यक्रम को लेकर असहमति बनी हुई है।

ट्रेन और मेट्रो यात्रियों के लिए क्या जरूरी है?

दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के चलते रेलवे, मेट्रो और सड़क यातायात से जुड़े कई बदलाव सामने आए हैं।
यात्रियों को 10 अक्टूबर की यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का नंबर और तारीख डालकर रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर स्टेटस जांचना चाहिए।
मेट्रो यात्रियों को भी संबंधित स्टेशन पर प्रवेश और निकास की सुविधा उपलब्ध होने की पुष्टि करनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद प्रतिबंधों में बदलाव संभव है, लेकिन किसी भी सुविधा के दोबारा शुरू होने की घोषणा संबंधित विभाग ही करेगा।

अब आगे क्या होगा?

शुक्रवार शाम INDIA गठबंधन के सांसदों की बैठक और राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम होंगे।
दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद मेट्रो और रेलवे से जुड़े प्रतिबंधों की समीक्षा पर भी नजर रहेगी।
दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले एक ओर विपक्षी सांसद राष्ट्रपति से मुलाकात की तैयारी कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने आम लोगों की आवाजाही प्रभावित करने वाली व्यापक पाबंदियों पर सवाल उठाए हैं। अब विपक्ष की बैठक का फैसला और परिवहन संबंधी नए आदेश अगले महत्वपूर्ण अपडेट होंगे।

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