‘BJP के लिए चुनाव चुराए’, ज्ञानेश कुमार पर केजरीवाल का बड़ा आरोप; सात राज्यों में दोबारा चुनाव की मांग
SIR विवाद के बीच अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव दोबारा कराने की मांग की है।
अरविंद केजरीवाल ने SIR प्रक्रिया को गैरकानूनी बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर BJP को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया है। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सभी फैसले सर्वसम्मति से होने की बात कही है।
‘BJP के लिए चुनाव चुराए’, ज्ञानेश कुमार पर केजरीवाल का बड़ा आरोप; सात राज्यों में दोबारा चुनाव की मांग
SIR विवाद के बीच अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोबारा चुनाव की मांग की।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली | 23 सितंबर 2026
खबर में खास
ज्ञानेश कुमार पर केजरीवाल का बड़ा आरोप
मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी की मांग
कई राज्यों में दोबारा चुनाव कराने की अपील
चुनाव आयोग ने कहा—सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए
मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर जारी विवाद अब और तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।
केजरीवाल ने दावा किया कि चुनाव आयोग के फैसलों और SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल BJP को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए किया गया। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द करके दोबारा मतदान कराने की मांग भी उठाई।
सात राज्यों के चुनाव दोबारा कराने की मांग
अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित हाल के वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन राज्यों के चुनाव रद्द करके दोबारा निष्पक्ष मतदान कराया जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के कुछ आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की औपचारिक सहमति के बिना जारी किए गए। केजरीवाल के मुताबिक, अगर ऐसे फैसले आयोग की बैठक और मंजूरी के बिना लिए गए हैं तो उनसे जुड़े आदेशों को रद्द किया जाना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग
केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भ्रष्ट बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि मामले की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए और आरोप सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
AAP संयोजक ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया को एक स्थान से नियंत्रित किया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पुरानी Voter List बहाल करने की मांग
केजरीवाल ने SIR प्रक्रिया को रद्द करने और करीब तीन वर्ष पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग की। उनका दावा है कि मौजूदा प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और इससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि नए मतदाता जोड़ने या किसी मतदाता का नाम हटाने का अधिकार संबंधित Electoral Registration Officer के पास होता है। इस प्रक्रिया में किसी तरह का केंद्रीय नियंत्रण कानून के खिलाफ हो सकता है।
चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा?
चुनाव आयोग के सूत्रों ने मतभेद और बिना मंजूरी फैसले लिए जाने के दावों को नकारा है। आयोग का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन SIR सहित सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति और तीनों सदस्यों की मंजूरी से लिए गए।
आयोग के अनुसार, बैठकों में अधिकारियों और आयुक्तों द्वारा सवाल या सुझाव देना सामान्य प्रक्रिया है। इसे अंतिम फैसले के खिलाफ औपचारिक असहमति नहीं माना जा सकता।
अब आरोपों की सच्चाई तय करेगी अगली सियासी लड़ाई
केजरीवाल के आरोप बेहद गंभीर हैं, लेकिन अभी तक किसी अदालत या आधिकारिक जांच में चुनाव चोरी का दावा साबित नहीं हुआ है। चुनाव आयोग ने सभी फैसले सर्वसम्मति से होने की बात कही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण पेश करेगा या यह विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रह जाएगा।