UP चुनाव 2027 से पहले BJP विधायकों का ‘रिपोर्ट कार्ड’, विनोद तावड़े ने सामने रखीं कमियां; एक-एक सीट पर मंथन

UP चुनाव 2027 की तैयारी में BJP ने विधायकों के कामकाज की समीक्षा तेज कर दी है। गोरखपुर में विनोद तावड़े ने आंतरिक सर्वे के आधार पर जनता से संपर्क, कार्यकर्ताओं से व्यवहार और बूथ की स्थिति पर चर्चा की।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP अपने विधायकों और संगठन की जमीनी स्थिति की समीक्षा कर रही है। गोरखपुर में प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने आंतरिक सर्वे के आधार पर विधायकों से उनके रिपोर्ट कार्ड पर बात की। जनता के बीच मौजूदगी, कार्यकर्ताओं से व्यवहार, बूथ की स्थिति और पिछले चुनावों के प्रदर्शन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | गोरखपुर | 19 सितंबर 2026

bjp-mla-report-card-vinod-tawde-up-election-2027.jpg
विनोद तावड़े ने गोरखपुर में BJP विधायकों और संगठन पदाधिकारियों के साथ 2027 की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की।

खबर में खास

  • BJP के आंतरिक सर्वे पर विधायकों से चर्चा
  • जनता और कार्यकर्ताओं से संपर्क का लिया फीडबैक
  • गोरखपुर क्षेत्र की 62 विधानसभा सीटों पर मंथन
  • 15 अक्टूबर तक जिलाध्यक्षों से मांगी गई जमीनी रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने विधायकों और संगठन की जमीनी स्थिति की समीक्षा तेज कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने गोरखपुर में हुई बैठकों में विधायकों के सामने उनके क्षेत्रों से मिले feedback और internal survey से जुड़े मुद्दे रखे।
रिपोर्ट के मुताबिक तावड़े ने विधायकों से जनता के बीच उनकी मौजूदगी से लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार तक कई बिंदुओं पर बात की। जहां कमियां सामने आईं, वहां सुधार करने की नसीहत भी दी गई।

विधायकों के सामने रखा ‘रिपोर्ट कार्ड’

गोरखपुर में शुक्रवार को विनोद तावड़े ने संगठन से जुड़े अलग-अलग वर्गों के साथ कई बैठकें कीं।
इनमें विधायकों के कामकाज की भी समीक्षा हुई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक BJP द्वारा अलग-अलग चरणों में कराए गए आंतरिक सर्वे के आधार पर विधानसभा क्षेत्रवार feedback पर चर्चा की गई।
विधायकों को बताया गया कि उनके क्षेत्र में जनता के बीच उनकी सक्रियता और पार्टी कार्यकर्ताओं से उनके व्यवहार को लेकर कैसा feedback मिला है। तावड़े ने कमियों को दूर करने और जनता तथा कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया।

किन बातों पर हो रहा विधायकों का आकलन?

सामने आई जानकारी के मुताबिक BJP की समीक्षा केवल चुनावी जीत-हार तक सीमित नहीं है।
बैठकों में मुख्य तौर पर इन मुद्दों पर चर्चा हुई—
  • जनता के बीच विधायक की मौजूदगी
  • कार्यकर्ताओं से संवाद और व्यवहार
  • संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल
  • बूथ स्तर पर पार्टी की स्थिति
  • 2022 विधानसभा चुनाव का बूथवार प्रदर्शन
  • 2024 लोकसभा चुनाव के बूथवार नतीजे
  • जिन बूथों और सीटों पर पार्टी पिछड़ी, उसके कारण
  • स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक समीकरण
तावड़े ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि जिन बूथों पर पार्टी पीछे रही, उनकी अभी से समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाए।

62 विधानसभा सीटों पर BJP की नजर

गोरखपुर संगठनात्मक क्षेत्र में 62 विधानसभा सीटें आती हैं।
2022 के विधानसभा चुनाव में BJP और उसके सहयोगी इन 62 में से 37 सीटों पर जीते थे। रिपोर्ट के मुताबिक गोरखपुर मंडल में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा था, जबकि आजमगढ़ और बस्ती मंडल में कमजोर प्रदर्शन के कारणों पर भी चर्चा हुई।
तावड़े ने 62 विधानसभा क्षेत्रों से मिले feedback के आधार पर आगे की संगठनात्मक रणनीति पर भी मंथन किया।

