'772 वोटर तो 1109 वोट कैसे?' अभिषेक बनर्जी के आरोप पर BJP का पलटवार, जानें पूरा विवाद
रेजीनगर उपचुनाव की मतगणना के बीच अभिषेक बनर्जी ने एक बूथ पर वोटरों से ज्यादा वोट पड़ने का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि वहां 772 नहीं, बल्कि 1,109 मतदाता थे।
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पश्चिम बंगाल के रेजीनगर उपचुनाव में मतदाताओं की संख्या को लेकर विवाद बढ़ गया है। अभिषेक बनर्जी ने एक बूथ पर वोटरों से ज्यादा मतदान का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने उनके आंकड़े गलत बताते हुए जवाब दिया।
रेजीनगर की मतगणना में 772 और 1,109 मतदाताओं के आंकड़ों पर विवाद, अभिषेक बनर्जी के आरोपों को भाजपा ने किया खारिज
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 9 अक्टूबर 2026
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की मतगणना के बीच तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी के बीच नया विवाद सामने आया है। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि एक मतदान केंद्र पर कुल मतदाताओं की संख्या से ज्यादा वोट दर्ज किए गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए चुनावी आंकड़ों पर सवाल उठाए।
इसके जवाब में पश्चिम बंगाल भाजपा ने अभिषेक बनर्जी के दावे को गलत बताया है। भाजपा का कहना है कि जिस मतदान केंद्र पर 772 मतदाता होने की बात कही जा रही है, वहां आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1,109 मतदाता हैं।
भाजपा ने भी अपने दावे के समर्थन में स्क्रीनशॉट साझा किए हैं। हालांकि, दोनों पक्षों के दावों से अलग मतदान केंद्र के मूल आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
खबर में खास
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अभिषेक बनर्जी ने रेजीनगर के एक बूथ पर वोटरों से ज्यादा वोट पड़ने का आरोप लगाया।
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अभिषेक ने सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट साझा कर चुनावी आंकड़ों पर सवाल उठाए।
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भाजपा ने कहा कि संबंधित बूथ पर 772 नहीं, बल्कि 1,109 मतदाता थे।
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बंगाल भाजपा ने अभिषेक के आरोप को गलत जानकारी बताया।
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भाजपा ने TMC पर फर्जी मतदान करने का भी जवाबी आरोप लगाया।
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विवाद के बीच संबंधित बूथ का आधिकारिक रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो गया है।
अभिषेक बनर्जी ने वोटों की संख्या पर क्या सवाल उठाया?
रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के दौरान TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनावी आंकड़ों पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा कर आरोप लगाया कि एक मतदान केंद्र पर कुल मतदाताओं की संख्या से ज्यादा वोट दर्ज किए गए हैं।
अपने आरोप के समर्थन में अभिषेक बनर्जी ने एक स्क्रीनशॉट भी साझा किया।
उन्होंने इस कथित अंतर पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता का मुद्दा उठाया। हालांकि, स्क्रीनशॉट में मौजूद आंकड़ों का मूल मतदान रिकॉर्ड से स्वतंत्र मिलान होना अभी बाकी है।
भाजपा ने कहा—772 नहीं, 1,109 मतदाता हैं
अभिषेक बनर्जी के आरोपों के बाद पश्चिम बंगाल भाजपा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी।
भाजपा ने कहा कि TMC जिस मतदान केंद्र पर केवल 772 मतदाता होने का दावा कर रही है, वहां आधिकारिक संख्या 1,109 है।
पार्टी ने अभिषेक बनर्जी के दावे को गलत बताते हुए अपने पक्ष में दो स्क्रीनशॉट साझा किए।
भाजपा का कहना है कि TMC ने गलत आंकड़ों के आधार पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, भाजपा का 1,109 मतदाताओं वाला आंकड़ा भी मूल आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलान के बाद ही स्वतंत्र रूप से पुष्ट माना जा सकता है।
TMC पर फर्जी मतदान का आरोप भी लगाया
पश्चिम बंगाल भाजपा ने अपने जवाब में तृणमूल कांग्रेस पर भी हमला बोला।
भाजपा ने आरोप लगाया कि फर्जी मतदान का सहारा लेना TMC की पुरानी आदत रही है। पार्टी ने कहा कि वह चुनाव में फर्जी वोटों के बजाय जनता के वास्तविक समर्थन पर भरोसा करती है।
भाजपा ने अभिषेक बनर्जी की पोस्ट को गलत जानकारी फैलाने की कोशिश बताया।
यह भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया है। इससे TMC द्वारा फर्जी मतदान किए जाने का आरोप साबित नहीं होता।
क्या 772 और 1,109 में अंतर से चुनावी गड़बड़ी साबित होती है?
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल संबंधित मतदान केंद्र के वास्तविक मतदाताओं और वहां दर्ज मतों की संख्या का है।
यदि किसी बूथ पर पंजीकृत मतदाताओं की संख्या से अधिक वोट दर्ज होने का दावा किया जाता है, तो उसकी जांच के लिए आधिकारिक मतदाता सूची, मतदान का रिकॉर्ड और मतगणना से जुड़े दस्तावेजों का मिलान जरूरी होता है।
इसके साथ यह भी देखना होता है कि दोनों पक्ष एक ही बूथ, एक ही तारीख और एक ही प्रकार के आंकड़ों की तुलना कर रहे हैं या नहीं।
फिलहाल अभिषेक बनर्जी और भाजपा ने अलग-अलग दावे किए हैं। केवल सोशल मीडिया पर साझा स्क्रीनशॉट के आधार पर किसी पक्ष के आंकड़े सही या गलत घोषित करना उचित नहीं होगा।
रेजीनगर उपचुनाव को लेकर पहले भी उठे सवाल
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव हुआ था।
मतदान के दौरान भी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की ओर से अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।
आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर को मतदान के दिन पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद चुनाव की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठे थे।
हालांकि, मतदान के दौरान लगे अलग-अलग आरोपों और मतगणना के दौरान सामने आए इस नए आंकड़ा विवाद को अलग-अलग मामलों के रूप में देखना जरूरी है।
शुरुआती मतगणना में भाजपा ने बनाई थी बढ़त
रेजीनगर उपचुनाव की मतगणना में भाजपा उम्मीदवार सखारव सरकार ने शुरुआती दौर से बढ़त बनाई थी।
इस सीट पर हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के अलग-अलग गुटों के उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में थे।
मुस्लिम बहुल मानी जाने वाली रेजीनगर विधानसभा सीट पर भाजपा की बढ़त को लेकर राजनीतिक चर्चा हुई।
हालांकि, शुरुआती रुझानों और मतगणना से जुड़े आरोपों के आधार पर किसी विशेष समुदाय के मतदान व्यवहार का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
चुनाव आयोग के रिकॉर्ड से क्या स्पष्ट होगा?
