'प्रदर्शन करना है तो करें, लेकिन जनता को परेशान न करें', CJP आंदोलन पर चिराग पासवान का बयान
चिराग पासवान ने CJP के प्रदर्शन पर कहा कि युवाओं को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन दिल्ली में जाम लगाकर लोगों को परेशान न करें। समाधान बातचीत से निकलेगा।
CJP के 10 अक्टूबर के प्रस्तावित दिल्ली प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध जरूरी है, लेकिन समस्या का समाधान बातचीत से होगा। इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने की सलाह दी।
दिल्ली में कल CJP का प्रदर्शन, चिराग पासवान बोले—विरोध करना अधिकार है, लेकिन आम जनता की परेशानी भी समझें
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 9 अक्टूबर 2026
दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आंदोलन को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में विरोध प्रदर्शन होना जरूरी है, लेकिन इसका उद्देश्य किसी समस्या का समाधान निकालना होना चाहिए।
हरियाणा के सोनीपत में एक कार्यक्रम के दौरान चिराग पासवान ने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर दिल्ली की सड़कों पर जाम लगाकर आम लोगों को परेशान नहीं करना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठा रहे नेताओं को बातचीत का रास्ता अपनाने की सलाह दी।
चिराग पासवान ने यह भी कहा कि युवाओं का प्रदर्शन में शामिल होना और अपने सुझाव रखना जरूरी है। हालांकि, उनके मुताबिक केवल सड़कों पर उतरने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
खबर में खास
-
चिराग पासवान ने CJP के 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी।
-
कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन होना जरूरी है और युवाओं को अपनी बात रखनी चाहिए।
-
प्रदर्शन के कारण दिल्ली की सड़कों पर जाम लगाने को लेकर सवाल उठाए।
-
चिराग बोले—समस्या का समाधान विरोध प्रदर्शन के बजाय बातचीत से निकलेगा।
-
नेताओं को मुख्य चुनाव आयुक्त से बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल बनाने की सलाह दी।
-
हरियाणा के सोनीपत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया बयान।
CJP के प्रदर्शन पर चिराग पासवान ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शुक्रवार, 9 अक्टूबर को हरियाणा के सोनीपत स्थित कुंडली पहुंचे थे। यहां वह राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने उनसे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बारे में सवाल किया।
इस पर चिराग पासवान ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में लोगों को प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने माना कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का जरूरी हिस्सा हैं।
लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य किसी मुद्दे का समाधान निकालना होना चाहिए। अगर बातचीत से रास्ता निकल सकता है, तो उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
'दिल्ली में जाम लगाकर जनता को परेशान न करें'
चिराग पासवान ने प्रदर्शन के कारण आम लोगों को होने वाली परेशानी का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक उद्देश्य से दिल्ली की सड़कों पर जाम लगाना और आम जनता को परेशान करना ठीक नहीं है।
चिराग के मुताबिक, अगर किसी मुद्दे को लेकर विरोध जताना है तो उसकी वजह और मांग स्पष्ट होनी चाहिए। केवल विरोध प्रदर्शन करते रहने से समस्या हल नहीं होगी।
उनका बयान ऐसे समय आया है, जब 10 अक्टूबर के प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली में यातायात और सुरक्षा संबंधी पाबंदियां चर्चा में हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने की दी सलाह
चिराग पासवान ने प्रदर्शन करने वाले राजनीतिक नेताओं को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सीधे बातचीत करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि यदि नेता इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें एक प्रतिनिधिमंडल बनाना चाहिए।
यह प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर अपनी शिकायतें और सुझाव रख सकता है।
चिराग का कहना था कि बातचीत के जरिए समाधान तलाशना ज्यादा उपयोगी होगा।
हालांकि, उनके बयान में किसी प्रतिनिधिमंडल के गठन या मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ बैठक तय होने की जानकारी नहीं दी गई।
युवाओं के विरोध प्रदर्शन पर भी बोले चिराग
चिराग पासवान ने युवाओं की भागीदारी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को सामने आकर अपने विचार और सुझाव रखने चाहिए।
उनके बयान का आशय यह था कि युवाओं का विरोध करना गलत नहीं है, लेकिन विरोध प्रदर्शन के साथ समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश भी होनी चाहिए।
उन्होंने प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग नहीं की, बल्कि विरोध के तरीके और आम लोगों पर उसके असर को लेकर अपनी बात रखी।
10 अक्टूबर को दिल्ली में क्यों होना है CJP का प्रदर्शन?
CJP ने शनिवार, 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
इस प्रदर्शन के पीछे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए जा रहे सवाल प्रमुख हैं।
CJP और दूसरे प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि मतदाता सूची से योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
दूसरी ओर चुनाव आयोग इन आरोपों से इनकार करता रहा है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण गलत और दोहरे नामों की पहचान करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया है।