15 अक्टूबर तक मांगी विधानसभा की रिपोर्ट

इस पूरी कवायद में एक और महत्वपूर्ण निर्देश सामने आया है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक विनोद तावड़े ने जिलाध्यक्षों से 15 अक्टूबर तक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट देने को कहा है।
इस रिपोर्ट में संगठन की स्थिति, स्थानीय राजनीतिक समीकरण और अंदरूनी खींचतान जैसे पहलुओं की जानकारी देने को कहा गया है। साथ ही किन नेताओं या समूहों से जुड़ने से संगठन को फायदा हो सकता है, इस पर भी जमीनी तथ्यों के आधार पर सुझाव मांगे गए हैं।

‘मेरे पास 403 विधानसभा सीटों का ब्योरा’

रिपोर्ट के मुताबिक तावड़े ने बैठक के दौरान यह भी कहा कि उनके पास उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों का ब्योरा है।
स्थानीय पदाधिकारियों से feedback लेने का उद्देश्य जमीनी स्थिति को और बेहतर तरीके से समझना बताया गया। जिलाध्यक्षों से स्थानीय गुटबाजी और आपसी खींचतान को लेकर गोपनीय रिपोर्ट भी मांगी गई है।

जनता के बीच रहने की नसीहत

विनोद तावड़े का जोर विधायकों और पार्टी नेताओं की जमीनी सक्रियता पर रहा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से चुनाव का इंतजार किए बिना अभी से जनता के बीच जाने को कहा। बूथ स्तर से मिलने वाली जानकारी के आधार पर स्थानीय मुद्दों को समझने और संगठन की आगे की गतिविधियां तय करने पर जोर दिया गया।
सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों से भी संगठन के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखने को कहा गया।

क्या खराब रिपोर्ट कार्ड वालों का कटेगा टिकट?

यही इस पूरी कवायद का सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल है।
पिछले दिनों मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि गोरखपुर क्षेत्र के 42 मौजूदा BJP विधायकों में 15 से अधिक का रिपोर्ट कार्ड आंतरिक सर्वे में संतोषजनक नहीं पाया गया। उसी रिपोर्ट में कमजोर प्रदर्शन वाले कुछ चेहरों को बदलने की संभावना भी जताई गई थी।
हालांकि इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
BJP ने अभी यह आधिकारिक घोषणा नहीं की है कि किन मौजूदा विधायकों का 2027 में टिकट कटेगा या किसे दोबारा उम्मीदवार बनाया जाएगा। इसलिए internal survey को सीधे टिकट मिलने या कटने की अंतिम सूची के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा।
वहीं विनोद तावड़े और राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल की मुलाकात में टिकट वितरण की प्रक्रिया और चुनावी तैयारियों पर चर्चा होने की पुष्टि भी सामने आई है।

2027 से पहले बूथ पर फोकस

BJP की मौजूदा कवायद से इतना स्पष्ट है कि पार्टी 2027 की तैयारी में विधानसभा क्षेत्रवार feedback, विधायकों की सक्रियता, संगठन से तालमेल और बूथ स्तर के प्रदर्शन को अहमियत दे रही है।
लेकिन टिकट को लेकर अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

About The Author

Advertisement

LatestNews

कौन हैं दीपांशु शौकीन? NSUI से टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय लड़े, DUSU में 30 हजार से ज्यादा वोट लेकर बने VP
DUSU Election Result 2026: ABVP ने 4 में से 3 पद जीते, यश डबास बने अध्यक्ष; निर्दलीय दीपांशु शौकीन VP
JDU की बैठक में क्यों नहीं पहुंचे ललन सिंह? उठे सवाल तो केंद्रीय मंत्री ने खुद बताई वजह
UP चुनाव 2027 से पहले BJP विधायकों का ‘रिपोर्ट कार्ड’, विनोद तावड़े ने सामने रखीं कमियां; एक-एक सीट पर मंथन
UP चुनाव 2027 से पहले सपा में शामिल हुए मयंक द्विवेदी, 2024 में BSP से लड़ा था लोकसभा चुनाव
‘इमरान खान को जेल से रिहा करो’, पूर्व ब्रिटिश PM बोरिस जॉनसन ने उठाई आवाज; असीम मुनीर को लेकर भी कही बड़ी बात
मिशन पर गई टीम लौटी ही नहीं, फिर पता चला चीन की हिरासत में है; अजीत डोभाल बोले- लगा करियर खत्म