दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की अहम बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR विवाद और चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त आंदोलन की रणनीति पर मंथन किया गया। बैठक में 20 से अधिक विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
चुनाव आयोग के खिलाफ एकजुट हुआ विपक्ष, ज्ञानेश कुमार को हटाने से लेकर सड़क पर आंदोलन तक बनी रणनीति
दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक के दौरान SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रणनीति पर चर्चा हुई।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 30 सितंबर 2026
खबर में खास
दिल्ली में INDIA गठबंधन की बड़ी बैठक
20 से ज्यादा विपक्षी दलों के नेता हुए शामिल
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर चर्चा
SIR के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की तैयारी
अखिलेश यादव, AAP और DMK बैठक में शामिल नहीं हुए
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष ने अपना अभियान तेज कर दिया है। दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में INDIA गठबंधन की अहम बैठक हुई, जिसमें 20 से अधिक विपक्षी दलों के नेताओं और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक का मुख्य एजेंडा SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, चुनाव आयोग के कामकाज और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगे की रणनीति तय करना रहा। विपक्षी दल उनके इस्तीफे की मांग के साथ देशभर में संयुक्त आंदोलन शुरू करने की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार को हटाने की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी दलों के बीच लोकसभा और राज्यसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव लाने पर भी चर्चा हो रही है। इस संबंध में एक मसौदा तैयार किए जाने की खबर है, जिसे INDIA गठबंधन के नेताओं के सामने विचार और मंजूरी के लिए रखा जाना है।
हालांकि, बैठक का अंतिम निर्णय सामने आने से पहले यह कहना सही नहीं होगा कि हटाने का प्रस्ताव औपचारिक रूप से पारित हो चुका है। फिलहाल विपक्ष इसे अपनी साझा रणनीति के प्रमुख विकल्प के रूप में देख रहा है।
कांग्रेस ने तेज किया हमला
यह बैठक कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के एक दिन बाद हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए उन पर केंद्र सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया था। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की है।
कांग्रेस का आरोप है कि SIR प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। पार्टी अब इन मुद्दों को INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहती है। ये विपक्ष के आरोप हैं, जिनका चुनाव आयोग और सरकार ने खंडन किया है।
बैठक में क्यों नहीं पहुंचे अखिलेश यादव?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं हुए। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के प्रत्याशियों के नामांकन से जुड़ी व्यस्तता के कारण वह दिल्ली नहीं पहुंच सके।
अखिलेश यादव की जगह समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और हरेंद्र मलिक को बैठक में भेजा गया। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि अखिलेश की गैरमौजूदगी को गठबंधन से नाराजगी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
AAP और DMK ने बनाई दूरी
आम आदमी पार्टी और DMK इस बैठक में शामिल नहीं हुईं। हालांकि, DMK ने संकेत दिया है कि वह संसद में ज्ञानेश कुमार को हटाने से संबंधित किसी प्रस्ताव का समर्थन कर सकती है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी मुद्दे पर विपक्ष का समर्थन करने का अर्थ INDIA गठबंधन में वापसी नहीं है।
AAP और DMK की अनुपस्थिति के कारण विपक्ष की एकजुटता पर सवाल जरूर उठ रहे हैं। इसके बावजूद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वाम दल, एनसीपी शरद पवार गुट और शिवसेना उद्धव गुट सहित कई विपक्षी दल बैठक का हिस्सा बने।
चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज
सरकार और चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। चुनाव आयोग का पक्ष है कि SIR प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार की जा रही है और आयोग के सदस्यों के बीच अलग-अलग राय होना संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है।
इसलिए विपक्ष के आरोपों को समाचार में दावे के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए। किसी कथित गड़बड़ी को जांच या न्यायिक निर्णय के बिना प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
दिल्ली की बैठक से स्पष्ट है कि विपक्ष अब SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे को संसद से सड़क तक ले जाने की तैयारी में है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर INDIA गठबंधन कितना एकजुट रहता है और बैठक से निकलने वाली रणनीति को कितने दलों का समर्थन मिलता है, यही इस अभियान की असली परीक्षा होगी।