नेहा बोरा के बयान पर BJP ही नहीं, सपा और शिवसेना भी नाराज! राहुल गांधी का नाम क्यों आया विवाद में?

मंदिरों, पुजारियों और ब्राह्मण महिलाओं पर AISA अध्यक्ष की टिप्पणी को लेकर सियासी विवाद। भाजपा ने राहुल गांधी को घेरा, लेकिन विपक्षी दलों के नेताओं ने भी बयान को अनुचित बताया।

नेहा बोरा के विवादित बयान पर BJP ने राहुल गांधी को घेरा। सपा सांसद राजीव राय और शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी टिप्पणी को अनुचित बताया। जानिए पूरा मामला।

नई दिल्ली | 4 नवंबर 2026 | प्रत्यक्षदर्शी समाचार
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AISA अध्यक्ष नेहा बोरा के बयान पर भाजपा के साथ समाजवादी पार्टी और शिवसेना (UBT) के नेताओं ने भी आपत्ति जताई है।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा का एक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। मंदिरों, पुजारियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उनके बयान पर भाजपा ने राहुल गांधी और कांग्रेस को निशाने पर लिया है। दिलचस्प बात यह है कि समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय और शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी नेहा की टिप्पणी से असहमति जताई है।

खबर में खास

  • नेहा बोरा का पुराना वीडियो 3 नवंबर को सोशल मीडिया पर चर्चा में आया।
  • भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने बयान को लेकर राहुल गांधी पर सवाल उठाए।
  • घोसी से सपा सांसद राजीव राय ने किसी पूरे समुदाय पर आरोप लगाने को गलत बताया।
  • प्रियंका चतुर्वेदी ने बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए नेहा से बातचीत की इच्छा जताई।
  • एक वकील ने पुलिस में शिकायत कर FIR दर्ज करने की मांग की है।

नेहा बोरा ने ऐसा क्या कहा कि विवाद शुरू हुआ?

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में नेहा बोरा महिलाओं की सुरक्षा और जिसे वह 'ब्राह्मणवादी व्यवस्था' कहती हैं, उसकी आलोचना करती दिखाई देती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ब्राह्मण महिलाएं भी असुरक्षित हैं और मंदिरों में पुजारियों द्वारा यौन अपराध किए जाते हैं। अपनी बात के दौरान उन्होंने उन्नाव और कठुआ की घटनाओं का उल्लेख किया।
हालांकि, वायरल वीडियो की मूल रिकॉर्डिंग कब की गई थी और पूरा भाषण किस संदर्भ में दिया गया था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी पूरे समुदाय के बारे में उनके व्यापक आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

BJP ने राहुल गांधी का नाम क्यों जोड़ा?

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर नेहा बोरा की टिप्पणी की आलोचना की।
भंडारी ने आरोप लगाया कि नेहा के विचार कांग्रेस और राहुल गांधी के राजनीतिक वातावरण को दर्शाते हैं। भाजपा ने सवाल उठाया कि धार्मिक संस्थानों को लेकर ऐसी टिप्पणियां क्यों की जा रही हैं।
नेहा हाल के महीनों में छात्र आंदोलनों और मतदाता सूची से जुड़े प्रदर्शनों में सक्रिय रही हैं। वह कुछ विपक्षी कार्यक्रमों में राहुल गांधी के साथ भी दिखाई दी थीं।
लेकिन AISA एक अलग छात्र संगठन है। नेहा के बयान को राहुल गांधी या कांग्रेस का आधिकारिक बयान बताने की पुष्टि नहीं है।

सपा सांसद राजीव राय ने क्या कहा?

उत्तर प्रदेश की घोसी लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने भी टिप्पणी पर आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि किसी धर्म, जाति या समुदाय के सभी लोगों के बारे में एक जैसी टिप्पणी करना उचित नहीं है। हर समुदाय में अच्छे और बुरे लोग होते हैं।
राजीव राय ने यह भी कहा कि भाजपा ऐसे विवादों का राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है और विपक्ष को इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए।

प्रियंका चतुर्वेदी ने भी जताई नाराजगी

शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि वह स्वयं ब्राह्मण महिला हैं और किसी पूरे समुदाय के बारे में अपमानजनक सामान्यीकरण उचित नहीं है।
प्रियंका ने वामपंथ और दक्षिणपंथ, दोनों की कट्टर सोच की आलोचना की। उन्होंने नेहा बोरा से व्यक्तिगत बातचीत करके यह समझाने की इच्छा भी जताई कि महिलाओं की सुरक्षा जैसे सवालों को केवल जाति या धर्म के नजरिए से नहीं देखना चाहिए।

पुलिस शिकायत के बाद अब क्या?

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने दिल्ली पुलिस में शिकायत देकर नेहा बोरा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
शिकायत में आरोप है कि ऐसी टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, शिकायत दर्ज होना और FIR दर्ज होना अलग प्रक्रियाएं हैं। FIR दर्ज होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस विशेष विवाद पर नेहा बोरा का नया विस्तृत स्पष्टीकरण भी उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं मिला।
फिलहाल विवाद का प्रमुख राजनीतिक पहलू यही है कि भाजपा के अलावा विपक्षी दलों के नेताओं ने भी नेहा की टिप्पणी पर असहमति जताई है। लेकिन इसे INDIA गठबंधन टूटने या कांग्रेस और सहयोगी दलों के बीच औपचारिक मतभेद का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

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